ईरान जंग को एक महीने से ज्यादा समय हो गया है. अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान के साथ सीजफायर करना चाहता है. ट्रंप ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान जंग सुलझाने में लगे हैं.
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने निजी तौर पर वेंस को यह संदेश देने को कहा है कि वह सीजफायर के लिए तैयार हैं, बशर्तें अमेरिका की शर्तें मानी जाएं. इन शर्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना भी शामिल है. ट्रंप का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वेंस कुछ शर्तें तो हमारी मनवा ही लेंगे.
ऐसे में वेंस ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ट्रंप अब अधीर हो रहे हैं और चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है तो उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ाया जाएगा और यह तब तक किया जाएगा जब तक ईरान डील नहीं करेगा.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने हाल ही में ईरान से जुड़े मुद्दे पर मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहे हैं. इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक होर्मुज को दोबारा नहीं खोला जाता, तब तक किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा.
ट्रंप ने लिखा कि पेजेश्कियन ने अभी-अभी अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है. हम इस पर तभी विचार करेंगे जब होर्मुज खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित होगा. तब तक हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या जैसा वे कहते हैं, उसे पाषाण युग में भेज देंगे. हालांकि, ईरानी मीडिया ने देश के विदेश मंत्रालय के हवाले से ट्रंप के इस दावे को झूठा और निराधार बताया.
ईरान ने जोर देकर कहा है कि सीजफायर के लिए कोई बातचीत नहीं चल रही है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा था कि तेहरान युद्धविराम केवल तभी चाहेगा जब उसके विरोधी यह गारंटी दें कि हमले दोबारा शुरू नहीं होंगे. ईरान की आईआरजीसी ने बुधवार को कहा कि होर्मुज,देश के दुश्मनों के लिए बंद रहेगा. गार्ड्स ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने खाड़ी में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिसे उन्होंने इजरायल का बताया.
तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रंप पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. वह बहुत अस्थिर और अजीब शख्स हैं. उनके बयान को बहुत महत्व नहीं दिया जाना चाहिए.
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे देश को संबोधित करने जा रहे हैं. इस दौरान वे ईरान जंग को लेकर बातचीत कर सकते हैं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वे क्या ऐलान करेंगे.