ईरान जंग अभी भी बदस्तूर जारी है. 28 मार्च को इस जंग को एक महीना हो जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार बयानबाजी कर रहे हैं कि ईरान इस युद्ध को खत्म करने चाहता है. लेकिन अब एक बार फिर ईरान ने दो टूक कह दिया है कि वह इस युद्ध को तभी समाप्त करेगा, जब उसकी शर्तें पूरी होंगी.
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की समयसीमा तय करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से खारिज कर दिया है और अमेरिकी प्रस्ताव को एकतरफा बताया है.
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान ने युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की है, लेकिन उसकी शर्तें उसे स्वीकार्य नहीं हैं. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव पर ईरान की शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं है, हालांकि इस पर अभी विचार किया जा रहा है.
तेहरान ने स्पष्ट किया कि युद्ध खत्म करने का फैसला पूरी तरह ईरान के हाथ में है. ईरान ने साफ कहा कि हम ट्रंप को युद्ध समाप्ति का समय तय करने की अनुमति नहीं देंगे और तभी संघर्षविराम पर सहमत होंगे जब हमारी सभी शर्तें पूरी तरह मानी जाएंगी.
क्या है ईरान की 5 शर्तें?
- दुश्मन की ओर से हमला और हत्याएं पूरी तरह रोकना.
- ऐसा मैकेनिज्म तैयार करना, जिसके तहत ईरान पर दोबारा युद्ध थोपा ना जा सके.
- युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और मुआवजे के भुगतान की स्पष्ट और गारंटीयुक्त व्यवस्था.
- पूरे क्षेत्र में शामिल सभी मोर्चों और सभी प्रतिरोधी समूहों के लिए युद्ध का पूर्ण समापन.
- होर्मुज पर अपने अधिकार के प्रयोग को लेकर ईरान के संप्रभु अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता और गारंटी.
ईरान ने अपनी प्रमुख मांगों में होर्मुज पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की बात कही है, जिसे उन्होंने अपना स्वाभाविक और कानूनी अधिकार बताया है. इसके साथ ही उसने युद्ध में हुए नुकसान की जिम्मेदारी तय करने और मुआवजे की गारंटी की भी मांग की है.
इसके अलावा, ईरान ने भविष्य में ऐसे किसी युद्ध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस आश्वासन मांगे हैं. उसने यह भी कहा कि वह न केवल अपने खिलाफ युद्ध समाप्त करना चाहता है, बल्कि क्षेत्र में अन्य प्रतिरोधी समूहों के खिलाफ जारी संघर्ष भी खत्म होना चाहिए.
तेहरान ने जोर देकर कहा कि उसकी रक्षात्मक कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उसकी सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं. अपने रुख को दोहराते हुए ईरान ने कहा कि वह युद्ध को केवल अपनी शर्तों और अपनी तय समयसीमा पर ही समाप्त करेगा.
पाकिस्तान ने अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया
ईरान का यह बयान उस समय आया है, जब पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से अमेरिका के 15 प्वॉइंट वाले युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया है. यह मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच बैकचैनल कूटनीति का एक अहम कदम माना जा रहा है.
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रस्ताव में तनाव कम करने के लिए एक व्यापक ढांचा शामिल है. इसके मुख्य बिंदुओं में ईरान पर कुछ प्रतिबंधों में ढील, उसके मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की कड़ी निगरानी में उसके परमाणु कार्यक्रम को पीछे लेना शामिल है.
इसके अलावा, प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय निगरानी के तहत नागरिक परमाणु सहयोग और होर्मुज से सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है. इसके बदले में अमेरिका लगभग एक महीने के अस्थायी युद्धविराम की मांग कर रहा है, ताकि औपचारिक वार्ता के लिए समय मिल सके.
योजना की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1,000 सैनिकों को मध्य पूर्व भेजा जाएगा. ये पैराट्रूपर्स ऐसे सैनिक होते हैं जो दुश्मन या विवादित क्षेत्रों में कूदकर महत्वपूर्ण इलाकों और हवाई अड्डों पर कब्जा करने के लिए प्रशिक्षित होते हैं. इसके अलावा, पेंटागन लगभग 5,000 और मरीन सैनिकों को भी भेजने की प्रक्रिया में है, जो समुद्री हमलों में विशेषज्ञ होते हैं, साथ ही हजारों नाविकों को भी इस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा.