अमेरिका-ईरान के बीच बीते 40 दिनों से चल रही जंग अस्थाई तौर पर थम गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के सीजफायर का ऐलान किया. लेकिन इसके बावजूद कुवैत से लेकर लेबनान और ईरान में मिसाइल अटैक की खबरें आ रही हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यह सीजफायर कितना लंबा चल पाएगा और आगे क्या होगा?
इसका सीधा सा जवाब यह मिलता नजर आ रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत के लिए पाकिस्तान अहम लोकेशन होने जा रही है. दोनों मुल्कों के प्रतिनिध पाकिस्तान में आगे की वार्ता करेंगे. इस संबंध में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बयान भी दिया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि अमेरिका और ईरान का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंच रहा है.
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहका कि जैसे ही हम इस्लामाबाद वार्ता की ओर आगे बढ़ रहे हैं. मैं हमारे भाईचारे वाले देशों चीन, सऊदी अरब, तुर्किए, मिस्र और कतर का सच्चे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने सीजफायर तक पहुंचने और शांतिपूर्ण कूटनीतिक प्रयासों को अंजाम तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया.
शरीफ ने कहा कि मैं खाड़ी सहयोग परिषद के देशों का भी गहराई से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके निरंतर समर्थन और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से हमारे प्रयासों को मदद मिली. इन देशों ने और अमेरिका के नेतृत्व ने शांति को एक अवसर देने में असाधारण रणनीतिक दूरदर्शिता, विवेक और धैर्य का परिचय दिया है. मैं दुनियाभर में हमारे सभी साझेदारों और दोस्तों का भी आभार जताता हूं, जिन्होंने आगे बढ़कर वैश्विक शांति के लिए पाकिस्तान के ईमानदार प्रयासों को सराहा है. आइए हम सब मिलकर क्षेत्र और इससे इतर स्थाई शांति स्थापित करने की दिशा में काम करें.
वहीं, व्हाइट हाउस का कहना है कि अभी वार्ता की योजनाओं पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. बयान में कहा गया कि ईरान को लेकर आमने-सामने की वार्ता की योजनाओं पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.
यह पूछने पर कि क्या अमेरिका-ईरान वार्ता में जेडी वेंस शामिल होंगे.क इस पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लैविट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने वार्ता होगी. इसे लेकर चर्चा चल रही है. लेकिन अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति ट्रंप या व्हाइट हाउस ही लेगा. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस समय हंगरी में हैं, जहां वे आगामी चुनावों से पहले प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बान का समर्थन कर रहे हैं.