पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संसद में घोषणा की है कि पाकिस्तान स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर साइनिंग सेरेमनी (हस्ताक्षर समारोह) की मेजबानी करेगा.
शहबाज शरीफ ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा, यह सिर्फ दो देशों के बीच का समझौता नहीं है, बल्कि यह शांति और बातचीत की सफलता है. एक डिप्लोमैटिक सक्सेस है. उन्होंने आगे कहा कि इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा ढांचे के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया था.
इसके साथ ही, शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का गुणगान करते हुए कहा कि उन्होंने इस युद्ध की आग को बुझाने और शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाई है.
शहबाज ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को शांति की दिशा में एक हिस्टोरिक माइलस्टोन बताया. उन्होंने उस नई शुरुआत की सराहना की जो तीन महीने और 16 दिनों की कई कोशिशों के बाद हुई, जब अमेरिका और ईरान ने लेबनान सहित सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की.
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उन्होंने कहा कि बातचीत की पूरी प्रक्रिया के दौरान, अमेरिका और ईरान दोनों के नेतृत्व ने मुश्किल हालात में धैर्य और समझदारी दिखाई. नतीजतन, पूरी दुनिया इस महान दिन की गवाह बनी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान ने अपने 107 दिन के युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया था.
पीएम शहबाज ने की आसिम मुनीर की सराहना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के अनुसार, शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाने हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 19 जून को जेनेवा में इस ऐतिहासिक समझौते के हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, आज का दिन न केवल पाकिस्तान में रहने वालों के लिए, बल्कि दुनिया भर में रहने वाले पाकिस्तानियों के लिए भी गर्व का दिन है.
शहबाज शरीफ ने कहा, मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार इस शांति समझौते से मिलने वाली वैश्विक आर्थिक स्थिरता का लाभ हर पाकिस्तानी तक पहुंचाएगी. उन्होंने कहा कि इस युद्ध के विनाशकारी प्रभावों ने पूरी दुनिया और उसकी अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर डाला, जो अभी भी जारी है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बातचीत के दौरान पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका की सराहना करते हुए पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि फील्ड मार्शल ने इस युद्ध की आग को बुझाने और शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कई ऐसे मौके आए जब लगा कि मामला जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन मुनीर ने हिम्मत नहीं हारी, जिसके परिणामस्वरूप कल रात युद्धविराम की घोषणा की गई.