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डील की 14 शर्तों में कितनी US के पक्ष में, कितनी ईरान के पक्ष में... दोनों के लिए विन-विन सिचुएशन!

100 दिन से ज्यादा चले संघर्ष के बाद अमेरिका-ईरान समझौते पर सहमति बन चुकी है. सीजफायर, प्रतिबंधों में राहत और परमाणु नियंत्रण पर आगे बातचीत का रास्ता खुल गया है.

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100 दिनों से ज्यादा दिन तक चले संघर्ष के बाद सीजफायर (File Photo: ITG)
100 दिनों से ज्यादा दिन तक चले संघर्ष के बाद सीजफायर (File Photo: ITG)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि इस शुक्रवार को ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. यह घोषणा इस हफ्ते आए कई बयानों के बाद की गई है, जिनसे 100 से ज्यादा दिनों तक चली जंग के बाद सीजफायर समझौते के संकेत मिले थे. तेहरान ने भी इस ऐलान की पुष्टि करते हुए कहा है कि युद्ध को सोमवार को खत्म घोषित कर दिया जाएगा. यह युद्ध 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुआ था.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस डील का ऐलान सबसे पहले किया. इसके कुछ वक्त बाद ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में इस खबर की पुष्टि करते हुए लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है."

इससे पहले, ट्रंप ने 'द वॉशिंगटन पोस्ट' को बताया था कि वे जल्द ही अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं.

ईरान के पक्ष में क्या?

  • तेल और पेट्रोकेमिकल्स पर प्रतिबंध हटेगा.
  • वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बहाल की जाएगी.
  • 24 अरब डॉलर के फ्रीज फंड जारी किया जाएगा.
  • पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की योजनाएं.
  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सीजफायर.
  • ईरान की संप्रभुता का सम्मान.
  • नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी.
  • इलाके से अमेरिकी सेनाओं की वापसी.

अमेरिका को क्या फायदा?

  • ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा.
  • निगरानी तंत्र और यूएन सिक्टोरियी काउंसिल की मंजूरी.
  • 60 दिन की बातचीत के दौरान परमाणु समझौते पर बात आगे बढ़ी.

दोनों के लिए फायदेमंद शर्तें

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  • होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोला जाएगा.
  • बातचीत के दौरान नई पाबंदियां या सैन्य विस्तार नहीं होगा.
  • 60 दिन की वार्ता प्रक्रिया शुरू करना.

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति बनाने की कोशिशों में शामिल कतर का एक डेलिगेशन कूटनीतिक बातचीत के बाद तेहरान से रवाना हो गया है. अल जजीरा के ओसामा बिन जावेद के मुताबिक, दोहा लौटने से पहले डेलिगेशन ने समझौते को अंतिम रूप देने में मदद के लिए ईरान की राजधानी में बातचीत में करीब 17 घंटे बिताए.

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