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ट्रंप को कोर्ट से झटका, फेडरल जज ने वीजा कैप नियम पर लगाई रोक, छात्रों और पत्रकारों को मिली राहत

अमेरिका के बोस्टन में संघीय न्यायाधीश एफ. डेनिस सेलॉर ने ट्रंप प्रशासन के वीजा कैप नियम पर रोक लगा दी है. न्यायाधीश ने कहा कि ये बदलाव दशकों पुरानी व्यवस्था पलट देगा और इससे हार्वर्ड व एमआईटी जैसे विश्वविद्यालयों में अमेरिकी एजुकेशन सिस्टम और अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता था.

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फेडरल जज ने ट्रंप के वीजा कैप नियम पर लगाई रोक.(File Photo- ITGD)
फेडरल जज ने ट्रंप के वीजा कैप नियम पर लगाई रोक.(File Photo- ITGD)

अमेरिका स्थित बोस्टन के एक संघीय न्यायाधीश ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन के उस नए नियम पर रोक लगा दी जो विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के बिना एक्सटेंशन अमेरिका में रहने की अवधि सीमित करता.

अमेरिकी जिला जज एफ. डेनिस सेलॉर ने यूनियनों और उच्च शिक्षा की वकालत करने वाले समूहों के गठबंधन के पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट का ये फैसला डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के नियम के लागू होने से ठीक एक दिन पहले आया है.

दशकों पुराने नियम बदलने की कोशिश

जज ने कहा कि विभाग ने इस नियम को बनाते समय बहुत कमजोर तर्क दिए और ये फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा तथा धोखाधड़ी रोकने के नाम पर करीब पांच दशक पुरानी व्यवस्था को पलट रहा था.

जज सेलर ने कहा कि डीएचएस ने वीजा सिस्टम में धोखाधड़ी रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया था, लेकिन विभाग ने नियम बदलने से जुड़ी समस्याओं को ठीक से नहीं देखा और आसान विकल्पों पर भी विचार नहीं किया.


पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा नियुक्त जज ने कहा कि ये नियम अमेरिका की उस पांच दशक पुरानी व्यवस्था को पलट देता, जिसके तहत विदेशी छात्र अपने कोर्स की पूरी अवधि तक देश में रह सकते और काम कर सके. इस व्यवस्था से करोड़ों छात्रों और शोधकर्ताओं को साइंस, मेडिकल, टेक्लोलॉजी में तरक्की हुई और देश की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा हुआ.

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क्या था नया नियम

जुलाई में DHS द्वारा लाए गए नियम में अमेरिका में रहने की एक निश्चित समयसीमा तय करने का प्रस्ताव था. इसके तहत विदेशी छात्रों के एफ (F) वीजा और सांस्कृतिक एक्सचेंज विजिटर्स के जे (J) वीजा को अधिकतम चार साल तक सीमित किया जाना था.

वहीं, विदेशी पत्रकारों को दिए जाने वाले आई (I) वीजा जो कई वर्षों तक मान्य रहते हैं, उन्हें घटाकर केवल 240 दिनों तक सीमित करने का प्रावधान था.

यूनिवर्सिटीज को हो सकता था नुकसान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में करीब 16 लाख लोग एफ वीजा और 5 लाख लोग जे वीजा धारक हैं. जज ने चेतावनी दी कि नई नीति के कारण बड़े विश्वविद्यालयों में एडमिशन (दाखिले) कम हो सकते हैं और उन्हें करोड़ों डॉलर का नुकसान हो सकता है.

जज फैसला सुनाते हुए कहा कि एमआईटी और हार्वर्ड जैसे प्रमुख रिसर्च विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर बड़ी संख्या में विदेशी छात्र पढ़ते हैं. जज ने लिखा कि अमेरिकी हाई एजुकेशन सिस्टम और अर्थव्यवस्था को होने वाला नुकसान विनाशकारी हो सकता है.

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