यूक्रेन ने शनिवार को रूस के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए. रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हमलों में मॉस्को के पास स्थित दो बड़े वेयरहाउस, एक तेल डिपो और अन्य कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन ने देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज़ (Wildberries) के दो बड़े वेयरहाउसों पर हमला किया.
इनमें से एक तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क में और दूसरा मॉस्को से करीब 50 किलोमीटर पहले स्थित एलेक्ट्रोस्टाल शहर में है. दोनों जगह आग लग गई. कोतोव्स्क के वेयरहाउस में रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए. इसके अलावा, मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क शहर में एक तेल डिपो पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां भीषण आग लग गई. एहतियात के तौर पर पास के एक मातृत्व अस्पताल और एक आवासीय इमारत को खाली कराया गया.
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ड्रोन का मलबा एक किंडरगार्टन पर भी गिरा, जिससे आग लगी, हालांकि बाद में उस पर काबू पा लिया गया. मॉस्को क्षेत्र में कुल 37 लोग घायल हुए, जिनमें से एक की बाद में अस्पताल में मौत हो गई. रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में शनिवार दोपहर हुए एक अन्य ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य घायल हो गया. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को और तांबोव क्षेत्रों में स्थित दो महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाने की पुष्टि की. उनके मुताबिक, इन ठिकानों का इस्तेमाल रूस प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति और ड्रोन और नेविगेशन उपकरणों के निर्माण के लिए कर रहा था.
जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि एक तेल डिपो को भी निशाना बनाया गया. यूक्रेन की सेना ने कहा कि उसने नोगिंस्क के उस ईंधन डिपो पर हमला किया, जो रूसी सेना को ईंधन उपलब्ध कराता था. इसके अलावा, ब्लैक सी और आज़ोव सागर में दो टैंकर, दो फ्लोटिंग क्रेन और एक टगबोट को भी निशाना बनाया गया. सेना का दावा है कि इन जहाजों का इस्तेमाल तेल, ईंधन और सैन्य सामान की ढुलाई में किया जा रहा था. वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 379 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए.
मंत्रालय के अनुसार, ये ड्रोन रूस के 19 क्षेत्रों, क्रीमिया, आज़ोव सागर और ब्लैक सी के ऊपर उड़ रहे थे. यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और दोनों देशों के बीच ड्रोन तथा मिसाइल हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं.