हर्षद चोपड़ा टीवी के सबसे डैशिंग एक्टर्स में से एक हैं. इन दिनों वो लॉक अप रियलिटी शो में नजर आ रहे हैं, जहां उनकी अपनी को-स्टार शिवांगी जोशी से खूब बन रही है. समय-समय पर हर्षद अपना गेम दिखाते रहते हैं. इस हफ्ते वो शो से बाहर जाने के लिए रिस्क पर थे, मगर उन्होंने अपनी जिंदगी का एक सीक्रेट शेयर करके खुद को बचा लिया.
हर्षद चोपड़ा ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ा एक बहुत बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वो जब मुंबई पहली बार आए थे, तब उनकी एक गर्लफ्रेंड बनी थी. ये उनका पहला प्यार था, जिसके टूट जाने के बाद उन्हें बड़ी तकलीफ हुई. वो इतने दर्द में थे कि खुद को खत्म करने का मन बना चुके थे. हर्षद ने सुसाइड करने की कोशिश की थी.
पहले प्यार की हार्टब्रेकिंग स्टोरी
शो पर हर्षद ने कहा- मेरी लाइफ का ब्रेकिंग पॉइंट पहला रिलेशनशिप था. हमारे बीच कुछ हो गया था, जिससे वो नाराज थी. उस लड़की ने मुझे फोन करके बताया कि मैं कहीं हूं और किसी दूसरे के साथ हूं. मैं उस दौरान जो फील कर रहा था, वो मैं नहीं करना चाहता था. तब मुझे कुछ समझ नहीं आया, तो मैंने अपना हाथ काट लिया था.
'उसके निशान मेरे हाथ पर अब भी हैं. इसके बावजूद मुझे कुछ नहीं हुआ. मैं उठा, थोड़ा डर गया था और जैसे-तैसे करके हॉस्पिटल पहुंचा जहां मेरा इलाज हुआ. पहले तो उन्होंने इलाज करने से मना किया क्योंकि उन्हें कहा कि ये पुलिस केस है, वगैराह. फिर मैंने बहुत हाथ-पैर जोड़े कि प्लीज मुझे बचा लीजिए. उसके बाद अकल आई कि ये सबकुछ नहीं करना है, कभी खुद को नुकसान नहीं पहुंचाना है.'
हर्षद चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने ये राज अपने पिता से भी छिपाकर रखा था. वो तब महज 22-23 साल के थे और मुंबई में अपना करियर बनाने आए थे, तभी उनके साथ ऐसा हादसा हुआ. उनका रिलेशनशिप 8-9 महीने तक चला था, जिसके खत्म होने से वो पूरी तरह टूट चुके थे. वो खुद को नुकसान पहुंचाकर इतना दर्द झेलना चाहते थे कि रिश्ता टूटने का दर्द कम हो सके. हालांकि एक्टर ने ये भी बताया कि इस पूरे हादसे के बाद, वो लड़की उनकी जिंदगी में वापस भी आई.
रितेश ने की लोगों से अपील
हर्षद की बातें सुनकर वहां मौजूद रितेश देशमुख ने ऑडियंस को भी एक सलाह दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई किसी से प्यार करता है, तो उसके टूट जाने के बाद खुद को नुकसान ना पहुंचाए. वो किसी से जाकर बात करें, खुद को चोट ना पहुंचाएं. हर्षद चोपड़ा ने अंत में कहा कि तब उन्होंने बेवकूफी में ऐसा कदम उठाया था. अगर वो उस वक्त नहीं बचते, तो आज जिंदा नहीं होते.