ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की कंजरवेटिव पार्टी ने आम चुनाव में पहले के तमाम अनुमानों को गलत साबित करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया है और ऐसे में पिछली बार इस बार अकेली कंजरवेटिव पार्टी की सरकार का नेतृत्व करेंगे.
कैमरन के करिश्माई नेतृत्व में कंजरवेटिव को 650 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमंस में 327 सीटें मिली हैं. इस तरह से उन्होंने जरूरी बहुमत के आंकड़े 326 को पार कर लिया है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने पार्टी मुख्यालय में जश्न में सराबोर अपने समर्थकों से कहा, ‘यह सभी के लिए सबसे सुखद जीत है.’ साल 2010 के आम चुनाव में खंडित जनादेश आने के बाद कैमरन ने सरकार बनाई थी. इस बार ऐसी नौबत नहीं है.
ब्रिटेन के आम चुनाव में दलगत स्थिति इस तरह है:
कुल सीटें: 650
कंजरवेटिव पार्टी: 331
लेबर पार्टी: 232
एसएनपी: 56
लिबरल डेमोक्रेट: 8
डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी: 8
अन्य: 15
मोदी ने दी बधाई
दोपहर में कैमरन ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मुलाकात की और फिर 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर कहा, ‘हम अपने देश में कुछ विशेष करने के नजदीक हैं. बहुमत की सरकार के साथ हम अपने घोषणापत्र को पूरी तरह से लागू करने में सक्षम होंगे.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैमरन को सबसे पहले बधाई देने वाले अंतरराष्ट्रीय नेताओं में शामिल रहे. उन्होंने अपने चुनावी नारे की पृष्ठभूमि में फेसबुक पर टिप्पणी की, ‘आपने सही कहा है, फिर से एक बार, कैमरन सरकार..मेरी शुभकामनाएं.’
Congratulations . As you rightly pointed out- its "Phir Ek Baar, Cameron Sarkar!" My best wishes.
— Narendra Modi (@narendramodi) Here's to a brighter future for everyone.
— David Cameron (@David_Cameron)
ब्रिटेन में चुनाव से पहले सभी सर्वेक्षणों में कहा जा रहा था कि कंजरवेटिव और लेबर पार्टी के बीच कांटे का मुकाबला होने जा रहा है. ऐसे में फिर से गठबंधन सरकार बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं. मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी को लगातार दूसरे आम चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है. उसने इस बार 232 सीटें जीती हैं. हार के कारण पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार एड मिलिबैंड ने लेबर पार्टी के नेता का पद छोड़ दिया है.
स्कॉटलैंड से चौंकाने वाले नतीजे
मिलिबैंड ने कहा, ‘नतीजों की पूरी जिम्मेदारी मेरी है. वह समय आ गया है जब कोई दूसरा पार्टी के हित को आगे बढ़ाए.’ पिछले चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली लिबरल डेमोक्रेट इस चुनाव में हाशिए पर चली गई. उसे इस बार सिर्फ आठ सीटें मिली हैं, जबकि साल 2010 के आम चुनाव में उसने 57 सीटें जीती थीं.
स्कॉटलैंड से सबसे चौंकाने वाले नतीजे आए हैं. अलग स्कॉटलैंड राष्ट्र की समर्थक स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 56 सीटें जीती हैं, जो पिछली बार के मुकाबले 50 ज्यादा हैं.
एसएनपी की जीत को प्रधानमंत्री कैमरन के लिए आने वाले समय में मुश्किलें पैदा करने वाला माना जा रहा है. कैमरन ने स्कॉटलैंड और वेल्स को तेजी से सत्ता विक्रेंद्रित करने का वादा किया है.
यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की पैरवी करने वाले यूके इंडिपेंडेंट पार्टी (यूकेआईपी) को सिर्फ एक सीट मिली है.
कैमरन ने कहा, ‘जश्न मनाने का वास्तविक कारण, गर्व करने का वास्तविक कारण और उत्साहित होने का कारण यह है कि हमें अपने देश की सेवा करने का फिर से मौका मिल रहा है. ’