मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति का पुरजोर समर्थन किया है. 'मीट द प्रेस' (NBC) को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि ट्रंप द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की धमकी एक सोची-समझी रणनीति है.
बेसेंट से जब ट्रंप के पिछले हफ्ते वाले बयान (युद्ध कम करने की बात) और मौजूदा 'अल्टीमेटम' के विरोधाभास पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कभी-कभी युद्ध को रोकने के लिए तनाव बढ़ाना जरूरी होता है." उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं.
ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए बेसेंट ने दावा किया कि ईरान का 'कमांड और कंट्रोल सिस्टम' पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. उन्होंने कहा, 'यह हिटलर के बंकर जैसा हाल है. हिटलर मर चुका है, हिमलर और गोयरिंग भी खत्म हो चुके हैं. अब जो आप देख रहे हैं, वह सिर्फ अलग-थलग पड़ चुके लोगों की छिटपुट गतिविधियां हैं.'
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जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा के लिए सेना भेज सकता है, तो उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने सभी विकल्प खुले रखे हैं. यानी जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकता है.
दरअसल ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 48 घंटे के अंदर नहीं खोला तो अमेरिका उसके पॉवर प्लांट पर अटैक कर उन्हें तबाह कर देगा. इस पर ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि वह फिर होर्मुज को पूरी तरह बंद कर देगा.