स्मृति जुबिन ईरानी (Smriti Zubin Irani) एक अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं. 17 अगस्त 2026 को उन्हें 'राष्ट्रीय महासचिव' की जिम्मेदारी दी गई.
स्मृति ईरानी 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्य बनीं (Bhartiya Janta Party).उन्हें बीजेपी यूथ विंग का अध्यक्ष बनीं. स्मृति 2010 में राष्ट्रीय सचिव (national secretary) बनीं और भाजपा की महिला शाखा (women's wing of BJP) की अगुवाई की. वे 2011 में गुजरात से राज्य सभा के लिए चुनकर संसद सदस्य बनीं (Rajya Sabha from Gujarat). ईरानी ने 2014 आम चुनाव में राहुल गांधी के पारंपरिक चुनाव क्षेत्र अमेठी (Amethi) से उनके खिलाफ चुनाव लड़ा, वह चुनाव हार गईं.
2019 में उन्होंने अमेठी चुनाव क्षेत्र से राहुल गांधी को पराजित किया. वह एनडीए सरकार (NDA Government) के दूसरे कार्यकाल में महिला और बाल विकास मंत्री (union minister for women and child development) बनीं.
2000 के दशक की शुरुआत में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ (Kyoki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi) धारावाहिक में ‘तुलसी’ (Tulsi) का किरदार निभाकर हर घर में लोकप्रिय हो गईं. उनका जन्म 23 मार्च 1976 को अजय कुमार मल्होत्रा और शिबानी बागची के घर हुआ था (Smriti Irani Family). स्मृति की स्कूली शिक्षा होली चाइल्ड ऑक्जीलियम स्कूल, नई दिल्ली (Holy Child Auxilium School) से हुई, इसके बाद आगे की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से की (Smriti Irani educaton). साल 2001 में उन्होंने पारसी बिजनेसमैन जुबिन ईरानी (Zubin Irani) से शादी की (Smriti Irani Husband). इनके दो बच्चे, बेटा जोहर और बेटी जोइश हैं (Smriti Irani son daughter).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @smritiirani है और उनके ऑफिशियल फेसबुक पेज का नाम @Smriti.Irani.Official है. वे इंस्टग्राम पर smritiiraniofficial यूजरनेम से एक्टिव हैं.
लोकसभा में राहुल गांधी के आरएसएस को एंटी वुमन बताने वाले बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है. स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान महिलाओं के प्रति असम्मान दर्शाते हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की है और समाज को उन्हें दरकिनार कर देना चाहिए.
बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर चुनावों के बजाय विरोध-प्रदर्शनों के जरिए 'सत्ता परिवर्तन' हासिल करने का आरोप लगाया. इंडिया टुडे के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि वे पारदर्शिता नहीं चाहते. वे जवाब नहीं चाहते. वे बस रिजीम चेंज चाहते हैं.
स्मृति ईरानी ने अमेठी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता वर्षों तक विपक्ष में रहकर भी हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते रहे हैं. भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता ने कभी देश या संविधान का अनादर नहीं किया है. उन्होंने लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक देश में देशभक्त नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद हैं, तब तक कोई भी भारत के लोकतंत्र का अपमान नहीं कर सकता.
अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के गौरीगंज स्थित आवास को नया नाम मिला है. मेदन मवई में बने उनके घर के मुख्य द्वार पर अब 'माधव भवन' का बोर्ड लगाया गया है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इस आवास का निर्माण कराया गया था. राकेश प्रताप सिंह के सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के बाद स्मृति ईरानी के यहां पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है.
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी में सपा और कांग्रेस पर हमला किया. उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी की हार तय है. वहीं राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा, 'जो बिना किसी के सहारे अपने क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ पाते, वो अब देश की राजधानी में लगभग 14 राजनीतिक दलों को इकट्ठा कर रहे हैं.'
स्मृति ईरानी एक बार फिर बीजेपी की सियासत में चर्चा के केंद्र में हैं। राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद उन्हें हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है.अब यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में भी उनका नाम सामने आया है. इसी बीच SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी सियासी टकराव में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है.. उन्होंने अलग-अलग राज्यों में चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए हैं.
भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है. स्मृति ईरानी का कहना है कि चुनाव में बार-बार मिल रही हार की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस अब सीधे चुनाव आयोग पर निशाना साध रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है या वहां उन्हें क्लीन चिट देती है.
Smriti Irani Vs Rahul Gandhi on EC: चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने हैं. कांग्रेस की CWC बैठक में राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को फर्जी बताया और EVM में हेरफेर व वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया. राहुल ने विपक्षी दलों के साथ शांतिपूर्ण विरोध की बात कही. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी में हलचल तेज हो गई है. बीजेपी में कई बड़े नेताओं के नामों पर चर्चा के बीच उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. वहीं, समाजवादी पार्टी भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी में जुटी है.
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और 16 अक्टूबर को मतदान होगा. बीजेपी की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन जारी है, जबकि समाजवादी पार्टी तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है. दोनों दलों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर बैठकों का दौर जारी है.
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में छठ पूजा की भावुक झलक ने दर्शकों का दिल जीत लिया है. फैंस ने एकता कपूर की इस पहल की खूब सराहना की है, जिससे बिहार के लोक पर्व छठ की आस्था को दर्शकों तक पहुंचाया गया है.
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने जा रहे चुनाव को लेकर भाजपा में टिकटों की रेस तेज हो गई है. 8 सीटों पर जीत तय मान रही भाजपा में केंद्रीय मंत्रियों की वापसी के साथ-साथ स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी जैसे नए दिग्गजों की लॉटरी लगने और कई मौजूदा सांसदों के पत्ता कटने के आसार हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की टीम का ऐलान कर दिया है. इस संगठनात्मक फेरबदल में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है.
बीजेपी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है. स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़, सुनील बंसल को बंगाल-तेलंगाना और विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी मिली है. राम माधव समेत कई नेताओं को भी अहम राज्यों का प्रभार दिया गया है.
बीजेपी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है. स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़, सुनील बंसल को बंगाल-तेलंगाना और विनोद तावड़े को यूपी की जिम्मेदारी मिली है. वहीं बिहार के कई नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. हरीश द्विवेदी बिहार प्रभारी बनाए गए हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को मजबूती देने के लिए नए राज्य प्रभारियों का ऐलान कर दिया है. बीजेपी के इस बड़े फैसले के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा मध्य प्रदेश की कमान विप्लव देव को सौंपी गई है, जबकि महाराष्ट्र का प्रभारी बैजयंत पांडा को बनाया गया है. बीजेपी की इस नई टीम में कई अहम चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां मिली हैं. संघ से वापसी करने वाले राम माधव को तमिलनाडु के साथ-साथ उत्तराखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है. उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी यह नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसके साथ ही सुनील बंसल पश्चिम बंगाल के प्रभारी बने रहेंगे और अमित मालवीय को भी महत्वपूर्ण प्रभार मिला है. पंजाब में सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है, जो एक जाट नेता हैं और पंजाब व हरियाणा के चुनावी समीकरणों में फिट बैठते हैं. हरीश द्विवेदी को बिहार और कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है. इस प्रकार कई वरिष्ठ नेताओं को दो-दो राज्यों का प्रभार दिया गया है क्योंकि महासचिव पद के नेताओं का कद संगठन में बहुत बड़ा होता है. पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों और सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बहुत सोच-समझकर इन नामों की घोषणा की है. बीजेपी की इस नई रणनीति से राज्यों में सांगठनिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के सिपहसलार स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, राम माधव और अनिल एंटनी समेत 6 प्रमुख नेताओं को अलग-अलग राज्यों का प्रभार सौंपा गया है. संगठन में इन दिग्गज और युवा चेहरों को चुनावी और रणनीतिक राज्यों की कमान मिलने से पार्टी में उनका सियासी कद और मजबूत हो गया है.
राखी सावंत के कंगना रनौत और स्मृति ईरानी पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट के बाद विवाद बढ़ गया है. कंगना ने सोशल मीडिया पर राखी को जवाब देते हुए कहा कि सफलता के लिए सिर्फ सिफारिश नहीं, बल्कि प्रतिभा और योग्यता भी जरूरी है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
लंबे वक्त तक टेलीविजन से दूर रहने के बाद अभिनय की दुनिया में लौटना आसान फैसला नहीं था. कभी छोटे पर्दे के सबसे बड़े चेहरों में शुमार रहीं स्मृति के लिए दोबारा कैमरे के सामने खड़ा होना एक नई शुरुआत जैसा था. लेकिन उनका कहना है कि अपने पुराने पेशे में लौटना जितना मुश्किल उन्हें लग रहा था, असल में उतना था नहीं. बल्कि इस वापसी ने उन्हें एक तरह की आजादी का एहसास कराया.
लखनऊ में सोमवार को बीजेपी, सपा और बसपा की बड़ी बैठकों के साथ उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सत्ता पर वर्चस्व कायम रखने के लिए बीजेपी बूथ स्तर की किलेबंदी में जुटी है, तो वहीं सपा और बसपा अपने-अपने सांगठनिक समीकरणों को साधकर सियासी वनवास खत्म करने का रोडमैप तैयार कर रही हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली में नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्रियों के साथ तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की. बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, रणनीति और संगठनात्मक तालमेल पर चर्चा हुई. वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और सतीश पूनिया समेत कई नेता इस दौरान मौजूद थे.