सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक के बाद एक कई धमाके हुए हैं. इन धमाको में शहर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ एक बड़ा धमाका भी शामिल है. इस हमले का बड़ा असर हुआ है. फ्लाइट-ट्रैकिंग सर्विस 'फ्लाइटराडार24' ने गुरुवार को एक्स पर बताया कि रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट "फिर से बंद" हो गया है. यहां आखिरी लैंडिंग 80 मिनट से ज़्यादा समय पहले हुई थी. आखिरी टेक-ऑफ भी 90 मिनट से ज़्यादा समय पहले हुआ था."
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने एयरपोर्ट पर बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं हैं. इधर रियाद एयरपोर्ट पर हमलों की वजह से पैदा हुई दिक्कतों के चलते एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया ने 10 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.
इससे एक दिन पहले ही सऊदी अरब ने बताया था कि वहां हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.
एक चश्मदीद ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एयरपोर्ट पर तुरंत फायर और एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गई थीं और धुआं दिखाई दे रहा था.
चश्मदीद ने बताया कि बाहर जाने वाली उड़ानों को रोक दिया गया और यात्रियों को अपना चेक-इन सामान वहीं छोड़कर एयरपोर्ट से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया. तुरंत यह साफ नहीं हो पाया कि कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं. ये घोषणा होते ही कई यात्री अपना सामान छोड़कर एयरपोर्ट से भागे.
सऊदी अधिकारियों ने टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया.
इस बीच यमन में होदेइदाह एयरपोर्ट के पास धमाकों की आवाज सुनी गई है. इन धमाकों की वजह और असर के बारे में अभी तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
मक्का पैक्ट एक्टिवेट होने के बाद पाकिस्तान और तुर्की भी इस युद्ध में शामिल हो गए हैं. लेकिन हूती विद्रोही बिना रुके लगातार हमले कर रहे हैं.
बुधवार को सऊदी अधिकारियों ने बताया कि हूती विद्रोहियों द्वारा एयरपोर्ट पर किए गए दो हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई थी.
अधिकारियों ने बताया कि किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए, जबकि आभा एयरपोर्ट पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के निवासियों की मौत हो गई और 28 अन्य लोग घायल हो गए.
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब की राजधानी रियाद का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. इसे सऊदी अरब के पूर्व राजा किंग खालिद बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के नाम पर रखा गया है. ये एयरपोर्ट 1983 में शुरू हुआ था और रियाद शहर के केंद्र से करीब 35 किलोमीटर दूर, लगभग 225 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला है.
दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब पर हुए इन हमलों ने चिंता बढ़ा दी है. वीकेंड में सऊदी अरब और सहयोगी यमनी सेनाओं ने जमीन और हवा से एक बड़ा हमला शुरू किया. इसका मकसद उन इलाकों को वापस हासिल करना था जिन पर हूती विद्रोहियों ने एक महीने पहले यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के पास कब्ज़ा कर लिया था.
बुधवार को ही हूतियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने कहा कि सेना ने यमन की राजधानी सना में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले एक प्लेटफ़ॉर्म को नष्ट कर दिया है, जिसका इस्तेमाल सऊदी राजधानी पर हमले करने के लिए किया गया था.
हूतियों ने कहा- हमने दागीं मिसाइलें
वहीं हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कंफर्म किया कि सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उन्होंने दो बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था. उन्होंने कहा कि इस हमले से एयरपोर्ट पर हवाई यातायात बाधित हुआ.
सारी ने अपनी चेतावनी दोहराई कि उनका ग्रुप सऊदी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए करेगा और कहा कि उन्होंने हवाई जहाज कंपनियों को मक्का और मदीना के ऊपर को छोड़कर इस क्षेत्र में उड़ान न भरने की चेतावनी दी है.
उन्होंने आगे कहा कि 3 अक्टूबर के बाद से हूतियों ने सऊदी अरब के अंदर लगभग 14 सैन्य अभियान चलाए हैं. पिछले 24 घंटों में सऊदी सेना ने सादा, हज्जा, अमरान, ताइज़ और अल-जौफ़ प्रांतों के विभिन्न इलाकों और नागरिक ठिकानों पर लगभग 156 हवाई हमले किए, जिनमें लोग हताहत हुए.
एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया ने रद्द की उड़ान
रियाद एयरपोर्ट पर हमलों की वजह से पैदा हुई दिक्कतों के चलते एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया ने 10 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.
सूत्रों ने बताया कि रियाद जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया की उड़ानें गुरुवार को वापस लौट आईं.
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "इलाके में बदलती स्थिति को देखते हुए, हमने 10 अक्टूबर तक रियाद आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं। प्रभावित यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या टिकट रद्द करने पर पूरा रिफंड पाने का विकल्प दिया जा रहा है। हम स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं."