लाल सागर पर हुए हमले के बाद सऊदी अरब ने अब फारस की खाड़ी में अपने पूर्वी बंदरगाहों से कच्चे तेल का निर्यात बढ़ा दिया है. सैटेलाइट तस्वीरों और शिपिंग डेटा से इसका खुलासा हुआ है.
पता चला है कि रविवार, 20 सितंबर को सऊदी अरामको ने मिडिल ईस्ट गल्फ में सात विशाल तेल जहाजों में करीब 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल लोड किया है.
रॉयटर्स की देखी गई सैटेलाइट तस्वीरों में सऊदी अरब के प्रमुख रास तनूरा बंदरगाह के पास सात बड़े तेल टैंकर तैनात दिखाई दिए हैं.
टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम' के आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी के टर्मिनलों से लदान में ये तेजी इस बात का संकेत है कि सऊदी अरब के तेल निर्यात में सुधार हो रहा है.
सप्लाई बढ़ने से घटी कच्चे तेल की कीमतें
सप्लाई बढ़ने की इस उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. सोमवार को वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड 9 सितंबर के बाद पहली बार फिसलकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया. हालांकि, सऊदी अरामको के प्रवक्ता ने इस मामले पर किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया.
ड्रोन हमले के बाद बंद हुई थी पाइपलाइन
बता दें कि 13 सितंबर को ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब को अपनी 'ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन' को बंद करना पड़ा था. इसके चलते लाल सागर में यानबू बंदरगाह से कच्चे तेल का निर्यात पूरी तरह रुक गया था. इस संकट के बाद अरामको ने अपने यूरोपीय खरीदारों को भेजे जाने वाले कच्चे तेल के कुछ सौदे रद्द कर दिए थे.
वहीं, कंपनी ने होर्मुज के अंदर अपने पूर्वी बंदरगाहों से एशियाई बाजारों को होने वाली सप्लाई में बड़ा इजाफा किया.
होर्मुज से निर्यात में भारी उछाल
जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने 18 सितंबर को जारी अपने नोट में बताया कि सैटेलाइट आंकड़ों से पता चलता है कि होर्मुज के रास्ते सऊदी तेल का प्रवाह पिछले छह दिनों में औसतन 29 लाख बैरल प्रति दिन रहा है, जो अगस्त में सिर्फ 7 लाख बैरल प्रति दिन था.
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व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब ने चालू और अगले महीने के दौरान शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए ओमान के सोहार बंदरगाह से लदान के लिए रास तनूरा से करीब 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल बेचा है.