scorecardresearch
 

न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप की सदस्यता हासिल करने के मिशन में आज विदेश रवाना हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से पांच देशों अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मैक्सिको के दौरे की शुरुआत करेंगे. उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद इन देशों के साथ भारत के व्यापार, उर्जा और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देना तथा संबंधों को नई गति प्रदान करनी है.

अफगानिस्तान से शुरू करेंगे पीएम मोदी पांच देशों का दौरा अफगानिस्तान से शुरू करेंगे पीएम मोदी पांच देशों का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से पांच देशों अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मैक्सिको के दौरे की शुरुआत करेंगे. उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद इन देशों के साथ भारत के व्यापार, उर्जा और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देना तथा संबंधों को नई गति प्रदान करनी है.

NSG में सदस्यता पर वार्ता एजेंडे में
अपने इस विदेश प्रवास के दौरान मोदी 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए स्विट्जरलैंड का सहयोग मांग सकते हैं क्योंकि ये दोनों इस प्रतिष्ठित समूह के मुख्य सदस्य हैं. वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मोदी की बातचीत के दौरान भी यह मुद्दा उठ सकता है.

हेरात में सलमा बांध का करेंगे उद्घाटन
अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी अफगानिस्तान जाएंगे जहां हेरात प्रांत में वह अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान-भारत मित्रता सेतु का भी उद्घाटन करेंगे. पहले इसे सलमा बांध के नाम से जाना जाता था. दोनों नेता अफगानिस्तान में मौजूदा हालात सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर अफगानिस्तान में अपने कार्यक्रम की जानकारी दी.

जानें क्या है मित्रता सेतु?
यह बांध हेरात शहर से 165 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. भारत सरकार ने प्रांत के चिश्त ए शरीफ नदी पर इस बहुद्देशीय परियोजना का निर्माण कराया है जिससे 75 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकती है और 42 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है. इसके अलावा स्थानीय लोगों को जलापूर्ति एवं अन्य फायदे होंगे.

कतर का भी करेंगे दौरा
अफगानिस्तान से पीएम मोदी शनिवार को ही कतर जाएंगे और फिर वहां से रविवार को दो दिन के लिए स्विट्जरलैंड जाएंगे.

कालेधन का उठेगा मुद्दा
स्विट्जरलैंड के नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री वहां के बैंकों में भारतीय नागरिकों के जमा कालेधन के मुद्दे को भी उठा सकते हैं. यह पूछे जाने कि प्रधानमंत्री मोदी स्विस नेताओं के साथ बातचीत के दौरान कालेधन का मुद्दा उठाएंगे तो विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देश संपर्क में हैं. जयशंकर ने कहा, ‘हम दोहरे कराधान से बचाव की संधि डीटीएए के तहत स्विस सरकार के साथ संपर्क में हैं और हमने इसको लेकर कुछ चर्चा की है तथा निकट भविष्य में हमारी कुछ योजना है. दोनों देशों के बीच कर डाटा पर सूचना आदान प्रदान को लेकर हमें स्विस प्रशासन से सहयोग मिला है.’

सूचना के आदान-प्रदान पर होगी बात
जयशंकर ने कहा, ‘उम्मीद करते हैं कि स्विट्जरलैंड के साथ सूचना के ऑटोमैटिक आदान-प्रदान को लेकर जल्द से जल्द संपर्क स्थापित होगा तथा इस बारे में स्विस कर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है.’ एनएसजी में भारत की सदस्यता की दावेदारी के बारे में जयशंकर ने कहा कि भारत इस प्रतिष्ठित समूह का सदस्य बनने के लिए कई वर्षों से कोशिश करता आ रहा है और इसको लेकर काफी प्रगति हुई है.

एनएसजी सदस्ययों के संपर्क में भारत
विदेश सचिव ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने बहुत अधिक प्रगति की है और इस कारण हम कुछ दिन पहले एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से आवेदन कर सके हैं. हम इस मुद्दे को लेकर एनएसजी के सदस्यों के साथ संपर्क में हूं और स्विट्जरलैंड इस समूह का महत्वपूर्ण सदस्य है तथा ऐसे में हम निश्चित तौर पर यह मुद्दा बातचीत में आएगा.’ भारत ने गत 12 मई को एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया.

अमेरिका का द्विपक्षीय दौरा
स्विट्जरलैंड से प्रधानमंत्री छह जून को वाशिंगटन जाएंगे जहां उनका काफी व्यस्त कार्यक्रम है. वह अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित भी करने वाले हैं. ऐसा करने वाले वह पांचवें भारतीय प्रधानमंत्री होंगे. प्रधानमंत्री मोदी छह जून को ‘अरलिंगटन नेशनल सिमिटरी’ में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वह कई अमेरिकी थिंकटैंक के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में भी शिकरत करेंगे.

अमेरिकी संसद को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी सात जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के साथ द्विपक्षीय मुद्दों के संपूर्ण परिप्रेक्ष्य में बातचीत करेंगे. बातचीत के बाद मोदी के लिए ओबामा ने एक भोज का आयोजन भी किया है. आठ जून को मोदी अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे और बाद में उनके लिए स्पीकर ने दोपहर के भोज का आयोजन किया है. मोदी के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट की विदेश मामलों की समितियों एवं इंडिया कॉकस भी एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन करेंगे.

राष्ट्रपति के गेस्टहाउस ‘ब्लेयर हाउस’ में ठहरेंगे PM
पीएम मोदी राष्ट्रपति के गेस्टहाउस ‘ब्लेयर हाउस’ में ठहरेंगे. विदेश सचिव जयशंकर ने कहा, ‘अमेरिका का दौरा एक तरह से संबंधों को मजबूत करने के लिए है. वे (मोदी और ओबामा) संबंधों को और आगे ले जाने के लिए काम करेंगे.’ प्रधानमंत्री मोदी के दौरे में आखिरी समय पर स्विट्जरलैंड और मैक्सिको की यात्रा के कार्यक्रम को जोड़े जाने के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि इसी साल परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से इतर स्विस राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई मुलाकात में इस यात्रा का विचार आया.

मैक्सिको के साथ विदेश दौरे का समापन
पीएम मोदी आठ जून को मैक्सिको पहुंचेंगे जहां वह राष्ट्रपति एनरिक पेना नीतो के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत बातचीत करेंगे जिसमें एनएसजी में भारत की सदस्यता की दावेदारी का विषय भी शामिल होगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें