किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने से पहले सड़क किनारे भारत का राष्ट्रीय ध्वज उलटा लगा हुआ दिखाई दिया. सड़क किनारे कई जगहों पर अलग अलग देशों के राष्ट्रीय ध्वज लगाए गए थे, जिसमें कुछ जगहों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज भी लगा था, लेकिन ये ध्वज गलत तरीके से लगा हुआ था.
जो तिरंगा फहराया गया था, उसमें ऊपर हरा रंग और नीचे की तरफ केसरिया था, जबकि तिरंगा झंडा में ऊपर की तरफ केसरिया होना चाहिए और नीचे की तरफ हरा रंग. बिश्केक में पढ़ाई करने वाले भारतीय स्टुडेंट्स ने पहले इसे देखा और इसकी शिकायत की तब जाकर बिश्केक प्रशासन ने अपनी गलती सुधारी और तिरंगा झंडा को सीधा किया गया.
Visuals of all the (s) that were placed upside-down being set right and placed in the right order ahead of PM 's arrival in Bishkek, Kyrgyzstan for the Summit.
— Geeta Mohan گیتا موہن गीता मोहन (@Geeta_Mohan)Advertisement
दरअसल पीएम मोदी की ओर से किर्गिस्तान का यह दौरा शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हो रहा है. बिश्केक में आयोजित यह शिखर सम्मेलन 13 और 14 मई को आयोजित होगा. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुनिया के कई देशों के नेताओं संग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.
एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ृ किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी से भी वह मुलाकात करेंगे. सूत्र बताते हैं कि इस दौरान पीएम मोदी और हसन रुहानी के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
बिश्केक में आयोजित शिखर सम्मेलन में पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा की स्थिति, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग, लोगों से लोगों का संपर्क बढ़ाने समेत अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के प्रासंगिक विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है.