रूस दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉस्को में आयोजित 'फ्रेंड्स ऑफ इंडिया ' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रूस में ऐसा प्यार और सम्मान मिलना गर्व की बात है. मॉस्को के एक्सपो सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए.
Cultural performances underway at Expo Centre. PM to address Indian community shortly
— ANI (@ANI_news)
प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी कलाकारों की तारीफ करते हुए कहा कि कला ने भारत को समेट लिया है. उन्होंने मंच से सभी को ईद-उल-मिलाद और क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं. पीएम ने कहा कि रूसी कलाकारों ने जिस बेहतर ढंग से गरबे का प्रदर्शन किया है वह अद्भुत है. रूस में भारतीय संस्कृति को जानने का प्रयास है जो सालों से चला आ रहा है और यह गर्व की बात है.
'दुनिया भर में योग की चर्चा'
योग पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में योग की चर्चा हो रही है. योग को पूरी दुनिया ने अपनाया है. लोगों का लगाव भी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि रूस के छात्र करीब 300 साल से भारत आते रहे हैं. यही नहीं, रूस के साथ भारत का व्यापारिक रिश्ता भी पुराना है. रूस ने सालों से अपना रिश्ता भारत के साथ बनाए रखा.
विकास की राह पर आगे बढ़ा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को सोने की चिड़िया ऐसा नहीं कहा जाता. यह संभावनाओं का देश है और विकास की राह पर आगे बढ़ चुका है. एक साल में एफडीआई में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी होना आम बात नहीं है. भारत आगे बढ़ने का संकल्प ले चुका है.
आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए समस्या
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है. 30 साल तक दुनिया के अन्य देशों ने भारत की बात नहीं सुनी और आतंकवाद के मुद्दे को नजरअंदाज करते रहे, लेकिन अब स्थिति विकराल हो चुकी है. आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होना पड़ेगा. भारत और रूस मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे. आतंकवाद से उबरने के लिए हर कोई छटपटा रहा है. भारत और रूस के संबंध एक नई ताकत के रूप में सामने आए हैं.
जलवायु परिवर्तन पर भारत-रूस एकजुट
मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है. भारत और रूस दोनों इस मुद्दे पर भी एकजुट हैं और इसके लिए मिलकर काम करेंगे.
द्विपक्षीय सम्मेलन में हुए कई समझौते
रूस की राजधानी मॉस्को में 16वें भारत रूस द्विपक्षीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना चाहते हैं. साथ ही मेक इन इंडिया के लिए निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश भी है. उन्होंने कहा, 'मैं यहां अपने पार्टनर को सुरक्षा के साथ ही समृद्धि का हिस्सेदार भी बनने के आमंत्रित करने आया हूं.'
मोदी ने कहा कि हम रूस के साथ अपने संबंधों को विस्तार देना चाहते हैं और उसे हाइड्रोकार्बन से आगे बढ़ाना चाहते हैं. भारत में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हमने कई आर्थिक जोन बनाए हैं. प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच 16 मुद्दों पर सहमति बनी है. इनमें व्यापार, रेलवे समेत कई अहम क्षेत्र शामिल हैं.
दोनों देशों के बीच मजबूत हो रहे हैं संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम अच्छे और बुरे वक्त में एक-दूसरे के साथ रहे हैं और आगे भी साथ रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं.' उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी खबर है कि दोनों देशों के बीच व्यापार और कारोबार के क्षेत्र में संबंध मजबूत हो रहे हैं. बड़ी संख्या में रूस और भारतीय कंपनियां एक साथ काम कर रही हैं. रूस भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में इन्वेस्ट कर सकता है. उन्होंने बताया कि भारत में विदेशी निवेश करीब 40 फीसदी बढ़ा है. मोदी ने कहा कि रूस की दो दिवसीय यात्रा फलदाई रही है.
I look forward to welcoming President Putin in India next year for BRICS Summit as well as the Annual Summit-PM Modi
— ANI (@ANI_news)
From inside the Kremlin! PM & President Putin begin the 16th Annual Summit with a restricted meeting
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
पुतिन ने मोदी को भेंट की महात्मा गांधी की डायरी
रुस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के ने मोदी को महात्मा गांधी की डायरी का एक पृष्ठ और 18वीं सदी की भारतीय तलवार भेंट स्वरूप दी है. गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक पुतिन ने ये वस्तुएं बुधवार शाम मोदी के लिए आयोजित भोज की मेजबानी के दौरान भेंट स्वरूप दीं.
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, 'रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को महात्मा गांधी की डायरी का एक पृष्ठ भेंट किया है. इस पृष्ठ में गांधीजी ने स्वयं कुछ लिखा है.'
मोदी को गिफ्ट में मिली तलवार
पुतिन ने मोदी को बंगाल प्रांत की 18वीं सदी की भी भेंट की. इस पर चांदी की कलाकृति है. इससे पहले मोदी बुधवार को दो दिवसीय रूस यात्रा पर मास्को पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया इस दौरान वह 16वीं भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन बैठक में हिस्सा लेंगे.
PM Narendra Modi & President Vladimir Putin begin the 16th Annual Summit in Kremlin
— ANI (@ANI_news)
दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों में विस्तार
रूस और भारत संयुक्त रूप से 200 कामोव-226टी हेलीकॉप्टर का निर्माण करेंगे. इसे पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के तहत बड़ा कदम माना जा रहा है. भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों में विस्तार होने वाला है, विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में.
इससे पहले रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि भारत रूस की ओर से उसे दूसरा परमाणु पनडुब्बी लीज पर दिए जाने की संभावनाएं तलाश रहा है.
शहीद स्मारक पर भी गए PM मोदी
इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए सोवियत सैनिकों की याद में यहां बनाए गए स्मारक पर जाकर पुष्पचक्र अर्पित किया. प्रधानमंत्री कड़ाके की ठंड के बीच अज्ञात सैनिकों के युद्ध स्मारक पर जलती ज्योति के करीब कुछ मिनट तक खड़े रहे जिसकी रोशनी में स्मारक की कांस्य पट्टिका पर लिखे ये शब्द चमक रहे थे ‘आप नाम अज्ञात है, आपका काम अमर है.’ रूसी सैन्य बैंड के बीच मोदी ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया.
वर्ष 1941 में ‘मास्को की लड़ाई’ में शहीद हुए रूसी सैनिकों के अवशेषों को शुरूआत में जेलेनोग्राद शहर में लेनिनग्राद राजमार्ग से 40 किलोमीटर दूर शित्यकी स्मारक में सामूहिक कब्र में दफनाया गया था. दिसंबर 1966 में इस युद्ध की 25वीं वषर्गांठ के मौके पर इन अवशेषों को क्रेमलिन वॉल पर लाकर दफनाया गया.
एनसीएमसी का भी किया दौरा
पीएम मोदी ने राजधानी मॉस्को स्थित रूस के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र एनसीएमसी का दौरा किया. केंद्र को एएमईआरसीओएम के रूप में भी जाना जाता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर वहां मौजूद मोदी की तस्वीरें पोस्ट की और लिखा, 'जानकारी प्राप्त करने वाली एक सुबह. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईएमईआरसीओएम के दौरे पर हैं.'