प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से रवाना हुए और मध्य एशिया के दौरे के आखिरी पड़ाव ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंच गए.
Landed in Tajikistan. My gratitude to PM Qohir Rasulzoda for the wonderful welcome.
— Narendra Modi (@narendramodi)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, 'मध्य एशिया के व्यस्त कार्यक्रम के आखिरी पड़ाव ताजिकिस्तान पहुंचे. ताजिकिस्तान में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत प्रधानमंत्री रसूलजोदा ने दुशांबे ने किया.' पीएम मोदी ने खुद भी ट्वीट करके ताजिकिस्तान पहुंचने की सूचना दी.Goodbye Kyrgyzstan. Thank you to the people of this wonderful nation for the extraordinary warmth. Our ties are all set to become stronger.
— Narendra Modi (@narendramodi)
इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया था, 'गुडबाय किर्गिस्तान! इतना प्यार देने के लिए यहां के लोगों का शुक्रिया. उम्मीद है दोनों देशों के संबंध मजबूत रहेंगे.' मोदी ने उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, रूस में ब्रिक्स और एससीओ शिखर सम्मेलनों के लिए उफा, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा किया. वह सोमवार को रात करीब सवा एक बजे लौटेंगे.
मध्य एशिया दौरे पर दो गांधी प्रतिमा का अनावरण सौभाग्य: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को किर्गिस्तान की राजधानी में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया. इस अवसर पर मोदी ने कहा कि उन्होंने (महात्मा गांधी) दुनिया को प्रभावी बदलाव लाने के लिए दिखाया. मोदी ने कहा, 'हालांकि मध्य एशिया का यह मेरा पहला दौरा है, मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैंने दो देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया है.'
ये हैं दुनिया की दो बड़ी चुनौतियां
मोदी ने रविवार को तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात के एक पारंपरिक चिकित्सा और योग केंद्र में गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया था. उन्होंने कहा कि दुनिया आज दो बड़ी चुनौतियों, से जूझ रही है. वहीं, महात्मा गांधी ने हमें अकेले दिखाया था कि दोनों समस्याओं से कैसे निपटें.
मोदी ने बाद में ट्वीट कर कहा, 'गांधी जी की प्रतिमा के अनावरण के दौरान उत्साह को देखकर खुश हूं. भारतीय समुदाय के ज्यादातर लोग, विशेष रूप से नौजवान छात्रों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की.' उन्होंने कहा, 'किर्गिस्तान और भारत भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े हुए हैं. अहिंसा और बातचीत ज्यादा कारगर है. महात्मा गांधी ने यह दिखाया है कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है.'
- इनपुट IANS