नरेंद्र मोदी के देश के प्रथम ओबीसी प्रधानमंत्री होने के बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दावे का जेडीयू ने खंडन करते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रधानमंत्री को जातीय नेता के तौर पर बेचने की कोशिश पर सवाल उठाया. आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने भी इस दावे का खंडन किया है.
भाजपा एवं मोदी द्वारा बार-बार खुद को पिछडा बताना भयंकर शक पैदा करता है। जो पिछड़ा होता है वो स्वंय को बार-बार चिल्लाकर पिछड़ा नहीं कहता ?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने शनिवार को कहा कि देश को देने का अमित शाह का दावा गलत है. इस पद पर रह चुके चौधरी चरण सिंह और एचडी देवेगौडा भी ओबीसी समुदाय से आते हैं. शाह ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद में बीजेपी की जीत का जिक्र करते हुए कहा था कि जनता परिवार फुस्स पटाखा साबित हुआ है. लालू यादव ने भी ट्वीट करके कहा कि देवगौड़ा पहले ओबीसी प्रधानमंत्री थे.
अमित शाह बेशर्मी से सफ़ेद झूठ बोल कर इतिहास को झुठला रहे है. देश का पहला OBC प्रधानमंत्री श्री देवेगौड़ा को हमने बनाया था.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
उसवक़्त मैं जनता दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष था और एक गरीब किसान एवं पिछड़ी जाति के बेटे देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री बनाकर वंचितों का सबलीकरण किया
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
प्रधानमंत्री को जातीय नेता बनाने की कोशिश त्यागी ने कहा, 'पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने विकास के नाम पर वोट मांगा. दिल्ली विधानसभा चुनाव में मोदी को पेश किया गया लेकिन बिहार में उन्हें ओबीसी के नेता के तौर पर पेश किया जा रहा है.' उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि उनके प्रधानमंत्री की असली पहचान क्या है?
'बीजेपी ही करा सकती है असली विकास'
दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित हुए ओबीसी मोर्चा के कार्यक्रम में कहा था कि बीजेपी इकलौती पार्टी है, जिसने देश को सीएम और पहला ओबीसी PM दिया है. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'पिछड़े वर्ग के नाम से बनी पार्टी एक जाति की पार्टी बनकर रह गई है. पिछड़े वर्ग का असली विकास बीजेपी करा सकती है. पिछड़े वर्ग के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं.'