पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने सिंधु जल संधि को लेकर अपनी मंशा जाहिर की. उन्होंने कहा कि मौजूदा संधि के तहत 6 में से तीन नदियां पाकिस्तान को दी गई हैं क्योंकि वे एक विवादित क्षेत्र (कश्मीर) से होकर आती हैं.
चौधरी ने विवादित बयान देते हुए कहा कि कश्मीर आखिरकार पाकिस्तान का ही हिस्सा बनेगा. जब यह विवाद सुलझ जाएगा, तो सभी छह नदियों पर पाकिस्तान का अधिकार होगा.
उन्होंने यहां तक कह दिया कि भविष्य में पाकिस्तान यह तय करने की स्थिति में होगा कि भारत को पानी की आपूर्ति की जाए या नहीं.
सेना को बताया 'आखिरी साधन'
शरीफ़ चौधरी ने अपने संबोधन में पाकिस्तानी सेना की भूमिका को लेकर भी एक गंभीर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान राज्य के पास 'हिंसा का आखिरी साधन' पाकिस्तानी सेना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना एक हथियार की तरह है, जिसका इस्तेमाल कब, कहां और कैसे करना है, इसका फैसला पाकिस्तान की जनता और वहां की चुनी हुई सरकार करेगी.
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यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब भारत ने हमेशा से यह स्पष्ट किया है कि कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और सिंधु जल संधि के प्रावधानों का वह कड़ाई से पालन करता रहा है. चौधरी ने बार-बार कश्मीर विवाद को नदियों के पानी से जोड़ते हुए इसे पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल बताया है.