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पाकिस्तान: इस्लामाबाद में PTI कार्यकर्ताओं के प्रोटेस्ट के बाद इमरान खान पर दर्ज हुए 14 मामले

इमरान खान की पार्टी PTI ने 24 नवंबर को इस्लामाबाद के रेड जोन में डी-चौक पर धरना देने के लिए प्रोटेस्ट शुरू किया, जहां ज्यादातर सरकारी इमारतें मौजूद हैं. 26 नवंबर की रात को जब उनके समर्थक डी-चौक के करीब पहुंचे तो उन्हें जबरन तितर-बितर कर दिया गया.

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पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान
पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान

पाकिस्तान (Pakistan) की एक कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में इमरान खान (Imran Khan) के समर्थकों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ 14 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में उनके खिलाफ कुल 76 मामले दर्ज हो गए हैं.

इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी (ICT) पुलिस द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) के साथ डीटेल्स शेयर की गई. इसमें दिखाया गया कि 24 नवंबर के डी-चौक विरोध प्रदर्शन के बाद 14 अतिरिक्त मामले दर्ज किए गए, जिससे संघीय राजधानी में उनके खिलाफ कुल मामलों की तादाद 62 से बढ़कर 76 हो गई.

इमरान खान ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए एक 'आखिरी कॉल' जारी किया था, जिसमें PTI के चुनावी जनादेश की बहाली, हिरासत में लिए गए पार्टी सदस्यों की रिहाई और 26वें संशोधन को उलटने की मांग की गई थी, जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि इसने 'तानाशाही शासन' को मजबूत किया है.

24 नवंबर को हुआ था PTI का प्रोटेस्ट

इमरान खान की पार्टी (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने 24 नवंबर को इस्लामाबाद के रेड जोन में डी-चौक पर धरना देने के लिए प्रोटेस्ट शुरू किया, जहां ज्यादातर सरकारी इमारतें मौजूद हैं. 26 नवंबर की रात को जब उनके समर्थक डी-चौक के करीब पहुंचे तो उन्हें जबरन तितर-बितर कर दिया गया.

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इमरान खान की बहनों में से एक नोरीन नियाजी ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों की डीटेल्स मांगते हुए IHC में याचिका दायर की थी. इसके जवाब में, नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (NAB) और संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने खान के खिलाफ चल रहे मामलों का विवरण तैयार किया, जिसे पुलिस ने शेयर किया.

यह भी पढ़ें: कहां हैं इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी? किडनैपिंग से अरेस्ट तक... सामने आ रहीं कई थ्योरीज

एजेंसियों की सभी प्रासंगिक रिपोर्ट्स और डीटेल्स की समीक्षा करने के बाद कोर्ट ने अपनी कार्यवाही खत्म कर दी और नोरीन की याचिका खारिज कर दिया. अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार गिराए जाने के बाद से इमरना खान दर्जनों मामलों में फंसे हुए हैं.

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