सीरिया में किए गए हमलों में केमिकल हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हो गई है. विश्व में रासायनिक हथियारों पर प्रतिबंध की पैरोपकार संस्था रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) ने कहा कि पिछले साल मार्च में उत्तर पश्चिमी सीरिया के लतामनेह पर किए गए दो अलग-अलग हमलों में सरिन और क्लोरीन जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया था.
OPCW ने एक बयान जारी कर कहा कि लतामनेह पर 24 मार्च 2017 को किए गए हमले में संभावित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. संगठन के मिशन ने यह भी बताया कि उसी दिन लतामनेह के एक अस्पताल पर किए गए हमले में संभावित तौर पर क्लोरीन का इस्तेमाल किया गया था.confirms use of Sarin and Chlorine as in , , on 24 and 25 March 2017. Learn more:
— OPCW (@OPCW)
हाल ही में सीरिया में दो केमिकल हमले हुए थे. आखिरी बार 2017 में की बात सामने आई थी. इसमें काफी संख्या में नागरिकों की मौत हो गई थी. अमेरिका ने इस हमले के लिए सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को जिम्मेदार ठहराया था. हालांकि इस पर रूस ने सीरिया सरकार का बचाव किया था.
इसके बाद प्रतिबंधित केमिकल हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर सीरिया पर हमला किया था. अमेरिका ने सीरिया में 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी थी. इससे पहले हुए केमिकल हमले का आरोप भी सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर लगा था.