वक्त सुबह के दस बजकर 57 मिनट, जगह दिल्ली का लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन. एक साथ दिल्ली फायर सर्विस, एम्बुलेंस सेवा, एनएसजी, एमडीआरएफ, डिजास्टर मैनेजमेंट सभी को फोन गया कि लोक कल्याण मेट्रो स्टेशन पर कोई आतंकी बोतल के अंदर जहरीली गैस लेकर पहुंच गया है...
करीब 25 मिनट के अंदर मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा कर्मियों ने पूरी तरह घेर लिया...और अगले 40 मिनट में स्टेशन से आतंकवादी को काबू कर लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया...
अचानक स्टेशन पर हुई इस गहमा-गहमी से यात्री घबरा गए...और बाद में लोगों को पता चला कि ये दिल्ली सरकार की तरफ से किया गया एक मॉक ड्रिल था...ये मॉक ड्रिल इसलिए किया गया ताकि ये पता लगा सके कि अगर कभी मेट्रो स्टेशन पर आतंकी हमला हुआ तो कितने वक्त में उससे निपटा जा सकेगा. एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट एमएस हुसैन ने कहा कि ऐसे मॉक ड्रिल से हमें अपने रिस्पांस टाइम का पता लगता है और हमारे पास सुधार करने का भी वक्त होता है.
अलग-अलग एजेंसियां अक्सर इस तरह से मॉक ड्रिल करती रहती हैं. अधिकारियों का कहना था कि जिस तरह से सीरिया में केमिकल अटैक हुआ है उसके बाद इस मॉक ड्रिल को किया गया कि अगर ऐसी नौबत कभी देश में आई तो कैसे निपटेंगे? इसे देखते हुए इस तरह के मॉक ड्रिल जरूरी हैं.
गौरतलब है कि दुनिया के कई हिस्सों में आतंकियों के हाथों में केमिकल हथियार पहुंच जाने की आशंका पहले कई बार जताई जा चुकी है. केमिकल हथियार काफी घातक होते हैं, ऐसे में हर देश ऐसे किसी भी संभावित हमले से अपने को बचाने के लिए पूरी तरह से सचेत हैं.