नाइजर राज्य में गैर-कानूनी माइनिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए कम से कम 33 संदिग्धों की नाइजीरियाई सुरक्षा कर्मियों की हिरासत में मौत हो गई है. अधिकारियों को शक है कि इन लोगों की मौत किसी बीमारी के फैलने के कारण हुई है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में बचे एक व्यक्ति ने बताया कि गिरफ्तार लोगों को एक ऐसी जेल में रखा गया था, जहां हवा आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं थी. ऐसे में, उसने दम घुटने की वजह से मौत की आशंका जताई है.
मंगलवार और बुधवार को गिरफ्तारी के बाद इन लोगों को नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कॉर्प्स (NSCDC) ने हिरासत में रखा था. इस घटना की अब जांच शुरू हो गई है. वहीं, मृतकों के परिवार वाले जवाब मांग रहे हैं.
NSCDC के प्रवक्ता अबूबकर मुती ने बताया कि उत्तर-मध्य नाइजर राज्य में एजेंसी की कस्टडी में इन लोगों की मौत हुई है. गुरुवार को एक बयान में, नाइजर में NSCDC के प्रमुख सुबेरू सियाका अनिविये ने बताया कि गैर-कानूनी माइनिंग के शक में गिरफ्तारी के बाद इन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था. उन्होंने बताया कि एजेंसी को शक है कि ये मौतें किसी बीमारी की वजह से हुई हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि "मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए आगे की मेडिकल जांच" के लिए शवों को स्थानीय अस्पताल भेजा गया है.
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इस घटना में बचे दाउदा शेहू ने कुछ अलग ही बातें बताई हैं. उन्होंने बताया, "हम लोगों को बहुत भीड़-भाड़ वाली जगह पर रखा गया था और वहां हवा का कोई इंतज़ाम नहीं था." उन्होंने कहा, "अचानक, हमें महसूस हुआ कि हम सांस नहीं ले पा रहे हैं और हम ताज़ी हवा पाने के लिए छटपटाने लगे." उन्होंने बताया कि हिरासत में मौजूद लोगों ने जेल के दरवाजे पर दस्तक देकर गार्डों का ध्यान खींचने की भी कोशिश की.
अस्पताल में मौजूद लोगों में शफातु सुलेमान भी थीं. उन्होंने इस घटना में अपने दो बेटों को खो दिया और सरकार से मामले में हस्तक्षेप की अपील की. मामले में नाइजर राज्य की पुलिस ने कहा है कि उन्होंने जांच शुरू कर दी है.