नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं. तबाही के बीच अब ऐसी कहानियां भी सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों ने मौत को बेहद करीब से देखा और किसी तरह अपनी जान बचाई. इन्हीं में हैं 11 साल की रिहाना लामिछाने, जो स्कूल से लौट रही थीं और बात करने में काफी घबराई हुई थीं. उन्होंने कहा- मेरे दोस्त कहां गए पता नहीं. मैं तो स्कूल से लौटते हुए नदी पार क रही थी, तभी अचानक से बाढ़ का पानी आ गया.
काठमांडू के नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 11 वर्षीय रिहाना लामिछाने का इलाज चल रहा है. रिहाना ने भी बेहद करीब से मौत का सामना किया. उसने बताया कि वह स्कूल में थी, लेकिन बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्कूल बंद कर दिया गया और बच्चों को घर जाने के लिए कहा गया. रिहाना ने बताया, 'मैं नदी पार कर रही थी, तभी अचानक बाढ़ का पानी तेजी से आ गया.' हादसे में उसकी छाती और पैर में चोट आई है. रिहाना ने कहा कि वह सुरक्षित होने से खुश है, लेकिन उसे नहीं पता कि उसके दोस्तों के साथ क्या हुआ.
उनकी मां रीता को एक दोस्त से फोन पर घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वह बेटी को तलाशने दौड़ीं. बेटी को सुरक्षित देखकर उन्होंने राहत की सांस ली.
'लगा जैसे भूकंप आ गया हो'
काठमांडू के नेशनल ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे बिबेक ने बताया, 'मैं भागने लगा. तभी पानी की एक विशाल दीवार गरजती हुई नीचे आई. ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो.' पानी के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा तेजी से नीचे आ रहा था. बिबेक भी इसकी चपेट में आ गए और तेज बहाव उन्हें अपने साथ नीचे की ओर बहा ले गया. इसी दौरान किस्मत ने उनका साथ दिया और वह एक आम के पेड़ में जाकर फंस गए.
उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से मैं एक आम के पेड़ में फंस गया. अगर वहां वह पेड़ नहीं होता तो मैं बहकर मर गया होता.'
पेड़ को पकड़े हुए बिबेक ने उस मकान को भी अपनी आंखों के सामने गायब होते देखा, जिसके बाहर वह कुछ देर पहले काम कर रहे थे. बाद में पुलिस उन तक पहुंची और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला.
बाढ़ की चपेट में आने के दौरान बिबेक के दाहिने पैर में चोट लगी. पहले पानी के तेज बहाव ने उन्हें टक्कर मारी और इसके बाद एक बड़ा पत्थर उनके पैर से टकरा गया. हालांकि दूसरी जगह स्थित उनका अपना घर बाढ़ से सुरक्षित रहा.
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में कम से कम 157 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं. तबाही के बीच अब ऐसी कहानियां भी सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों ने मौत को बेहद करीब से देखा और किसी तरह अपनी जान बचाई.