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IRGC के स्पीडबोट पर हमला, 14 प्रांतों को निशाना... ईरान पर टूट पड़ा अमेरिका

अमेरिका और ईरान ने एक बार फिर एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन बरसाने शुरू कर दिए हैं. ईरान ने मिडिल-ईस्ट के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है जबकि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल सिस्टम और हवाई रक्षा ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है. जंग शुरू होने से एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज युद्ध का मुख्य केंद्र बन गया है.

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ईरान-अमेरिका की बीच जंग तेज हो गई है. (Photo- Reuters)
ईरान-अमेरिका की बीच जंग तेज हो गई है. (Photo- Reuters)

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध तेज हो गया है. दोनों के बीच भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल-ईस्ट के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके साथ ही ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को एक बार फिर बंद कर दिया है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिका ने रविवार से ईरान के खिलाफ नए एयर स्ट्राइक सीरीज शुरू की है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के मिसाइल सिस्टम, हवाई रक्षा ठिकानों और IRGC की तेज रफ्तार स्पीडबोट्स को निशाना बनाया गया है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक आत्मघाती ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है. रविवार दोपहर रॉयटर्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों का जिक्र करते हुए कहा, 'हम उन्हें बुरी तरह पीट रहे हैं.'

ईरान में सिलसिलेवार धमाके, एक की मौत

अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास शहर के पश्चिम में, इसके पास स्थित केशम द्वीप, जास्क, सिरीक और बुशहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. केश्म के गवर्नर हुसैन अमीर तैमूरी ने बताया कि दुश्मन के 10 से 11 प्रोजेक्टाइल द्वीप पर आकर गिरे हैं. उन्होंने बताया किया कि ये सभी हमले सैन्य ठिकानों पर हुए हैं और किसी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है.

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लेबनानी समाचार चैनल अल-मायादीन के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमान और मिसाइलें अब तक ईरान के 14 अलग-अलग प्रांतों को निशाना बना चुकी हैं.

ईरान ने खाड़ी देशों में फैलाया युद्ध का दायरा

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन की बौछार कर दी. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी कमांड सेंटर, कुवैत में हिमार्स मिसाइल लॉन्चर सिस्टम, ओमान में एयरक्राफ्ट कैरियर सपोर्ट प्लेटफॉर्म और कतर में जेट मेंटेनेंस सेंटर पर हमले का दावा किया है.

हालांकि, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' की मानें तो होर्मोज्गान में हुए अमेरिकी हमलों के दौरान एक मेंटेनेंस कर्मचारी की मौत हो गई और दो कर्मचारी घायल हो गए. इसके अलावा ईरान के मशहर में एक वॉटर पंपिंग स्टेशन पर हुए अमेरिकी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं चार लोग घायल भी हो गए.

ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को 'आक्रामक' बताते हुए कड़ी निंदा की है. ईरान ने ये भी आरोप लगाया कि शनिवार को मस्कट में ईरान और ओमान के बीच समुद्री रास्तों को लेकर चल रही बातचीत अमेरिकी दबाव के कारण किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना मुख्य जंग का मैदान

इस समय पूरी लड़ाई एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर केंद्रित हो गई है. ईरान की 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सेना की अवैध गतिविधियों की वजह से किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, 'ईरान का इस जलमार्ग पर कोई नियंत्रण नहीं है. जहाजों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी सेना नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.'

यह भी पढ़ें: होर्मुज पर महाजंग... ईरान ने शिपिंग पर लगाई रोक, ट्रंप बोले- खुला है समुद्री रास्ता

इस बीच, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके तीन उत्तरी सीमा चौकियों और एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ है. कतर ने बताया कि मिसाइल का मलबा गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए हैं. कतर ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है.

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