गृह युद्ध की आग में झुलसे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में फिर से बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है. इस हमले में 102 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग घायल हो गए. घायलों और मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है. यह हमला गृह मंत्रालय की इमारत को निशाना बनाकर किया गया है. हमलावर ने विस्फोटक से भरी एंबुलेंस को गृह मंत्रालय की पुरानी इमारत के पास उड़ा दिया.
- Ministry of public health spokesman has confirmed the death toll in today's ambulance bombing in Kabul city has risen to 95 and 163 people were wounded
— TOLOnews (@TOLOnews)
भारत ने काबुल में हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है. साथ ही अफगानिस्तान को हर संभव मदद का भरोसा दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संकट की घड़ी में भारत अफगानिस्तान के साथ खड़ा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी काबुल आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत अफगानिस्तान सरकार और वहां की जनता के साथ खड़ा है.
— President of India (@rashtrapatibhvn)
वहीं, काबुल स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि यहां सभी भारतीय सुरक्षित हैं. टोलो न्यूज के गृह मंत्रालय के हवाले से बताया कि आत्मघाती हमलावर ने गृह मंत्रालय की पुरानी इमारत नजदीक दो चेकपोस्ट के बीच में विस्फोट से भरी एंबुलेंस को उड़ा दिया. अधिकारियों के मुताबिक इस फिदायीन हमले में जान गंवाने वाले ज्यादातर आम नागरिक हैं. इसमें गृह मंत्रालय की इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है. जहां पर यह धमाका हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर कई देशों के दूतावास भी हैं.India strongly condemns the barbaric and dastardly terrorist attacks in Kabul today. Full Press Release available at
— Raveesh Kumar (@MEAIndia)
वहीं, हमले में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तालिबान ने ली है. अफगानिस्तान में आपातकालीन मदद पहुंचाने वाले इतालवी समूह के समन्वयक ने इस घटना को नरसंहार करार दिया है. इस समूह का घटनास्थल के पास ही ट्रॉमा हॉस्पिटल है. समूह ने ट्वीट कर बताया कि उनके हॉस्पिटल में 50 से ज्यादा घायल लोगों को भर्ती कराया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि काबुल के सिटी हॉस्पिटल में 17 मृत और 110 घायल लोगों को लाया गया है. घटनास्थल के नजदीक मौजूद रहे सांसद मीरवाइज यासीनी ने बताया कि आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरी एंबुलेंस को लेकर चेकप्वाइंट की ओर बढ़ा और हाई पीस काउंसिल के पास धमाका कर दिया. उन्होंने बताया कि जहां पर विस्फोट हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर विदेशी दूतावास भी हैं. उन्होंने बताया कि आत्मघाती धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे और चीख-पुकार मच गई.
पूरा इलाका धमाके से दहल गया और चारों ओर लाशें बिछ गईं. तस्वीरों में घायलों को अस्पताल ले जाते देखा गया. इससे पहले 20 जनवरी को भीकाबुल्स इंटरकॉन्टिनेंटल होटल में हमला किया था, जिसमें 43 लोगों को मौत हो गई थी. हालांकि बाद में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था. साथ ही 41 विदेशी नागरिकों सहित 126 लोगों को रेस्क्यू किया गया था.