अमेरिका में सरकार बदलने जा रही है. राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की प्रचंड जीत के बाद वह अगले साल 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे. लेकिन सत्ता हस्तांतरण के इन 71 दिनों में राष्ट्रपति बाइडेन यूक्रेन के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं.
बाइडेन ने जनवरी में पद छोड़ने से पहले यूक्रेन के लिए अरबों डॉलर की एक और किस्त फाइनल कर दी है. जनवरी में ट्रंप के पद संभालने के बाद वह इस एग्रीमेंट से छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे और यूक्रेन को तय समय पर यह राशि दी जाएगी.
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन की मदद के लिए बाइडेन सरकार आखिरी समय तक जेलेंस्की का समर्थन करती रहेगी. यू्क्रेन को लेकर हमारा रुख वही रहेगा, जो बीते साढ़े तीन सालों से था. हमारा रुख यही है कि हम युद्ध में हरसंभव स्थिति में यूक्रेन का समर्थन करें. इसके लिए राष्ट्रपति बाइडेन ने यूक्रेन के लिए डील फाइनल कर दी है.
सुलिवन ने कहा कि लेकिन रूस के साथ बातचीत की टेबल पर कब बैठना है, यह फैसला अब यूक्रेन को खुद करना है. यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर है कि हमें यूक्रेन के लिए मदद जारी रखनी है ताकि रूस के इस बर्बर हमले से उसे बचाया जा सके.
यूक्रेन को लेकर क्या बदलेगा ट्रंप का रुख?
बता दें कि फरवरी 2022 से बाइडेन सरकार ने यूक्रेन की जेलेंस्की सरकार को अरबों डॉलर की मदद दी है. 2022 में जब रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था तब रूस के विरोध और यूक्रेन के समर्थन में अमेरिका सहित पूरा यूरोप खड़ा हो गया था. और अब तक स्थिति ऐसी ही है. लेकिन अमेरिका में सरकार बदलने के बाद अब अमेरिका और यूक्रेन के संबंध पहले जैसे रहेंगे. साथ ही यूक्रेन को अमेरिका से मिल रही सैन्य मदद भी खत्म हो सकती है.
2024 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर यूक्रेन को मिल रही अमेरिकी मदद रोकने की बात करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने की बात कही थी.
ट्रंप ने हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान जेलेंस्की को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जेलेंस्की बहुत बड़े सेल्समैन हैं. वह जब भी अमेरिका आते हैं, करोड़ों डॉलर लेकर चले जाते हैं. इसे बदलना होगा.