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सोलापुर में बिना प्रचार किए जेल में बंद बीजेपी नेता की जीत, हत्याकांड में सलाखों के पीछें हैं शालन शिंदे

Solapur Election Result 2026: महाराष्ट्र के सोलापुर में राजनीति का एक हैरान करने वाला चेहरा सामने आया है. मनसे नेता बालासाहेब सरवदे हत्याकांड में जेल में बंद बीजेपी उम्मीदवार शालन शिंदे ने सलाखों के पीछे रहते हुए भी बड़ी जीत दर्ज की है. बिना किसी चुनाव प्रचार के मिली इस जीत ने पूरे राज्य में सनसैनी फैला दी है.

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शालन शिंदे ने शिवसेना (शिंदे) की उम्मीदवार आफरीन पठान को हराया है. (Photo: ITG)
शालन शिंदे ने शिवसेना (शिंदे) की उम्मीदवार आफरीन पठान को हराया है. (Photo: ITG)

भारतीय जनता पार्टी की लीडर शालन शिंदे ने सोलापुर महानगरपालिका चुनाव के प्रभाग क्रमांक 2 से जेल में रहते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की है. मनसे नेता बालासाहेब सरवदे की निर्मम हत्या के आरोप में शालन शिंदे और उनका पूरा परिवार फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. 

2 जनवरी को नामांकन वापस लेने के विवाद में हुई इस हत्या के बाद से शिंदे परिवार जेल में है और उन्होंने मतदान तक कोई प्रचार नहीं किया. इसके बावजूद शालन शिंदे ने शिवसेना (शिंदे गुट) की आफरीन पठान को 10 हजार 767 मतों के भारी अंतर से पराजित किया है.

उत्तर सोलापुर के बीजेपी विधायक विजयकुमार देशमुख के पुत्र डॉ. किरण देशमुख के नेतृत्व में भाजपा का पूरा पैनल इस प्रभाग में विजयी रहा है. यह चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए गए हैं.

नामांकन विवाद और खूनी संघर्ष

सोलापुर प्रभाग क्रमांक 2 में विवाद की शुरुआत 2 जनवरी को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख को हुई थी. बीजेपी से टिकट की मांग रेखा सरवदे और शालन शिंदे दोनों कर रही थीं, लेकिन पार्टी ने शालन शिंदे को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद रेखा सरवदे पर नाम वापस लेने के लिए भारी सियासी दबाव डाला गया. इसी तनाव के दौरान मनसे नेता बालासाहेब सरवदे ने मध्यस्थता की कोशिश की, लेकिन शालन शिंदे के परिवार ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई.

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इस हत्याकांड ने महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया था. मनसे नेता अमित ठाकरे ने सोलापुर आकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपना गुस्सा जाहिर किया था. जेल रोड पुलिस थाने में शालन शिंदे सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है. तब से लेकर चुनाव के नतीजों तक बीजेपी उम्मीदवार और उनका परिवार जेल में ही रहा. बिना उम्मीदवार की उपस्थिति के चुनाव लड़ना और जीतना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

चौंकाने वाले चुनाव नतीजे 

चुनाव के दौरान प्रभाग में यह चर्चा आम थी कि शिवसेना (शिंदे गुट) की आफरीन पठान बाजी मार सकती हैं. लेकिन नतीजों ने सबको चौंका दिया है. शालन शिंदे ने न केवल अपनी सीट जीती बल्कि उनके साथ खड़े बीजेपी के पूरे पैनल ने शानदार जीत दर्ज की है. विधायक पुत्र डॉ. किरण देशमुख के रणनीतिक नेतृत्व और बीजेपी के संगठनात्मक जोर ने शालन शिंदे के लिए जेल से ही जीत का रास्ता साफ कर दिया.

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(इनपुट- विजय बाबर)
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