Maharashtra municipal corporation election results महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद आज, आज परिणामों की घोषणा की जाएगी. सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होगी और दोपहर तक यह पता चल जाएगा कि कौन इन निगमों का बॉस बनने जा रहा है. राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, कुल 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए वोटों की गिनती सुबह 10 बजे से शुरू होगी. इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े शहरों की है.
इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प हैं क्योंकि राज्य के सियासी गठबंधन पूरी तरह बदल चुके हैं. सालों की दुश्मनी भुलाकर उद्धव और राज ठाकरे अब एक साथ चुनावी मैदान में हैं. दूसरी ओर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 'पवार बनाम पवार' की असली लड़ाई देखने को मिल रही है, जहां अजित पवार का गुट शरद पवार की एनसीपी (SP) को चुनौती दे रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेंगे.
सांगली–मिरज–कुपवाड महानगरपालिका में कुल 61.30% वोटिंग हुई जो 2018 में हुए 62.17% वोटिंग से करीब 1 परसेंट कम रही है. इस बार भी सुबह के समय वोटरों में कोई खास उत्साह नहीं देखा गया था लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में वोटर पोलिंग स्टेशनों की तरफ बढ़ने लगे. दोपहर 3:30 बजे तक सिर्फ 41.79% मतदान हुआ था.
पिंपरी–चिंचवाड़ महानगरपालिका में कुल 57.71% वोटिंग हुई. दोपहर तक मतदान की रफ्तार बहुत सुस्त रही लेकिन शाम होते-होते मतदान में तेज बढ़ोतरी होने लगी. सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग से निगरानी की गई थी.
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में सबसे चौंकाने वाला सियासी उलटफेर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में देखने को मिला. राज्य में सत्ताधारी 'महायुति' का हिस्सा होने के बावजूद, डिप्टी सीएम अजित पवार ने इन दो निकायों के लिए अपने चाचा शरद पवार के साथ हाथ मिला लिया. दोनों गुटों ने न केवल मिलकर चुनाव लड़ा, बल्कि एक 'संयुक्त घोषणापत्र' भी जारी किया, जिसमें पुणे मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया है.
पुणे महानगरपालिका में कुल 163 वार्ड हैं और इस बार कुल 52.42% वोटिंग हुई है. 2017 में पुणे में 55.56% वोटिंग हुई थी जिसमें पिछली बार की तुलना लगभग 3.5% की गिरावट दर्ज की है. कम मतदान से किसे नुकसान होगा इसकी चर्चा भी तेज और और विश्लेषक तमाम तरह से इसका आंकलन कर रहे हैं.
नाशिक महानगरपालिका में इस बार कुल 56.67 % मतदान हुआ था जबकि पिछली बार यानि 2017 में मतदान प्रतिशत 61.60% रहा था. इस बार करीब 5% की गिरावट रही थी. ऐसे में घटे मतदान का असर किस पार्टी पर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है.
इस चुनावी मुकाबले में सबसे प्रमुख नगर निगमों में से एक मुंबई का बीएमसी (BMC) है. इसके अलावा, जो जिन अन्य नगर निगमों के नतीजे आज घोषित होने हैं उनमें छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभनी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं.