Maharashtra municipal corporation election results महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद परिणामों की घोषणा की जा रही है. अबतक आए नतीजों में बीजेपी गठबंधन को बंपर जीत मिल रही है. इससे साफ है कि बीजेपी को जो सफलता विधानसभा चुनाव में मिली थी वो पंचायत चुनाव से होते हुए नगर निगम के चुनावों तक जारी है. इन नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े शहरों की है.
इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प थे क्योंकि राज्य के सियासी गठबंधन पूरी तरह बदल चुके हैं. सालों की दुश्मनी भुलाकर उद्धव और राज ठाकरे अब एक साथ चुनावी मैदान में थे. दूसरी ओर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 'पवार बनाम पवार' की असली लड़ाई देखने को मिली थी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेंगे.
नागपुर में, जो मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है, परिणामों से पता चला कि आक्रामक अभियान के बावजूद कांग्रेस को महत्वपूर्ण पैठ बनाने में संघर्ष करना पड़ा.
नागपुर नगर निगम की 151 सदस्यीय विधानसभा की सभी 151 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं. बीजेपी को 102 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 34 सीटें प्राप्त हुईं.
ठाणे में, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गृह क्षेत्र है, उनकी शिवसेना ने महायुति के लिए जीत हासिल की और 131 सीटों में से 75 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी बीजेपी ने 28 सीटें जीतीं.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 2,868 में से 2,833 सीटों के नतीजे आ गए हैं. इसमें
बीजेपी-1,400
शिवसेना- 397
कांग्रेस- 324
एनसीपी- 160
शिवसेना-यूबीटी- 153 सीटें
महाराष्ट्र में हुए निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया है. मुंबई का शिवसेना का किला भेद महायुति ने कमाल कर दिखाया है. यहां पढ़ें पूरी खबर - महाराष्ट्र की सियासत के 'धुरंधर' बने देवेंद्र फडणवीस... मुंबई का किला भेद BJP को दिलाई 'महाविजय'
चुनाव आयोग के अनुसार, रात 9 बजे तक 2784 सीटों पर बीजेपी ने 1372, बीएसपी ने 6, कांग्रेस ने 315, एनसीपी 158, एमएनएस 12, शिवसेना (यूबीटी) 149, एनसीपी-एसपी 36 और शिवसेना 394 सीटों पर जीत मिली है.
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में ओवैसी की पार्टी AIMIM ने मुस्लिम बहुलय इलाके में अच्छा प्रदर्शन किया है. 75 सीटों पर पार्टी बढ़त बनाई हुई है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल इलाकों में AIMIM की पतंग ने भरी उड़ान, मालेगांव में ओवैसी बने किंगमेकर
पुणे नगर निगम चुनाव के नतीजों में बीजेपी को भारी जीत मिली है. बीजेपी ने 123 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 21 सीटों पर सिमटी, जबकि कांग्रेस को 16 सीटें मिली हैं. शिवसेना शिंदे गुट और ठाकरे गुट को केवल एक-एक सीट पर संतोष करना पड़ा है.
पीएम मोदी ने निकाय चुनाव में बीजेपी गठबंधन की बंपर जीत पर बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, "धन्यवाद, महाराष्ट्र! राज्य के उत्साही लोगों ने NDA के जन कल्याण और सुशासन के एजेंडे को आशीर्वाद दिया है. विभिन्न नगर निगम चुनावों के नतीजे दिखाते हैं कि NDA और महाराष्ट्र के लोगों के बीच रिश्ता और भी मज़बूत हो गया है. हमारे काम का अनुभव और विकास का विज़न लोगों के दिलों को छू गया है. मैं महाराष्ट्र के सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता हू्ं. यह जनादेश प्रगति को और गति देगा और यह राज्य से जुड़ी गौरवशाली संस्कृति का उत्सव है."

चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 4:30 बजे तक नगर निगम चुनावों में बीजेपी सबसे आगे चल रही है. बीजेपी 56 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. शिवसेना यूबीटी 44 सीटों पर आगे है, जबकि शिंदे गुट 22 सीटों पर कायम है. कांग्रेस 16 सीटों पर, एमएनएस 4 और एमआईएम 6 सीटों पर आगे चल रही है.
संभाजीनगर नगर निगम चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. बीजेपी ने शिवसेना से नगर निगम छीनते हुए 115 सीटों में से 52 सीटों पर बढ़त बना ली है. शिंदे गुट की शिवसेना केवल 14 सीटों पर पीछे चल रही है. वहीं एमआईएम 24 सीटों पर बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में नजर आ रही है.
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के नेता मुंबई में मिलिंद वैद्य ने जीत के बाद अपने समर्थकों के साथ जश्न मनाया.

बीएमसी चुनावों के बीच वसई-विरार महानगरपालिका के नतीजों ने सबका ध्यान खींचा है. यहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह के प्रचार को महायुति की बड़ी जीत की अहम वजह माना जा रहा है. जिन चार प्रत्याशियों के लिए उन्होंने चुनावी अभियान चलाया, वे चारों जीतने में सफल रहे. प्रभाग क्रमांक 18 में महायुति ने क्लीन स्वीप करते हुए चारों सीटों पर जीत दर्ज की है.
चुनाव के दौरान धनंजय सिंह ने इस प्रभाग में भव्य रोड शो किया था. रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतरे और माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया.

इनपुट: कुमार अभिषेक
नागपुर नगर निगम (NMC) चुनावों में बीजेपी 109 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 30 सीटों पर आगे है.151 सदस्यों वाले इस नगर निकाय के लिए गुरुवार को महाराष्ट्र की 28 अन्य नगर निगमों के साथ वोटिंग हुई थी.नागपुर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चार उम्मीदवार भी आगे चल रहे हैं. AIMIM के जो उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, वे हैं अलीशा खान, रेशमा नंदगावली, सोफिया शेख और पवन कोए. AIMIM ने नागपुर में 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जहां पार्टी प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली को संबोधित किया था.
पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने जालना नगर निगम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की है. जीत हासिल करने के बाद पंगारकर ने अपने समर्थकों के साथ जश्न मनाया.
सोलापुर शहर के प्रभाग क्रमांक 2 में मनसे नेता बालासाहेब सरवदे हत्याकांड ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी. भाजपा के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में मनसे विद्यार्थी सेना के शहर अध्यक्ष बालासाहेब सरवदे की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में भाजपा उम्मीदवार शालन शिंदे और उनका पूरा परिवार फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. नामांकन वापस लेने को लेकर 2 जनवरी की दोपहर विवाद शुरू हुआ था, जो शाम होते-होते हिंसक हो गया और हत्या में तब्दील हो गया. तब से भाजपा उम्मीदवार शालन शिंदे जेल में हैं. बिना किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार किए भाजपा की शालन शिंदे चुनाव जीत गई हैं.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों में जलगांव से एक बेहद भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां महायुति के उम्मीदवार पीयूष ललित कोल्हे की जीत के बाद सरिता कोल्हे अपने आंसू नहीं रोक पाईं. इस चुनाव में कोल्हे परिवार के लिए तिहरी खुशी आई है. परिवार के तीन सदस्यों- ललित कोल्हे, सिंधुताई कोल्हे और पीयूष ललित कोल्हे ने अपने-अपने वार्डों से जीत दर्ज की है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ललित कोल्हे ने जेल में रहते हुए चुनाव लड़ा और मतदाताओं का भरोसा जीतने में कामयाब रहे. तीनों ही अलग-अलग पार्टी से चुनाव लड़े थे.
बीजेपी के शानदार प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नीतेश राणे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'जो हिन्दू हित की बात करेगा वही महाराष्ट्र पर राज करेगा...जय श्री राम.'
नागपुर महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी शानदार प्रदर्शन करती दिख रही है. सभी 151 सीटों के रुझान सामने आ गए हैं और बीजेपी उम्मीदवार 109 सीट पर आगे चल रहे हैं.
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव परिणामों में बीजेपी का जबरदस्त दबदबा दिख रहा है. पार्टी 20 से अधिक निकायों में बढ़त बनाए हुए है, जिसमें मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहर शामिल हैं. ठाणे में शिंदे सेना और लातूर-चंद्रपुर में कांग्रेस कड़ी टक्कर दे रही है.
मुंबई - बीजेपी को बढ़त
पुणे - बीजेपी को बढ़त
कल्याण - डोंबिवली - शिंदे सेना को बढ़त
ठाणे - शिंदे सेना को बढ़त
नवी मुंबई - बीजेपी को बढ़त
मीरा - भाईंदर - बीजेपी को बढ़त
उल्हासनगर - बीजेपी को बढ़त
वसई-विरार - बीजेपी को बढ़त
भिवंडी - कांग्रेस को बढ़त
पनवेल - बीजेपी को बढ़त
नागपूर - बीजेपी को बढ़त
पिंपरी - चिंचवड - बीजेपी को बढ़त
नाशिक - बीजेपी को बढ़त
संभाजीनगर - बीजेपी को बढ़त
कोल्हापूर - कांग्रेस को बढ़त
सांगली - मिरज - बीजेपी को बढ़त
सोलापुर - बीजेपी को बढ़त
मालेगांव - शिंदे सेना को बढ़त
अहिल्यानगर - अजित पवार की एनसीपी को बढ़त
जलगाव -बीजेपी और शिंदे सेना को बढ़त
धुले- बीजेपी को बढ़त
इचलकरंजी - बीजेपी को बढ़त
नांदेड - बीजेपी को बढ़त
परभणी - उद्धव शिवसेना को बढ़त
जालना - बीजेपी को बढ़त
लातूर - कांग्रेस को बढ़त
अमरावती - बीजेपी को बढ़त लेकिन कांग्रेस दे रही है कड़ी टक्कर
अकोला - बीजेपी को बढ़त
चंद्रपूर - कांग्रेस को बढ़त
कल्याण डोंबिवली निगम में एक ही परिवार के तीन लोग अलग-अलग दलों से चुनाव जीत गए हैं. पैनल क्रमांक 21 में एक ही परिवार से जो तीन उम्मीदवार विजयी हुए हैं वो हैं-
रेखा म्हात्रे - शिवसेना
रवीना म्हात्रे - भाजपा
प्रल्हाद म्हात्रे - मनसे
लातूर में कांग्रेस ने बीजेपी को पीछे छोड़ा दिया है. यहां कांग्रेस 35 सीटों पर आगे जबकि बीजेपी 13 सीटों पर आगे है. ताजा आंकड़े इस प्रकार हैं-
भाजपा- 13
कांग्रेस - 35
राष्ट्रवादी (AP)- 1
राष्ट्रवादी (SP)- 0
शिवसेना -0
शिवसेना (UBT)-0
वंचित - 5
MIM-0
अन्य -0
नागपुर के प्रभाग 3 में ओवैसी की पार्टी AIMIM के तीन उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. वहीं पुणे में भाजप एकतरफा जीत की तरफ बढ़ रही है और फिलहाल 52 सीटों पर आगे हैं जबकि एनसीपी 6 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है. शिवसेना और उद्धव सेना फिलहाल खाता नहीं खोल सके हैं.
रुझानो के मुताबिक नागपुर मे बीजेपी ने बहुमत हासिल कर लिया है. 151 सीट वाली नागपुर महानगरपालिका में बहुमत के लिए 76 का आंकड़ा चाहिए और बीजेपी इस आंकड़े को पा लिया है.
कोल्हापुर में कांग्रेस आगे 26 सीटों पर आगे है. कोल्हापुर की ताजा तस्वीर-
बीजेपी- 22
शिवसेना - 9
एनसीपी - 3
कांग्रेस - 26
शिवसेना UBT-2
एनसीपी एसपी-0
मनसे - 0
अन्य -0
नागपुर में भी बीजेपी की बढ़त 50 को पार कर गई है. वहीं छत्रपति संभाजीनगर में में BJP 12 सीटों पर आगे है. यहां AIMIM और शिवसेना के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है जो 5 सीटों पर आगे, शिवसेना UBT 5 सीटों पर आगे और शिंदे शिवसेना 6 सीटों पर आगे है.इसके अलावा शरद पवार की एनसीपी और अजित पवार की एनसीपी 1 सीट पर आगे हैं.
पुणे में बीजेपी बंपर और एकतरफा बढ़त की तरफ बढ़ रही है. अभी तक बीजेपी की बढ़त 50 सीटों की हो गई है. यहां एनसीपी 14 पर आगे हैं. अभी तक कांग्रेस, यूबीटी सेना औ शिवसेना का खाता नहीं खुल सका है.
नागपुर महानगरपालिका में में बीजेपी 38 सीटों पर बड़ी बढ़त बनाए हुए है जबकि कांग्रेस 12 सीटों पर आगे है. नागपुर के ताजा रुझान इस प्रकार हैं-
भाजपा- 38
शिवसेना- 02
राष्ट्रवादी शिवसेना- 00
ठाकरे शिवसेना- 00
कांग्रेस- 12
मनसे-00
शरद पवार गुट- 00
अन्य- 00
कोल्हापुर में कांग्रेस बीजेपी से आगे निकल गई है. यहां 17 सीटों पर आगे, बीजेपी 15 सीटों पर आगे चल रही है जबकि अकोला में बीजेपी 10 सीटों पर आगे है वहीं कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है और शिवसेना UBT एक सीट पर आगे है. यहां कुल 81 नगर सेवक चुने जाने हैं.
अहिल्यानगर में बीजेपी 3 सीटों पर और अजित पवार 2 सीटों पर आगे है वही नागपुर में बीजेपी 20 और कांग्रेस 6 सीटों पर आगे चल रही है. अमरावती में बीजेपी 2 सीटों पर आगे चल रही है जबकि अकोला में बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे है. वहीं नांदेड़ में बीजेपी 5 और शिंदे सेना 2 सीटों पर आगे है. नागपुर में बीजेपी 13 सीटों पर आगे जबकि कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
अकोला - बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं पुणे PMC में बीजेपी 42 सीटों पर आगे है और अजित पवार 14 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस 1 वार्ड में आगे हैं. वहीं पिंपरी चिंचवाड़ में अजित पवार की NCP 9 सीटों पर आगे है जबकि बीजेपी की बढ़त 29 सीटों तक पहुंच गई है.
छत्रपति संभाजी नगर में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने बढ़त बना ली है जो 5 वार्ड में आगे चल रही है जबकि बीजेपी 4 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस का खाता खुलना अभी बांकी है.
पिंपरी चिंचवाड़ में BJP 5 सीटों पर आगे चल रही है जबकि शिंदे शिवसेना 1 पर आगे हैं और NCP अजीत गुट 3 सीटों पर आगे चल रहा है. वहीं शरद पवार NCP 1 सीट पर आगे चल रहे हैं. जालना में BJP आगे चल रही है.
सांगली–मिरज–कुपवाड महानगरपालिका में कुल 61.30% वोटिंग हुई जो 2018 में हुए 62.17% वोटिंग से करीब 1 परसेंट कम रही है. इस बार भी सुबह के समय वोटरों में कोई खास उत्साह नहीं देखा गया था लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में वोटर पोलिंग स्टेशनों की तरफ बढ़ने लगे. दोपहर 3:30 बजे तक सिर्फ 41.79% मतदान हुआ था.
पिंपरी–चिंचवाड़ महानगरपालिका में कुल 57.71% वोटिंग हुई. दोपहर तक मतदान की रफ्तार बहुत सुस्त रही लेकिन शाम होते-होते मतदान में तेज बढ़ोतरी होने लगी. सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग से निगरानी की गई थी.
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में सबसे चौंकाने वाला सियासी उलटफेर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में देखने को मिला. राज्य में सत्ताधारी 'महायुति' का हिस्सा होने के बावजूद, डिप्टी सीएम अजित पवार ने इन दो निकायों के लिए अपने चाचा शरद पवार के साथ हाथ मिला लिया. दोनों गुटों ने न केवल मिलकर चुनाव लड़ा, बल्कि एक 'संयुक्त घोषणापत्र' भी जारी किया, जिसमें पुणे मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया है.
पुणे महानगरपालिका में कुल 163 वार्ड हैं और इस बार कुल 52.42% वोटिंग हुई है. 2017 में पुणे में 55.56% वोटिंग हुई थी जिसमें पिछली बार की तुलना लगभग 3.5% की गिरावट दर्ज की है. कम मतदान से किसे नुकसान होगा इसकी चर्चा भी तेज और और विश्लेषक तमाम तरह से इसका आंकलन कर रहे हैं.
नाशिक महानगरपालिका में इस बार कुल 56.67 % मतदान हुआ था जबकि पिछली बार यानि 2017 में मतदान प्रतिशत 61.60% रहा था. इस बार करीब 5% की गिरावट रही थी. ऐसे में घटे मतदान का असर किस पार्टी पर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है.
इस चुनावी मुकाबले में सबसे प्रमुख नगर निगमों में से एक मुंबई का बीएमसी (BMC) है. इसके अलावा, जो जिन अन्य नगर निगमों के नतीजे आज घोषित होने हैं उनमें छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभनी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं.