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ईरान जंग के बीच मेलोनी ने नेतन्याहू को दिया झटका! 20 साल बाद उठाया ऐसा कदम

ईरान जंग के चलते पश्चिम में पार्टनरशिप के कई समीकरण डगमगा गए हैं. एक तरफ अमेरिका अपने सहयोगियों से दूर हो रहा है तो दूसरी तरफ पश्चिमी देश इजरायल को झटके पर झटका दे रहे हैं. अब इटली ने इजरायल के साथ अपने रक्षा संबंधों में गिरावट लाने का काम किया है.

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इटली ने इजरायल के साथ अपने रक्षा संबंधों को कम किया है (File Photo: Reuters)
इटली ने इजरायल के साथ अपने रक्षा संबंधों को कम किया है (File Photo: Reuters)

ईरान जंग ने अमेरिका और इजरायल को उनके सहयोगियों से काफी हद तक दूर कर दिया है. अब इटली ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को निलंबित कर दिया है. रक्षा समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों के आदान-प्रदान और टेक्निकल रिसर्च शामिल थे. यह जानकारी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को दी है.

मेलोनी ने वेरोना में एक प्रोग्राम के दौरान कहा, 'मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते को रिन्यू करना सस्पेंड कर दिया है.' इटली की समाचार एजेंसियों ANSA और AGI ने यह जानकारी दी.

इटली के एक डिप्लोमैटिक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफपी से इसकी पुष्टि करते हुए कहा, 'इजरायल के साथ डिफेंस समझौते को जारी रखना राजनीतिक रूप से मुश्किल हो गया था.'

समझौता निलंबन पर इजरायल ने क्या कहा?

इजरायल ने इटली के साथ रक्षा समझौता निलंबित करने के फैसले को खारिज कर दिया है और कहा है कि मेलोनी सरकार के इस कदम का उसकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मार्मोर्स्टेन ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, 'हमारा इटली के साथ कोई औपचारिक सुरक्षा समझौता नहीं है. कई साल पहले हुआ एक समझौता ज्ञापन (MoU) जरूर है, जिसमें कभी कोई ठोस सामग्री नहीं रही. इससे इजरायल की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.'

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20 साल का रक्षा समझौता हो गया सस्पेंड

इजरायल ने साल 2006 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाती है. इसके तहत रक्षा उद्योग, मिलिट्री ट्रेनिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल था.

पिछले एक हफ्ते में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. इटली ने आरोप लगाया था कि लेबनान में तैनात इटली के संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के काफिले पर इजरायली सैनिकों ने गोलियां चलाई गईं. इस घटना में सेना की एक गाड़ी को नुकसान हुआ, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ.

इस घटना के विरोध में इटली ने इजरायल के राजदूत को तलब किया. जवाब में सोमवार को इजरायल ने भी इटली के राजदूत को बुलाया. इटली के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने लेबनान में नागरिकों पर हमलों की निंदा की और उसे अस्वीकार्य बताया.

तजानी सोमवार को बेरूत में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और विदेश मंत्री योसेफ रागी के साथ बातचीत के लिए पहुंचे थे. बाद में उन्होंने एक्स पर लिखा कि वो 'लेबनान पर इजरायल के हमले अस्वीकार्य हैं. इन हमलों के बाद लेबनान के प्रति इटली की एकजुटता व्यक्त करने के लिए वो वहां पहुंचे थे.

सीजफायर के बावजूद लेबनान पर हमले कर रहा इजरायल

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28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले शुरू हुए थे. युद्ध जैसे-जैसे आगे बढ़ा इजरायल ने ईरान के प्रॉक्सी समूहों पर भी हमले शुरू कर दिए जिसमें लेबनान स्थित हिज्बुल्लाह को टार्गेट करना शामिल था.

8 अप्रैल को ईरान-अमेरिका के बीच 14 दिनों का सीजफायर हो गया था लेकिन लेबनान पर इजरायल के हमले नहीं रुक रहे हैं. मार्च की शुरुआत से लेबनान पर हो रहे इजरायली हमलों में अब तक 1,800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और पांच हजार से ज्यादा लोग घायल हैं.

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