
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप का दावा है कि फ्रांस में आयोजित बैठक के दौरान मेलोनी ने उनके साथ बार-बार तस्वीरें खिंचवाने का अनुरोध किया. ट्रंप के मुताबिक, मेलोनी ऐसा अपनी गिरती लोकप्रियता को बचाने के लिए कर रही हैं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, फ्रांस में G-7 बैठक के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बार-बार मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए कहा. इटली में उनकी लोकप्रियता का स्तर गिर रहा है, शायद इसलिए क्योंकि जब ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने से रोकने की बात आई, तो उन्होंने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया. हालांकि NATO ने भी ऐसा ही किया था.

ट्रंप ने बताया कि हमें इटली के लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया गया, जिससे लॉजिस्टिक्स में बड़ी दिक्कत हुई, और यह तब हुआ जब अमेरिका इटली और अन्य तथाकथित NATO सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर साल अरबों डॉलर का योगदान देता है.
यह भी पढ़ें: 'मेरी शक्तियों की कोई सीमा नहीं', ट्रंप ने खुद को बताया हिटलर-नेपोलियन से भी ज्यादा ताकतवर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अब, जब अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहती हैं.
मेलोनी ने ट्रंप के दावों को बताया मनगढ़ंत
इससे पहले भी जब ट्रंप ने मेलोनी को लेकर ऐसा ही दावा किया था, तब इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की थी. मेलोनी ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत करार दिया था और अपने सहयोगियों के साथ ट्रंप के इस तरह के बर्ताव पर निराशा जताई थी.
ट्रंप के दावे के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया था. मेलोनी ने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने सहयोगी देशों के नेताओं के बारे में ऐसी बातें क्यों करते हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो इटली और न ही मैं किसी से भीख मांगते हैं.