scorecardresearch
 

क्या इजरायल के पास ईरान का एटॉमिक प्लांट बर्बाद करने की क्षमता है? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

इजरायल के पास ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों पर हमला करने की क्षमता है, लेकिन उन्हें पूरी तरह नष्ट करना संभव नहीं है. इस काम के लिए इजरायल को अमेरिका का सहयोग चाहिए होगा और इस हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा सकता है.

Advertisement
X
प्रोफेसर नसर के अनुसार ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करना संभव नहीं है. (फाइल फोटो)
प्रोफेसर नसर के अनुसार ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करना संभव नहीं है. (फाइल फोटो)

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या इजरायल के पास ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता है? इस मुद्दे पर इंडिया टुडे और आजतक के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल ने प्रसिद्ध मध्य पूर्व विशेषज्ञ और जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ फेलो प्रोफेसर वली नसर से सवाल किया कि क्या इजरायल अकेले अपने दम पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर सकता है.

प्रोफेसर नसर का जवाब था, 'इजरायल के पास ईरान के कुछ ठिकानों पर हमला करने की क्षमता है, लेकिन वह पूरे परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से नष्ट नहीं कर सकता.' इजरायल के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ईरान के परमाणु ठिकाने भूमिगत और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे हुए हैं. बंकर-बस्टर बमों से भी इन्हें नष्ट करना बेहद कठिन है. इसके अलावा ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को इतनी जगहों पर फैला दिया है कि उसे पूरी तरह से नष्ट करना असंभव हो गया है.

राहुल कंवल ने इस संदर्भ में यह सवाल भी उठाया कि अगर इजरायल हमला करता है तो अमेरिका का क्या रुख होगा? प्रोफेसर नसर ने कहा, 'अगर इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करता है तो उसे अमेरिका का सहयोग चाहिए होगा.'

उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे हमलों का परिणाम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को और गुप्त और सुरक्षित बनाने में हो सकता है, जिससे इजरायल का काम और मुश्किल हो जाएगा.

Advertisement

इसके साथ ही अगर ईरान पर हमला होता है, तो पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है. इसका असर खाड़ी देशों, इजरायल और यहां तक कि अमेरिका पर भी पड़ सकता है. यह संघर्ष एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जो सभी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

इजरायल के पास ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों पर हमला करने की क्षमता है, लेकिन पूरी तरह से इन ठिकानों को नष्ट करना उसके लिए संभव नहीं होगा. इस स्थिति में इजरायल को अमेरिका का समर्थन चाहिए होगा. अगर इजरायल ने ऐसा कदम उठाया तो यह पूरे मध्य पूर्व में एक बड़े सैन्य संघर्ष को जन्म दे सकता है. ऐसे में दोनों देशों के लिए बातचीत और कूटनीति से समाधान निकालना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा, क्योंकि युद्ध की स्थिति में कोई एक विजेता बने इसकी संभावना कम है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement