इजराइल ने बुधवार को गाजा पट्टी पर लगातार हवाई और जमीनी हमले किए, जिनमें कम से कम 24 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. मृतकों में दो नवजात शिशु भी शामिल हैं. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इजरायली हमलों में कम से कम पांच बच्चे, सात महिलाएं और ड्यूटी पर तैनात एक पैरामेडिक की भी जान चली गई. यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब 10 अक्टूबर से लागू संघर्षविराम लगातार दबाव में है और बार-बार टूटता नजर आ रहा है.
इजरायल का कहना है कि उसने बुधवार को तीन उग्रवादी नेताओं को मार गिराया, जो उसके सैनिकों के लिए खतरा बने हुए थे. इजरायली सेना के मुताबिक, ये हमले हमास की ओर से किए गए हमले के जवाब में किए गए, जिसमें एक इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया. संघर्षविराम के बावजूद गाजा में लगातार हो रही हिंसा ने स्थानीय लोगों के बीच यह भावना पैदा कर दी है कि युद्ध वास्तव में थमा ही नहीं है.
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संघर्षविराम लागू होने के बाद से अब तक 556 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. वहीं, इजरायल का दावा है कि इस अवधि में उसके चार सैनिक मारे गए हैं. गाजा शहर के अल-तुफ्फाह इलाके में तड़के हुए एक हमले में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई. शिफा अस्पताल के मुताबिक, मृतकों में माता-पिता, उनकी 10 दिन की नवजात बेटी वतीन खब्बाज, पांच महीने की बच्ची मीरा खब्बाज और बच्चों की दादी शामिल हैं.
इस हमले के बाद अस्पताल परिसर में मातम का माहौल रहा. परिजनों ने सवाल उठाया कि इन बच्चों का क्या कसूर था? खान यूनिस के मुवासी इलाके में एक टेंट पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए. मृतकों में एक पैरामेडिक भी शामिल है. इजरायली सेना ने दावा किया कि इस हमले में हमास के एक प्लाटून कमांडर बिलाल अबू असी को निशाना बनाया गया, जो 7 अक्टूबर, 2023 के नरसंहार में शामिल था.
इसके अलावा, खान यूनिस और गाजा सिटी के अल-शाती शरणार्थी शिविर में हुए अलग-अलग हमलों में भी कई लोग मारे गए और घायल हुए. इजरायल ने कहा कि उसने हमास और इस्लामिक जिहाद के नेताओं को निशाना बनाया है. इस बीच, राफा सीमा पार से लोगों की आवाजाही बेहद सीमित बनी हुई है. इलाज के लिए मिस्र जाने की कोशिश कर रहे कई मरीजों और उनके परिजनों को सीमा पर ही रोक दिया गया. हालांकि संघर्षविराम के तहत कुछ प्रगति भी हुई है.
सभी बंधकों की रिहाई हो चुकी है, कैदियों की अदला-बदली हुई है और मानवीय सहायता बढ़ी है. लेकिन गाजा के पुनर्निर्माण, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और हमास के निरस्त्रीकरण जैसे अहम मुद्दे अब भी अटके हुए हैं. इस युद्ध में अब तक 71,800 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. बता दें कि हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल में 1,200 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद इस युद्ध की शुरुआत हुई थी. गाजा में हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं.