इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर 70 मिसाइलें दाग दी हैं. इस बीच ईरान पर हमला करने में साथ देने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को थैंक्यू कहा है.
ईरान के इजरायल पर हमले के बीच नेतन्याहू का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ 'शेर की दहाड़' ऑपरेशन शुरू किया है. उन्होंने इस हमले को ईरान के 'आतंकी शासन' को खत्म करने के लिए उठाया गया जरूरी कदम बताया.
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजराइल और अमेरिका ने ईरान में आतंकी शासन के पैदा किए गए अस्तित्वगत खतरे को खत्म करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है.'
नेतन्याहू ने ट्रंप को कहा 'थैंक्यू'
नेतन्याहू ने ईरान पर हमले में साथ देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'मैं अपने महान मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए थैंक्यू कहता हूं. 47 सालों से अयातुल्ला शासन इजरायल मुर्दाबाद और 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगा रहा है. इसने हमारा खून बहाया है, कई अमेरिकियों का कत्ल किया है और अपने ही लोगों का नरसंहार किया है.'
नेतन्याहू ने आगे कहा कि इस खूनी आतंक शासन को परमाणु हथियारों से लैस नहीं किया जाना चाहिए, जो इंसानियत के लिए खतरा बनने की शक्ति दे. उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई से ईरान के लोग अपनी किस्मत अपने हाथ में ले पाएंगे.
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इजरायली जनता से नेतन्याहू की अपील
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, 'ईरान के सभी वर्गों- फारसियों, कुर्दों, अजेरियों, बलूचों और अहवाजियों के लिए जुल्म के जुए को उतार फेंकने और एक आजाद और शांतिप्रिय ईरान की स्थापना करने का समय आ गया है. मैं आप सभी इजरायल के नागरिकों से, गृह मोर्चा कमान के निर्देशों का पालन करने की अपील करता हूं. आने वाले दिनों में शेर की दहाड़ ऑपरेशन के दौरान हम सभी को धैर्य और हिम्मत दिखानी होगी. हम साथ मिलकर खड़े होंगे, साथ मिलकर लड़ेंगे, और साथ मिलकर इजरायल को अमर करेंगे.'