विजय और तमिलनाडु के राज्यपाल की हुई मुलाकात (Photo: ITG) Tamil Nadu Government Formation News Live Updates: तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार गठन का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है. राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया है. शनिवार को VCK और IUML ने उनकी पार्टी TVK को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया. दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं और इनके समर्थन के बाद विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन पहुंच गया है.
अब नए समर्थन के साथ तमिलनाडु में पिछले चार दिनों से चल रहा राजनीतिक असमंजस खत्म हो गया है. TVK ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया. इसके बाद राज्यपाल से हरी झंडी मिल गई. अब तमिलनाडु में विजय सरकार का शपथ ग्रहण रविवार को होगा.
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में दो साल पुरानी विजय की पार्टी TVK ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए DMK और AIADMK जैसी द्रविड़ राजनीति की बड़ी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया. TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. हालांकि विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद पार्टी की वास्तविक संख्या 107 रह जाएगी.
चुनाव में DMK गठबंधन के साथ उतरी कांग्रेस ने 5 सीटें जीती थीं. नतीजों के बाद कांग्रेस ने DMK से अलग होकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया और TVK को समर्थन देने वाली पहली पार्टी बनी. इसके बाद वामदलों ने भी अपने 4 विधायकों के साथ TVK को समर्थन देने का ऐलान किया.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित विजय के शपथ ग्रहण समारोह का समय बदल दिया गया है. अब यह समारोह 10 मई को सुबह 10 बजे आयोजित होगा.
तमिलनाडु के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित नेता विजय को निर्देश दिया है कि वे 13 मई तक या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करें.
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं. विजय की लोकप्रियता और समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए यह समारोह किसी सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम जैसा नहीं बल्कि बड़े फिल्मी ऑडियो लॉन्च जैसा माहौल पैदा कर सकता है. जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम को तैयार किया जा रहा है. स्टेडियम की बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और प्रशासनिक तैयारियां भी चल रही हैं. दोपहर तीन बजे के बाद टीवीके प्रमुख विजय शपथ ले सकते हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है. TVK प्रमुख विजय ने एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात की है, जिसके बाद सरकार गठन और शपथ ग्रहण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. रिपोर्टर के मुताबिक, विजय इससे पहले भी दो बार राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं. पहली बार वह वोट प्रतिशत से जुड़ा डाटा लेकर पहुंचे थे, जबकि पिछली मुलाकात में उन्होंने “107” नंबर का समर्थन पत्र सौंपा था. उस समय उनके पास लगभग 33 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा था.
अब दावा किया जा रहा है कि विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन मौजूद है. इसी वजह से उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, विजय इस बार अकेले नहीं पहुंचे. उनके साथ सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. इनमें CPI, CPI(M), कांग्रेस और अन्य समर्थन देने वाले दलों के प्रतिनिधि शामिल बताए गए.
राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इसके साथ ही यह जानकारी भी सामने आई है कि कल दोपहर 3 के बाद विजय का शपथग्रहण हो सकता है.
इनपुट: प्रमोद माधव
देर शाम टीवीके प्रमुख विजय और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के बीच मुलाकात हुई है.

मदुरै उत्तर से टीवीके विधायक अनबन कल्लनई ने खास बातचीत में तालमेल से भरा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वे भी बाकी लोगों की तरह टीवी पर ही सारी खबरें देख रहे हैं, क्योंकि अंदर मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा कि उन पर पूरा भरोसा है कि जनता की सरकार बन रही है और आने वाले दिन अच्छे होंगे. टीवीके प्रमुख विजय को लेकर उन्होंने कहा कि इस तरह की शर्तें उनके लिए नई नहीं हैं. विजय से पहले भी कई मुश्किलों को पार कर चुके हैं और इस बार भी वह इन हालात से बाहर निकल जाएंगे.
इनपुट: अपूर्वा जयचंद्रन
चेन्नई में IUML अध्यक्ष के एम कादर मोहिदीन ने तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि IUML ने तमिलनाडु चुनाव DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के साथ मिलकर लड़ा था. लेकिन अब जब गठबंधन की दूसरी एनडीए सरकार को समर्थन दे रही है, तो IUML ने भी उसी नीति के तहत समर्थन देने का फैसला किया है.
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने टीवीके प्रमुख विजय राजभवन पहुंच गए हैं.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को शाम 6:30 बजे बैठक का समय दे दिया है.
इनपुट: मारिया शकील
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर नया मोड़ आ गया है. जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की तरफ से अभी तक विजय को मीटिंग का समय नहीं दिया गया है.
इनपुट: अनघा
टीवीके के सरकार बनने का रास्ता साफ होने के बाद इसके विधायक रेवंत चरण की प्रतिक्रिय सामने आई है. उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा “तमिलनाडु के लोगों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो चुकी है. सिर्फ एक हफ्ते के भीतर जनता का शोषण करने वाले डीएमके-एआईएडीएमके और तमिलनाडु को गुलाम बनाकर उसका शोषण करने की कोशिश करने वाली बीजेपी के गठजोड़ का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है. लोगों ने सच को समझ लिया है.अब आने वाले कम से कम 25 वर्षों तक कोई भी विरोधी गठबंधन मेरे जीवन समान भाई और तमिलनाडु के भावी मुख्यमंत्री कमांडर के करीब भी नहीं पहुंच पाएगा.
स्वर्णिम कमांडर के नेतृत्व में तमिलनाडु जीत हासिल करेगा.”
तमिलनाडु में अब वीसीके के अलावा IUML भी टीवीके के साथ आ गई है. IUML ने टीवीके को बिना किसी शर्त के समर्थन दिया है. पार्टी ने शाम को टीवीके को अपना समर्थन पत्र सौंपा है. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं.

थोल तिरुमावलवन के नेतृत्व वाली वीसीके (VCK) ने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है. इससे तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है और अब विजय सरकार बनाने की ओर बढ़ रहे हैं. वीसीके के इस फैसले को थलपति विजय के लिए बड़ा राजनीतिक समर्थन माना जा रहा है. वहीं थोल तिरुमावलवन के नेतृत्व वाली पार्टी ने साफ किया है कि उनका समर्थन बिना किसी शर्त के होगा.

तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके को वीसीके का समर्थन पत्र मिल गया है. इस तरह थलपति विजय के सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है. इस बार वीसीके ने आधिकारिक तौर पर समर्थन पत्र सौंपा है. इसकी तस्वीर भी सामने आई है.

चेन्नई में भाजपा नेता तमिलसाई सौंदर्याराजन ने तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं विजय की सफलता के लिए उन्हें बधाई देती हूं और जनता के जनादेश का सम्मान करती हूं. साथ ही हम संविधान का भी सम्मान करते हैं.” उन्होंने कहा, “संविधान के अनुसार सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या चाहिए. अगर आपके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है तो कोई आपको पास नहीं कर सकता. राज्यपाल को दोष नहीं दिया जा सकता. दोष उस पार्टी का है जो पर्याप्त संख्या के बिना दावा पेश कर रही है.” तमिलिसाई ने डीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा, “डीएमके कह रही है कि वह सरकार गठन में बाधा नहीं डाल रही, लेकिन अगर ऐसा है तो Thol Thirumavalavan स्टालिन से मुलाकात के बाद फैसला लेने में देरी क्यों कर रहे हैं?”
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी रामसुब्रमणि ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राज्यपाल के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने थलपति विजय को सरकार बनाने के लिए न्योता नहीं दिया. पूर्व पुलिस महानिरीक्षक रामासुब्रमणि की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक है. याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्यपाल विधानसभा के बाहर बहुमत तय करने की कोशिश कर रहे हैं, जो बहुमत परीक्षण का असंवैधानिक तरीका है.
याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल विजय को सदन में फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साबित करने का मौका देने से इनकार नहीं कर सकते. याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में एसआर बोम्मई केस समेत सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों रमेश्वर प्रसाद, जी. परमेश्वर और शिवसेना मामलों का हवाला दिया है. याचिका में कहा गया है कि किसी सरकार के पास बहुमत है या नहीं, इसका परीक्षण केवल विधानसभा के पटल पर होना चाहिए, न कि राज्यपाल के व्यक्तिगत विवेक के आधार पर.
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि सबसे बड़ी पार्टी टीवीके के नेता विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने और अदालत द्वारा तय समयसीमा के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने की अनुमति दी जाए.याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्यपाल विधायकों की परेड नहीं मांग सकते और संवैधानिक परंपरा के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए.
तमिलनाडु में चुनाव बाद जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच एआईएडीएमके प्रमुख Edappadi K. Palaniswami के एक बयान ने सियासी हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. माना जा रहा है कि अभिनेता-राजनेता C. Joseph Vijay शायद चुपचाप सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में सफल हो गए हैं. पलानीस्वामी ने किसी पार्टी का नाम लिए बिना एक्स पर लिखा, “हाल ही में संपन्न हुए 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. तमिलनाडु में सरकार बनाने जा रहे दल को मैं हार्दिक बधाई देता हूं.”
ईपीएस का यह बयान ऐसे समय आया है जब 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है. विजय की टीवीके 107 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई है.
टीवीके के महासचिव N. Anand महाबलीपुरम के उस होटल पहुंच गए हैं, जहां पार्टी के विधायक ठहरे होने की जानकारी सामने आ रही है.टीवीके में सरकार गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है.
तमिलनाडु में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच वीसीके सांसद डी रविकुमार ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वीसीके सरकार में हिस्सेदारी या पदों की मांग कर रही है. रविकुमार ने मीडिया से अपील की कि ऐसी अटकलों पर भरोसा न किया जाए और न ही उन्हें बढ़ावा दिया जाए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और मीडिया को ऐसे प्रयासों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.
थलपति विजय का संभावित शपथ ग्रहण कैंसिल हो गया है. उधर राज्य में सरकार न बन पाने की स्थिति में विजय के समर्थकों में रोष भी देखा जाने लगा है. शनिवार को सामने आया कि एक समर्थक ने खुद को आग लगा ली, जिसे गंभीर रूप से झुलसे के बाद अस्पताल ले जाया गया है. असल में, तमिलनाडु में सरकार गठन में हो रही देरी के बीच टीवीके प्रमुख C. Joseph Vijay के एक समर्थक ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से वह बेहद नाराज और भावुक थे. जानकारी के मुताबिक, चार महीने पहले भी इसक्कियप्पन ने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फीट लंबा ‘वेल’ (भाला) आर-पार किया था.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच तमिलिसाई सौंदराराजन ने टीवीके प्रमुख थलपति विजय से शांति बनाए रखने की अपील करने को कहा है. तमिलिसाई ने कहा कि तमिलनाडु में हर व्यक्ति नई सरकार के गठन को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और लोग यह भी चाहते हैं कि बनने वाली सरकार स्थिर हो. उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान किया जा रहा है और इसी वजह से सरकार गठन के लिए कई मौके दिए जा रहे हैं.
विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने केवल इंटरनल मीटिंग की घोषणा की थी, इसके लिए मीडिया को कोई निमंत्रण जारी नहीं किया गया था. पार्टी ने जानकारी दी है कि आधिकारिक बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम 4 बजे आयोजित की जाएगी.
टीटीवी दिनाकरन ने टीवीके पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि एएमएमके विधायक द्वारा विजय का समर्थन करने की बात टीवी पर देखकर मैं स्तब्ध रह गया. एएमएमके विधायक का वीडियो किसने बनाया? टीटीवी दिनाकरन ने कहा कि टीवीके को विधायक का असली समर्थन पत्र दिखाना होगा. जो पत्र सामने आया, वह ओरिजिनल नहीं था.
टीटीवी का दावा है कि एएमएमके के समर्थन वाला पत्र असली नहीं था. इसके अलावा टीटीवी ने यह भी दावा किया कि वीडियो AI से तैयार किया गया था. टीटीवी का आरोप है कि टीवीके द्वारा जारी मन्नारगुडी में पत्र पर हस्ताक्षर करने वाला वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड था.
एएमएमके पार्टी के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टीवीके में अहंकार और घृणा भरी हुई है. एएमएमके विधायक द्वारा विजय का समर्थन करने की बात टीवी पर देखकर मैं स्तब्ध रह गया. एएमएमके विधायक का वह वीडियो किसने बनाया? टीटीवी दिनाकरन ने कहा वह वीडियो कहां से लिया? अगर विधायक ने टीवीके को समर्थन दिया था, तो विजय विधायक को राज्यपाल के पास क्यों नहीं ले गए? टीवीके हमारे गठबंधन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है.
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने कहा है कि तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही खींचतान में भारतीय जनता पार्टी का कोई हाथ नहीं है. विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुरुगन ने शनिवार को कहा, "बीजेपी की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है. बीजेपी को बेवजह इसमें घसीटा जा रहा है."
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एआईएडीएमके नेताओं का पार्टी महासचिव ई पलानीसामी के आवास पर पहुंचना शुरू हो गया है.जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है, वैसे-वैसे पलानीस्वामी के घर पर बैठकों और रणनीति को लेकर गतिविधियां भी बढ़ गई हैं. बता दें कि विजय अभी भी सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए हैं.
सीपीआई और सीपीएम द्वारा समर्थन की घोषणा पर उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उच्चस्तरीय बैठक की है और उसमें अच्छा फैसला लिया गया है. उन्होंने दोहराया कि वह भी अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने भाजपा और डीएमके दोनों पर तीखा हमला बोला है. एक्स पर किए गए पोस्ट में चक्रवर्ती ने कहा कि विजय की टीवीके ने खुद को एक धर्मनिरपेक्ष ताकत के रूप में पेश किया था और जनता भी एक धर्मनिरपेक्ष टीवीके सरकार चाहती थी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस टीवीके को समर्थन देने के लिए तैयार थी, लेकिन भाजपा ऐसी सरकार बनने से रोकने की कोशिश कर रही है. उन्होंने डीएमके पर भी आरोप लगाया कि वह परोक्ष रूप से एआईएडीएमके की मदद कर रही है ताकि धर्मनिरपेक्ष दल टीवीके का समर्थन न कर सकें. चक्रवर्ती ने सवाल उठाया, “आखिर किसने किसके साथ विश्वासघात किया?”
तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके के समर्थन से सरकार बनवाने की कोशिशें की जा रही हैं. लप्रमोद तिवारी ने कहा, “राज्यपाल का आचरण ऐसा लगता है मानो किसी वैकल्पिक सरकार को बनने से रोकने की कोशिश की जा रही हो.” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ “प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष” रूप से एक धर्मनिरपेक्ष ताकत के तौर पर अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.
तमिलनाडु में शुक्रवार देर रात सरकार गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला. थलपति विजय की सरकार बनाने की कोशिशें उस समय अटक गईं, जब समर्थन पत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. जो स्थिति पहले टीवीके के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही थी, वह कुछ ही घंटों में अनिश्चितता में बदल गई.
सूत्रों के मुताबिक, विजय शुक्रवार शाम करीब 6:45 बजे लोक भवन पहुंचे और सरकार गठन के समर्थन में 117 विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र राज्यपाल को सौंपे. इनमें एएमएमके के एक विधायक का समर्थन भी शामिल बताया गया। टीवीके ने राज्यपाल से शनिवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह कराने का अनुरोध किया.
बताया जा रहा है कि समर्थन पत्र मिलने के बाद राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने मुख्य सचिव से संपर्क कर अधिकारियों को शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए.
हालांकि करीब 30 मिनट बाद एएमएमके प्रमुख दिनाकरण ने राजभवन से तत्काल मुलाकात का समय मांगा और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक के समर्थन पत्र में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं.
करीब एक घंटे बाद दिनाकरन लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल से कहा कि उनकी पार्टी का विधायक टीवीके का समर्थन नहीं कर रहा है. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वह विधायक को व्यक्तिगत रूप से पेश करेंगे.
इसके बाद दिनाकरन ने विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उनसे संपर्क नहीं हो सका. रात करीब 12 बजे एएमएमके विधायक S. Kamaraj ने दोबारा दिनाकरन से संपर्क किया.
इसके बाद दिनाकरन और कामराज दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात की और कथित तौर पर कहा कि टीवीके के समर्थन में जमा कराया गया हस्ताक्षर असली नहीं है. उन्होंने कथित जालसाजी को लेकर टीवीके के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.
इन घटनाक्रमों के बाद राज्यपाल ने टीवीके को सूचित किया कि अगले दिन शपथ ग्रहण समारोह नहीं होगा। राजभवन की ओर से मुख्य सचिव को भी शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई.
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से कहा है कि वह 118 विधायकों के समर्थन के साथ दोबारा आएं. बहुमत साबित होते ही तुरंत शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी बातचीत तेज होने के बीच विजय की पार्टी टीवीके ने थोल थिरुमावलवन और वीसीके का समर्थन हासिल करने की कोशिशें तेज कर दी हैं. थिरुमावलवन के आवास पहुंचीं टीवीके की राज्य महिला विंग की समन्वयक डॉ. स्पूर्ति अरुण ने कहा कि दोनों दल सामाजिक न्याय और अंबेडकरवादी राजनीति जैसी समान विचारधारा साझा करते हैं. उन्होंने विजय को “अंबेडकर का मजबूत समर्थक” बताते हुए उम्मीद जताई कि टीवीके और वीसीके साथ आएंगे. डॉ. स्पूर्ति अरुण ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी जारी है और समर्थन को लेकर चर्चा लगातार आगे बढ़ रही है.
तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है. लोक भवन सूत्रों के मुताबिक, टीवीके प्रमुख थलपति विजय ने सरकार बनाने के समर्थन में शुरुआत में 117 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा था. इसमें कांग्रेस, वाम दलों और एएमएमके के एक विधायक का समर्थन शामिल बताया गया. हालांकि बाद में एएमएमके के एकमात्र विधायक एस कामराज ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित तौर पर कहा कि समर्थन पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं. वहीं थोल थिरुमावालावन की पार्टी वीसीके की ओर से भी कोई औपचारिक समर्थन पत्र नहीं मिला. इसके बाद विजय के समर्थन का आंकड़ा घटकर 116 पर पहुंच गया.सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से कहा है कि तत्काल शपथ ग्रहण के लिए उन्हें 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षर लेकर फिर से आना होगा.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच एएमएमके के एकमात्र विधायक एस. कामराज ने अपनी ही पार्टी के प्रमुख टीटीवी दिनाकरण के दावों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया है. कामराज ने इस बात से इनकार किया कि वह लापता थे या विजय की पार्टी ने राज्यपाल को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे.कामराज ने कहा कि वह हमेशा संपर्क में थे और पुडुचेरी से आने के बाद उन्होंने खुद राज्यपाल के सचिव से मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि वह कई फोन इस्तेमाल करते हैं और उनमें से एक पर व्हाट्सऐप नहीं चलाते. कामराज ने यह भी कहा कि मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैल रही “झूठी” खबरों को लेकर वह कानूनी सलाह लेंगे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच वीसीके नेता वन्नी आरासू ने कहा कि पार्टी को “हाशिये पर डालने” या “अलग-थलग करने” की कोशिशें सफल नहीं होंगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब गठबंधन की बातचीत और समर्थन जुटाने की कवायद के बीच वीसीके (विदुथलाई चिरुथाइगल काची) की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है और राज्य की राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदल रही है.
तमिलनाडु में सस्पेंस बरकरार है. तमिलनाडु में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के साथ जारी राजनीतिक खींचतान के बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने आज सुबह 11 बजे अडयार स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का ऐलान किया है. टीटीवी दिनाकरण का कहना है कि टीवीके ने फर्जी समर्थन पत्र दिखाया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहरे 25 से अधिक विधायक अपना सामान पैक कर चेन्नई के लिए रवाना हो गए हैं. हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीती हैं.