इजराजल में आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. इस बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ही वोटिंग के दौरान धांधली के आरोप लगाए हैं. बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि चुनाव के दिन नेगेव में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से ऐसे लिफाफे मिले जिनमें कैश और मंसूर अब्बास से जुड़े बैलेट पेपर थे. नेतन्याहू ने बताया कि पुलिस ने एक इमारत पर छापा मारा और नकदी से भरे लिफाफों के साथ-साथ मतपत्र भी जब्त किए.
पीएम नेतन्याहू ने सरकारी एजेंसियों से इस घटना की जांच कराने की मांग की. नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी और लिकुड समर्थकों से अपील करते हुए कहा है कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और लिकुड के पक्ष में वोट डालें. पीएम ने आरोप लगाया कि चुनाव की निष्पक्षता को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं.
आज इजरायल में स्थानीय समय के अनुसार 7 बजे से मतदान हो रहा है. इस दौरान 73 लाख लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इजरायल में बैलेट पेपर से मतदान और रहा है और सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए गए हैं.
द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार पुलिस के अनुसार दक्षिण के बदौइन समुदायों के तीन लोगों को रात में गिरफ्तार किया गया. उन पर आरोप है कि वे लोगों को पारंपरिक अरब पार्टी 'राआम' (Ra’am) के पक्ष में वोट देने के लिए रिश्वत देने की साजिश में शामिल थे.
पुलिस ने बताया कि संदिग्धों के घरों की तलाशी लेने पर कुछ सबूत मिले हैं, जिनमें ऐसे लिफाफे शामिल हैं जिनमें हजारों शेकेल नकद रखे हुए थे.
पुलिस ने आगे बताया कि इन तीनों को आज एक जज के सामने पेश किया जाएगा जहां उनके रिमांड को बढ़ाने को लेकर सुनवाई होगी.
मतदान में धांधली के आरोप
द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार पीएम नेतन्याहू के अलावा ओफ़र विंटर की 'पीपल ऑफ इज़रायल' पार्टी और एविग्डोर लिबरमैन की 'यिसरायल बेतेनु' पार्टी ने कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है और सेंट्रल इलेक्शन कमिटी में शिकायतें दर्ज कराई हैं.
'पीपल ऑफ इज़रायल' का कहना है कि कुछ मतदान केंद्रों से उनकी बैलेट पर्चियां (जिन पर 'चाफ' (ך) अक्षर छपा था) गायब थीं, जबकि कुछ अन्य जगहों पर उन्हें "इस तरह पलट दिया गया था कि वे खाली बैलेट पर्चियां लगें." पार्टी ने एक ऐसी घटना की भी जानकारी दी है, जिसमें एक वोटर ने कथित तौर पर एक मतदान केंद्र से उनकी "सभी" बैलेट पर्चियां हटाने की कोशिश की. पार्टी ने जनता से "सतर्क रहने" और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना देने की अपील की है.
इसके अलावा, 'यिसरायल बेतेनु' ने बीयरशेबा के एक मतदान केंद्र पर "गंभीर गड़बड़ी" की रिपोर्ट दी है. वहां एक वोटर को कथित तौर पर पहले से ही थोड़ा खुला हुआ एक बैलेट लिफाफा मिला, जिसके अंदर 'लिकुड' पार्टी की बैलेट पर्ची मौजूद थी. पार्टी का कहना है कि मतदान केंद्र के अधिकारियों ने उनके प्रतिनिधि के सामने इस घटना की पुष्टि की, और प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए.
गादी आइसेनकोट की पार्टी 'याशर' का कहना है कि उन्हें अपनी बैलेट पर्चियों को "जानबूझकर नुकसान" पहुंचाने की खबरें मिली हैं, जिनमें पर्चियों की चोरी, उन्हें मतदान केंद्रों से हटाना और पलट देना शामिल है. पार्टी ने यह भी बताया है कि आइसेनकोट के मजबूत समर्थन वाले इलाकों के मतदान केंद्रों पर "बहुत लंबी कतारें" लगी हैं. इससे यह चिंता पैदा हो गई है कि मतदान प्रतिशत को कम करने के लिए जानबूझकर मतदान केंद्रों तक पहुंचने के रास्तों को रोका जा रहा है.
'याशर' पार्टी का कहना है कि "यह चुनाव की निष्पक्षता और जनता के वोट देने के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है." पार्टी ने कहा है कि वे जल्द ही CEC में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे.