मुंबई के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में महंगे घरों की मांग लगातार बनी हुई है. अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच शहर में 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले 3,145 घरों की रजिस्ट्री हुई. इन सौदों की कुल कीमत 32,623 करोड़ रुपये रही. यानी इस दौरान हर दिन औसतन 17 से ज्यादा लग्जरी घरों की रजिस्ट्री हुई. आंकड़े बताते हैं कि देश की आर्थिक राजधानी में प्रीमियम आवासीय प्रॉपर्टी की मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में.
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े आंकड़ों के प्लेटफॉर्म Zapkey की मदद से तैयार Lighthouse Luxury की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में लग्जरी घरों की खरीदारी में और तेजी आई. इस दौरान लेनदेन की संख्या पिछली तिमाही के मुकाबले 10.5% बढ़कर 1,651 हो गई. वहीं, इन सौदों की कुल कीमत 17.1% बढ़कर 17,600 करोड़ रुपये पहुंच गई. इस दौरान एक घर की औसत सौदा कीमत भी 6% बढ़कर 10.7 करोड़ रुपये हो गई.
जुलाई में सबसे ज्यादा लग्जरी घरों की बिक्री
अप्रैल से सितंबर के बीच जुलाई का महीना लग्जरी प्रॉपर्टी बाजार के लिए सबसे मजबूत रहा. इस महीने 618 घरों की रजिस्ट्री हुई, जिनकी कुल कीमत 6,669 करोड़ रुपये थी, इससे पता चलता है कि महंगी आवासीय प्रॉपर्टी खरीदने वालों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है.
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50 करोड़ रुपये से महंगे घरों की मांग दोगुने से ज्यादा बढ़ी
मुंबई के अल्ट्रा-लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में भी खरीदारी तेज रही. अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले घरों के 29 सौदे दर्ज किए गए. इनकी कुल कीमत 2,536 करोड़ रुपये रही. पहली तिमाही में इस श्रेणी के 9 सौदे हुए थे, जबकि दूसरी तिमाही में इनकी संख्या बढ़कर 20 हो गई. सितंबर में ही 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले 9 घरों की रजिस्ट्री हुई. यह संख्या पहली तिमाही में हुए कुल सौदों के बराबर थी.
रिपोर्ट के अनुसार, 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी लग्जरी हाउसिंग लेनदेन में करीब 70% रही. हालांकि, 20 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली प्रॉपर्टी का कुल सौदों की कीमत में योगदान एक चौथाई से ज्यादा रहा. इससे पता चलता है कि बाजार में महंगी प्रॉपर्टी खरीदने वाले ग्राहकों की भूमिका भी अहम है.
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Godrej Trilogy Seafront सबसे आगे
मुंबई के लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में वर्ली स्थित Godrej Trilogy Seafront सबसे आगे रहा. अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच इस परियोजना में 1,199 करोड़ रुपये के घरों की रजिस्ट्री दर्ज की गई.
डेवलपर के लिहाज से Godrej Properties पहले स्थान पर रही. कंपनी के यहां 207 घरों के सौदे हुए, जिनकी कुल कीमत 2,360 करोड़ रुपये रही, इसके बाद Oberoi Realty 1,818 करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं, Lodha Developers में 1,741 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के सौदे दर्ज किए गए.
वर्ली में लग्जरी घरों की सबसे ज्यादा मांग
मुंबई के लग्जरी हाउसिंग बाजार में वर्ली सबसे बड़ा केंद्र बना रहा, अप्रैल से सितंबर के बीच यहां 275 घरों की रजिस्ट्री हुई, जिनकी कुल कीमत 5,558 करोड़ रुपये रही. इस इलाके में एक घर की औसत सौदा कीमत 20.2 करोड़ रुपये दर्ज की गई.
हालांकि, लग्जरी घरों की मांग अब केवल वर्ली तक सीमित नहीं है. अंधेरी वेस्ट और वर्सोवा में पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में प्रॉपर्टी सौदों की कुल कीमत दोगुनी हो गई. वहीं, तारदेव में तिमाही आधार पर 125% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
मुंबई के 10 प्रमुख लग्जरी हाउसिंग इलाकों में कुल लेनदेन की कीमत दूसरी तिमाही में पहली तिमाही के मुकाबले 26% बढ़ी. यह पूरे लग्जरी बाजार में दर्ज 17.1% की वृद्धि से अधिक थी, इससे संकेत मिलता है कि महंगे घरों की मांग शहर के दूसरे इलाकों में भी फैल रही है.
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मुंबई के लग्जरी किराये के बाजार में भी तेजी
मुंबई में महंगे घरों की मांग केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि लग्जरी किराये का बाजार भी सक्रिय बना हुआ है. जून से सितंबर 2026 के बीच शहर में 20 लाख रुपये या उससे अधिक मासिक किराये वाले 8 घर किराये पर दिए गए. इनमें से 7 घर कंपनियों ने किराये पर लिए थे. वहीं, वर्ली स्थित Oberoi 360 West के एक घर का रिपोर्ट में दर्ज सबसे ज्यादा मासिक किराया 28.5 लाख रुपये रहा.