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अमेरिका से तनाव के बीच ईराक का बड़ा ऑपरेशन, होर्मुज से भेजा 20 लाख बैरल कच्चा तेल

इराक की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते 20 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा है. कंपनी अपना बेड़ा बढ़ाने और क्षेत्रीय शिपिंग कंपनियों से मुकाबला करने के लिए नए क्रूड ऑयल टैंकर खरीदने की योजना बना रही है.

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इराक की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी ने होर्मुज से भेजा कच्चा तेल (File photo: Reuters)
इराक की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी ने होर्मुज से भेजा कच्चा तेल (File photo: Reuters)

इराक की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते एक बहुत बड़े क्रूड कैरियर (VLCC) से 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल भेजा है. कंपनी के डायरेक्टर जनरल ने शनिवार को बताया कि दशकों में पहली बार कंपनी ने ऐसा ऑपरेशन किया है. 

इसका मतलब है कि कंपनी कच्चे तेल को सिर्फ बसरा बंदरगाह तक पहुंचाने की बजाय सीधे होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भेज रही है. इससे सरकारी तेल कंपनी SOMO को तेल की बिक्री और उसके लिए बेहतर कीमत तय करने में ज्यादा विकल्प मिलेंगे. कंपनी को यह तय करने में आसान होगी कि कच्चे तेल और कैसे और कहां भेजा जाए. 
 
कंपनी के डायरेक्टर जनरल, अली क़ैस अब्दुल जब्बार ने एक बयान में कहा कि इस कदम से SOMO को तेल बेचने के बेहतर मौके मिल सकते हैं. उन्होंने बताया कि इराक की ऑयल टैंकर कंपनी अपना बेड़ा बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है. ऐसे में, इसके लिए कंपनी खास तरह के क्रूड ऑयल टैंकर खरीदने और उन्हें अपने अधिकार में लेने पर भी काम कर रही है. कंपनी ऐसा इसलिए कर रही है ताकि वह क्षेत्र की दूसरी शिपिंग कंपनियों का बेहतर तरीके से मुकाबला कर सके.  

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इराक ने अपने ऑयल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति पहले ही ईरान से ले ली है. ईरान ने अमेरिका के साथ टकराव के दौरान इस अहम समुद्री रास्ते को असल में बंद कर दिया था. 

यह भी पढ़ें: 'हमारे मुल्क से निकलो', अमेरिका ने ईरानी राजनयिकों को दिखाया बाहर का रास्ता

बीते दिनों, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संकेत दिया था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी करता है और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देता है, तो वह एक हफ्ते के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोल सकता है.

हालांकि ट्रंप ने इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था कि ईरान खराब स्थिति में होने की वजह से समझौता करना चाहता है और उसका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद मध्यस्थ दोनों देशों के बीच जंग खत्म कराने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोलने की कोशिश में जुटे हैं.

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