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'भारी छूट पर तेल देंगे लेकिन शर्त ये है कि...' रूस के बाद अब इस देश ने भारत को दिया बड़ा ऑफर

होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल सप्लाई में रुकावट आने के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. मध्य-पूर्व के देश अपना तेल नहीं बेच पा रहे हैं. इस बीच इराक ने अपने तेल पर भारी छूट जारी की है. हालांकि, इसकी शर्त इतनी मुश्किल है जिसे पूरा करना जोखिमभरा है.

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 इराक भारी छूट पर अपना तेल ऑफर कर रहा है (Representational Photo: ADNOC)
इराक भारी छूट पर अपना तेल ऑफर कर रहा है (Representational Photo: ADNOC)

होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल सप्लाई अब भी बुरी तरह बाधित है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इस वजह से तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं. इस बीच इराक अब अपने खरीदारों, जिसमें भारत भी शामिल है, को अपने यहां से कच्चा तेल लेने के लिए भारी छूट दे रहा है. इराक ने इस महीने लोड होने वाले कच्चे तेल के कार्गो पर टर्म कॉन्ट्रैक्ट वाले खरीदारों के लिए कीमतों में बड़ी कटौती की है.

हालांकि इसमें एक पेंच है: अगर किसी देश को इराक का यह सस्ता तेल खरीदना है तो उसे फारस की खाड़ी के अंदर स्थित टर्मिनलों से तेल उठाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से होकर ही गुजरना होगा. यह जहाज और क्रू के लिए बेहद रिस्की होगा.

फरवरी के अंत में संघर्ष बढ़ने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते शिपिंग गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हुई झड़पों ने चार हफ्ते के युद्धविराम की स्थिरता पर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. हालांकि, मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए जहाजों को निकालने की खातिर शुरू किए गए अमेरिकी ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका जाता है.

इससे पहले, खाड़ी से निर्यात बाधित होने के कारण स्टोरेज तेजी से भरने लगे थे, जिसके चलते इराक ने उत्पादन घटाने का कदम उठाया.

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33 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा सस्ता तेल ऑफर कर रहा इराक

इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO ने 3 मई को एक डॉक्यूमेंट जारी किया जिसके मुताबिक, ओपेक का सदस्य इराक अपने बेंचमार्क ‘बसरा मीडियम’ ग्रेड पर प्रति बैरल 33.40 डॉलर तक की भारी छूट दे रहा है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, नोटिस में महीने के अलग-अलग समय के लिए अलग-अलग छूट के लेवल बताए गए हैं.

जहाजों की ट्रैकिंग से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल दो टैंकरों ने कच्चा तेल लोड किया. मार्च में यह संख्या 12 टैंकर रही थी. अप्रैल में रुकावट इसलिए आई क्योंकि खाली जहाजों को होर्मुज के रास्ते खाड़ी में प्रवेश करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

सामान्य परिस्थितियों में इस बंदरगाह से हर महीने 80 टैंकरों में तेल लोड होता है. हालांकि, इन मुश्किलों के बावजूद, इराक तुर्की के रास्ते पाइपलाइन से तेल निर्यात जारी रखे हुए है. लेकिन पाइपलाइन के रास्ते इराक उतना तेल नहीं बेच पाता जितना समुद्री रास्ते से कार्गो के जरिए बेचता है.

नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर कोई खरीदार मई वाली कीमतों पर तेल खरीदने के लिए मान जाता है, तो बाद में वो 'मजबूरी' या 'हालात खराब हैं' कहकर डील से पीछे नहीं हट सकता. क्योंकि ये ऑफर पहले से ही खराब और असामान्य हालात को ध्यान में रखकर दिया गया है.

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1 से 10 मई के बीच लोड होने वाले कार्गो के लिए बसरा मीडियम तेल पर प्रति बैरल 33.40 डॉलर की छूट दी जा रही है, जबकि महीने के बाकी दिनों में यह छूट घटकर 26 डॉलर रह जाएगी. वहीं ‘बसरा हेवी’ को आधिकारिक कीमत से 30 डॉलर कम पर ऑफर किया जा रहा है. 

इराक से भारत कितना तेल खरीदता है?

भारत सामान्य रूप से इराक से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन अप्रैल 2026 में होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के बाद से इराक से तेल का आयात लगभग शून्य हो गया है. इराक लंबे समय से भारत का टॉप 2-3 प्रमुख क्रूड ऑयल सप्लायर रहा है. साल 2022 में भारत की तेल खरीद में इराक का शेयर 26% था. 

2024 में भारत ने इराक से 28-29 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा. इस साल की शुरुआत में जब रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध कड़े हो गए तो भारत को रूसी तेल खरीद कम करनी पड़ी.

इन हालातों में भारत ने इराकी तेल की खरीद बढ़ा दी और फरवरी में इराक से 11.8 लाख बैरल तेल प्रतिदिन आया. इस तरह इराक भारत का शीर्ष तेल सप्लायर बन गया. इराक का अधिकांश तेल बसरा पोर्ट से होर्मुज के रास्ते भारत आता है. देखना होगा कि भारत इराक के इस ऑफर का लाभ ले पाएगा या नहीं.

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