ईरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शनिवार (21 मार्च, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बने तनाव पर भी चर्चा की. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी से कहा कि ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि अमेरिका और इजरायल ने बिना किसी वैध कारण के सैन्य हमले शुरू किए.
पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और निर्दोष नागरिक, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, मारे गए हैं, और सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पड़ोसी देशों में स्थित अपने सैन्य ठिकानों से मिनाब शहर के एक गर्ल स्कूल को निशाना बनाया, जिसमें 168 मासूम बच्चियों की मौत हो गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे को खारिज करते हुए कि ये हमले ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए थे, पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने हमेशा परमाणु हथियारों का विरोध किया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान में परमाणु हथियारों बनाने पर धार्मिक एवं प्रशासनिक प्रतिबंध लगाए गए हैं. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान पर लग रहे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि इजरायल लेबनान, गाजा, ईरान, इराक और कतर में हमले कर क्षेत्र में अशांति बढ़ा रहा है.
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फिर हमले नहीं होंगे इसकी गारंटी दें US-इजरायल
पीएम मोदी के साथ बातचीत में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, 'ईरान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और पारदर्शिता के लिए तैयार रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भी बातचीत शामिल है.' उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को अमानवीय और अनैतिक बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की. ईरानी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया के देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग के जरिए शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें बाहरी हस्तक्षेप न हो.
साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए जरूरी है कि अमेरिका और इजरायल तत्काल अपने हमले रोकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी गारंटी दें. पीएम मोदी से बातचीत के दौरान भारत की ब्रिक्स की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए पेजेश्कियान ने इस संगठन से ईरान के खिलाफ हमलों को रोकने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में स्वतंत्र भूमिका निभाने की अपील की. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-फितर और नवरोज के अवसर पर ईरान के राष्ट्रपति, सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं और शांति व समृद्धि की कामना की.
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ईरान के ऊर्जा ढांचों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं. पीएम मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में जहाजों के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता पर भी जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए.