scorecardresearch
 

ताजा प्रस्ताव पर ईरान को अमेरिका ने क्या जवाब दिया? अब्बास अराघची ने किया खुलासा

ईरान-अमेरिका की 7 महीने से जारी जंग के बीच अब बातचीत ने फिर से जोर पकड़ा है. तेहरान को वॉशिंगटन का आधिकारिक जवाब मिल गया है, लेकिन जवाब में क्या कहा गया है, यह अभी तक साफ नहीं है. इसी बीच अमेरिकी प्रतिबंध, गिरती करेंसी और महंगाई ने ईरान पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.

Advertisement
X
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (File Photo-AFP)
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (File Photo-AFP)

ईरान और अमेरिका के बीच सात महीने से जारी जंग के बीच एक बार फिर बातचीत की हलचल तेज हो गई है. ईरान ने बुधवार को कहा कि उसे युद्ध खत्म करने के अपने प्रस्ताव पर अमेरिका का आधिकारिक जवाब मिल गया है. हालांकि, कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के इस प्रस्ताव को सार्वजनिक तौर पर खारिज कर दिया था.

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका का जवाब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के सामने कैबिनेट बैठक में रखा. सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने इसकी जानकारी दी. पेजेशकियन ने कहा कि ईरान समझौते को आगे बढ़ाने की हर संभव कोशिश करेगा, लेकिन ईरानी लोगों के अधिकारों पर मजबूती से खड़ा रहेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते की बुनियाद दोनों पक्षों के लिए फायदे वाली रणनीति होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: अरब सागर में 526 किलो ड्रग्स जब्त, ईरानी नाव से पांच पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या है ईरान की शर्त?

ईरान ने अभी यह साफ नहीं किया है कि अमेरिका ने उसके प्रस्तावों को माना है या खारिज किया है. बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब ईरानी विदेश मंत्री न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से लौटे हैं. वहां ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत की थी. इसके अलावा कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से भी मुलाकात हुई थी.

Advertisement

बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बड़ा मुद्दा बना हुआ है. ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संकेत दिया था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी करता है और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देता है, तो वह एक हफ्ते के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोल सकता है.

ट्रंप ने इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था कि ईरान खराब स्थिति में होने की वजह से समझौता करना चाहता है और उसका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद मध्यस्थ दोनों देशों के बीच जंग खत्म कराने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोलने की कोशिश में जुटे हैं.

प्रतिबंधों से बढ़ रहा ईरान पर दबाव

इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान में 10 लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि ये लोग और कंपनियां ईरान की सैन्य सप्लाई चेन में मदद कर रही थीं.

यह भी पढ़ें: समंदर में इंडियन कोस्ट गार्ड ने पकड़ी ₹3,000 करोड़ की ड्रग्स, ईरानी नाव से 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

जंग शुरू होने के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता गया है. तेहरान में मंगलवार को एक डॉलर के बदले 25 लाख से ज्यादा रियाल पर कारोबार हुआ, जिसे करेंसी का रिकॉर्ड निचला स्तर बताया गया है. 2 सितंबर को यह आंकड़ा 22 लाख रियाल प्रति डॉलर था. दवाइयों के दाम भी कुछ मामलों में तीन गुना से ज्यादा बढ़े हैं और खाने-पीने की चीजें भी महंगी हुई हैं. अब तेहरान को अमेरिका का जवाब मिल चुका है. बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन जंग खत्म करने की राह अभी भी आसान नहीं दिख रही.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement