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'एक देश नहीं, पूरा मिडिल ईस्ट झेलेगा जंग...', ट्रंप की धमकियों पर खामेनेई ने खींची रेड लाइन

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो यह सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में जंग फैल जाएगी. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और तनाव चरम पर है.

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खामेनेई ने 1979 की क्रांति की वर्षगांठ पर देश को संबोधित किया. (Photo- ITG)
खामेनेई ने 1979 की क्रांति की वर्षगांठ पर देश को संबोधित किया. (Photo- ITG)

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस बार ईरान पर हमला किया गया, तो उसका अंजाम सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में युद्ध फैल जाएगा. राजधानी तेहरान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए 86 वर्षीय खामेनेई ने कहा, "उन्हें जान लेना चाहिए कि अगर उन्होंने इस बार जंग शुरू की, तो यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा."

खामेनेई यह बयान ऐसे समय में दे रहे हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती कर दी है और ईरान पर हमले की आशंका लगातार बनी हुई है. यह भाषण ईरान की इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ पर दिया गया, जब 1979 में आयतुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी फ्रांस से निर्वासन खत्म कर ईरान लौटे थे और अमेरिका समर्थित शाह मोहम्मद रेजा पहलवी को सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

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खामेनेई ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के तेल और प्राकृतिक गैस संसाधनों को "निगलना" चाहता है. उन्होंने हाल के सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को भी विदेशी साजिश बताया और कहा कि यह एक तरह का तख्तापलट था, जिसे नाकाम कर दिया गया.

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IRGC के ठिकानों और मस्जिदों पर हुए हमले

खामेनेई ने कहा कि इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस, सरकारी दफ्तरों, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों, बैंकों और मस्जिदों पर हमले किए गए और कुरान की प्रतियां तक जलाई गईं. खामेनेई ने इसे "नई साजिश" करार दिया, जैसे वह पहले 2009 के ग्रीन मूवमेंट को कहते रहे हैं.

खामेनेई के बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान किसी समझौते के लिए तैयार होगा. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "वह तो ऐसा ही कहेंगे. उम्मीद है कि हम एक डील कर लेंगे. अगर डील नहीं हुई, तो फिर देखेंगे कि वह सही थे या नहीं."

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ईरान में दिसबर में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन

गौरतलब है कि ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे, जब तेहरान में व्यापारियों ने गिरती अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और मुद्रा रियाल की भारी गिरावट के खिलाफ प्रदर्शन किया. बाद में यह आंदोलन देशभर में फैल गया और व्यक्तिगत आजादी, पानी-बिजली संकट और प्रदूषण जैसे मुद्दों से जुड़ गया.

संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इन प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत हुई. एक UN विशेष रिपोर्टर के मुताबिक मृतकों की संख्या 20 हजार से ज्यादा हो सकती है, जबकि अमेरिका स्थित संगठनों ने 6,700 से ज्यादा मौतों का दावा किया है.

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