वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी. आज 1 फरवरी है. देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दिन. आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार पर टिकी हैं. निवेशक इस बात पर टिके हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है. यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है. अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है.
बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी है. वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती सामने है. आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है. घरेलू मांग मजबूत हुई है. फिलहाल, हर वर्ग जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब में बदलाव होगा? क्या रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिर जोर रहेगा? या ग्रामीण खर्च बढ़ाने वाला होगा? Union Budget 2026 से जुड़े हर बड़े ऐलान, हर ब्रेकिंग अपडेट और पल-पल की जानकारी के लिए इस लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें.
Budget 2026: आज आएगा देश का बजट... जानिए कैसे और कहां देख सकेंगे Live
राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया है और लिखा, केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने बजट प्रस्तुति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं.
आज बजट का दिन है. शेयर बाजार से अपडेट आया है. केंद्रीय बजट पेश होने के दिन सेंसेक्स 82,328.15 अंक पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी (NSE) 25,314.60 के स्तर पर है. वहीं, सरकारी सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में GST संग्रह 1,93,384 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.2% की बढ़त है.
संसद भवन में थोड़ी देर में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें बजट पर अंतिम मोहर लगेगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी संसद पहुंच गए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपनी टीम के साथ संसद पहुंचे. वहीं, सपा सांसद अखिलेश यादव ने तंज कसा और कहा, जिस सरकार से उम्मीद नहीं है, उसके बजट से क्या उम्मीद की जाए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं. यहां कैबिनेट में बजट पर अंतिम मोहर लगेगी. उसके बाद सदन के पटल पर रखा जाएगा. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दही चीना खिलाकर बजट की शुभकामनाएं दीं.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वो केंद्रीय बजट 2026-27 में केरल के लिए होने वाली घोषणाओं को लेकर उत्सुक हैं, क्योंकि राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया और कहा कि बिना रोजगार वाली आर्थिक वृद्धि किसी के काम नहीं आती. उन्होंने कहा, वित्त मंत्री हमें क्या बताने वाली हैं, यह सुनने का इंतजार है. आर्थिक सर्वेक्षण अच्छी आर्थिक वृद्धि दिखाता है, लेकिन इस देश के युवाओं के लिए समस्या यह है कि क्या यह वृद्धि रोजगार के साथ आएगी. बिना रोजगार वाली वृद्धि किसी की मदद नहीं करती. हम यह देखने को लेकर चिंतित हैं कि सरकार किस तरह की योजनाएं लेकर आती है. केरल में चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि केंद्र सरकार हमें क्या लाभ दे सकती है. जब तक बजट पेश नहीं हो जाता, तब तक इस पर बात करना मुश्किल है.
बजट से किसानों और मजदूरों को भी उम्मीदें हैं. किसानों की खास मांगों में कृषि यंत्र में जीएसटी खत्म हो, खाद-बीज समय से गुणवत्तापूर्ण मिले और कृषि बीमा प्रभावी ढंग से लागू हो, जिससे किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान होता है तो तुरंत भुगतान हो. सोने और चांदी के बढ़ते दाम भी गांव में बड़ा मुद्दा हैं. उनका कहना है बेटियों की शादी में सोना लेने के लिए खेत बेचने पड़ रहे हैं. कुछ किसान मनरेगा के देर से पेमेंट से भी परेशान हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट को दिखाया. इसी टैबलेट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के आय-व्यय और आर्थिक रोडमैप से जुड़े सभी दस्तावेज शामिल हैं. राष्ट्रपति भवन से निकलने के बाद वित्त मंत्री संसद पहुंचीं, जहां सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा. यह बजट देश की अर्थव्यवस्था, टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी दिशा तय करेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संसद के लिए रवाना हो गई हैं. इससे पहले वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं. उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात की परंपरा का पालन करते हुए यह औपचारिक भेंट हुई. राष्ट्रपति भवन जाने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से रवाना हुईं. इस दौरान उनके हाथ में डिजिटल टैबलेट था, जिसमें Union Budget 2026 का पूरा दस्तावेज मौजूद है. खास बात यह रही कि डिजिटल टैबलेट को पारंपरिक लाल रंग की 'बही-खाता' स्टाइल के बैग में रखा गया है. यह वही परंपरा है, जिसे पिछले कुछ वर्षों से बजट दस्तावेज के प्रतीक के तौर पर अपनाया जा रहा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और बजट के बारे में जानकारी दी और राष्ट्रपति को बजट की प्रति भी सौंपी. उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे.
राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने आजतक के साथ बातचीत में कहा, "चीन इसलिए आज सुपर पॉवर है क्योंकि उसने एआई पर बहुत काम किया है. चीन ने रेयर अर्थ मेटर और ग्रीन एनर्जी पर बहुत काम किया है. अगर हमारे बजट में इन तीनों चीजों पर काम होता है, तो बेहतर होगा."
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका चीन के सामने इसीलिए झुकता है, उसकी वजह यही है कि जिस दिन चीन ने रेयर अर्थ मेटल और एआई पर कंट्रोल कर लिया, उस दिन अमेरिकन मार्केट की इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में दिक्कत होने वाली है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रिकॉर्ड नौवें बजट के लिए एक शानदार कांजीवरम साड़ी चुनी है. यह साड़ी तमिलनाडु की है, जहां कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और जहां बीजेपी लंबे समय से सफलता पाने की कोशिश कर रही है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब राष्ट्रपति भवन पहुंच गईं हैं. वे यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और बजट के बारे में जानकारी देंगी. उसके बाद वित्त मंत्री संसद आएंगी.
बजट से एक दिन पहले, गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Economic Survey of India 2025-26 पेश किया था. बजट से पहले Economic Survey पेश करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति का पूरा खाका सामने रखा जा सके, उससे पहले कि भविष्य की फिस्कल नीतियों का ऐलान हो. Economic Survey को देश की अर्थव्यवस्था की आधिकारिक सालाना “report card” माना जाता है. यह बीते 12 महीनों के आर्थिक प्रदर्शन की डेटा-बेस्ड समीक्षा करता है और आने वाले समय के लिए नीति दिशा का एक व्यापक रोडमैप पेश करता है.
लिस्ट ऑफ बिजनेस के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में Finance Bill, 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. फाइनेंस बिल सरकार के सभी वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है, जिससे टैक्स और अन्य वित्तीय फैसलों को लागू किया जा सके.
लिस्ट ऑफ बिजनेस के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में Finance Bill, 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. फाइनेंस बिल सरकार के सभी वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है, जिससे टैक्स और अन्य वित्तीय फैसलों को लागू किया जा सके.
लोकसभा लिस्ट ऑफ बिजनेस के मुताबिक, लोकसभा की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे शुरू होगी. इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की अनुमानित आय और व्यय का स्टेटमेंट सदन के पटल पर रखेंगी. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री FRBM Act, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो अहम स्टेटमेंट भी सदन में पेश करेंगी. ये दस्तावेज सरकार की मीडियम टर्म फिस्कल प्लानिंग और मैक्रो-इकोनॉमिक सोच को सामने रखते हैं.
संसद भवन के मकर द्वार को फूलों से सजाया गया है. इसी द्वार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन में जाएंगी और 9वीं बार बजट पेश करेंगी. इस बार बजट से आम आदमी को टैक्स में राहत, बेहतर रेलवे सुविधाएं, रोजगार के नए अवसर और महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद है. अब सबकी नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं, जहां इन उम्मीदों को हकीकत में बदलने का रोडमैप सामने आ सकता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं. इसके साथ ही वे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी और पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी. हालांकि, सबसे ज्यादा केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब भी पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज Union Budget 2026 पेश करेंगी. इससे पहले वे अपने आवास से कर्तव्य भवन पहुंचीं. उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे. गौरतलब है कि North Block में पहले वित्त मंत्रालय का मुख्यालय हुआ करता था, लेकिन अब वित्त मंत्रालय का हेडक्वार्टर जनपथ स्थित कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है.
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट को लेकर विकास और रोजगार पर उम्मीद जताई. सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, मुझे उम्मीद है कि यह बजट विकास को और आगे बढ़ाएगा. इस बजट में ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने से जुड़े प्रावधान होंगे. प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है. मुझे उम्मीद है कि इससे कारोबार भी बढ़ेगा.
विजय गुप्ता ने रेलवे से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि यात्रियों को अभी भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. गुप्ता ने कहा, ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए. ट्रेनों की देरी को लेकर भी कुछ किया जाना चाहिए. अगर ट्रैक की संख्या बढ़ाई जाती है तो त्योहारों के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. उन्होंने टैक्स को लेकर कहा, “पिछले बजट में टैक्सपेयर्स को अच्छी राहत मिली थी. अगर इस बार भी टैक्स स्लैब में बदलाव किया जाता है तो मिडिल क्लास के लिए यह बहुत अच्छा होगा.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक अन्य यात्री ने कहा कि बजट से उनकी काफी उम्मीदें हैं. यात्री ने कहा, मुझे बजट से बहुत उम्मीदें हैं. पिछले साल का बजट वाकई काफी अच्छा था. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया, जिससे मिडिल क्लास को फायदा हुआ. मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात में बजट बहुत अहम हो जाता है. भारत खुद को एक सॉफ्ट पावर के तौर पर पेश करता है, ऐसे में बजट का रोल हमारे दूसरे देशों के साथ रिश्तों में भी अहम हो जाता है. उन्होंने आगे कहा, हमने यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील साइन की है, जो बहुत महत्वपूर्ण है. घरेलू अर्थव्यवस्था की बात करें तो सरकार शिपिंग इंडस्ट्री पर काफी फोकस कर रही है. इस बार बजट में इससे जुड़ी कई घोषणाओं की उम्मीद है. इंफ्रास्ट्रक्चर में भी जबरदस्त विकास हुआ है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करने जा रही हैं. इससे पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से आम लोगों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. टैक्स में राहत, रेलवे सुविधाओं में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आईटी सेक्टर में काम करने वाले शिव मंगल रही ने कहा कि पिछली बार सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी. शिव मंगल रही ने कहा, मैं प्राइवेट सेक्टर में आईटी सेक्टर का कर्मचारी हूं. पिछली बार सरकार ने हमें बड़ी राहत दी थी. इस बार भी उम्मीद है कि टैक्स स्लैब में कुछ राहत मिले और नए टैक्स रेजीम को और बेहतर बनाया जाए. रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सुविधाओं में सुधार होना चाहिए. इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी है. मुझे लगता है कि सरकार महंगाई को लेकर भी कुछ करेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय पहुंचे गई हैं. यहां वे अधिकारियों से मिलेंगी और उसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने जाएंगी.
सूत्रों के अनुसार, Budget FY27 को सरकार के भीतर 'Reform Express' कहा जा रहा है. इसका मतलब साफ है कि यह बजट क्रॉस-सेक्टर सुधारों पर केंद्रित होगा. इन सुधारों का मकसद रेगुलेशन को सरल बनाना, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना है. खासकर ऐसे वक्त में, जब ग्लोबल इकोनॉमी सुस्ती में है और अमेरिका की ओर से दोबारा टैरिफ दबाव बढ़ रहा है.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बजट का Part B भारत की उन प्राथमिकताओं को दर्शाएगा, जो 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर में देश को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाएंगी. इस हिस्से में भारत की मौजूदा आर्थिक क्षमताएं, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और एक्सपोर्ट में भविष्य की संभावनाएं, ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों पर खुलकर बात होगी. यही वजह है कि इस सेक्शन पर देश-विदेश के अर्थशास्त्रियों और पॉलिसी एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी रहेंगी.
अब तक बजट भाषण में Part A को सबसे अहम माना जाता रहा है, जिसमें अर्थव्यवस्था की स्थिति, चुनौतियां और नीति की बड़ी दिशा बताई जाती थी. वहीं Part B को आमतौर पर टैक्स प्रस्तावों और तकनीकी घोषणाओं तक सीमित रखा जाता था. लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई होगी. सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री Part B में असामान्य रूप से विस्तार से बोलेंगी, जिसमें न सिर्फ अल्पकालिक नीतिगत कदम बल्कि लॉन्ग टर्म इकॉनमिक विजन भी रखा जाएगा.
बीजेपी ने फैसला किया है कि सभी प्रदेश कार्यालयों में बजट भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा. इसके लिए दफ्तरों में टीवी सेट लगाए जाएंगे और सभी कार्यकर्ताओं को बजट का लाइव प्रसारण देखने के निर्देश दिए गए हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. इस बार का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक और परंपरा तोड़ने वाला माना जा रहा है. सरकार के सूत्रों के मुताबिक, बजट भाषण का Part B इस बार सबसे अहम हिस्सा होगा, जहां भारत की आर्थिक दिशा और सुधारों का पूरा खाका पेश किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं, जिससे वे एक नया रिकॉर्ड बना रही हैं. इसके साथ ही वे अगले वित्त वर्ष में बजट पेश करते ही पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की बराबरी कर लेंगी, जिन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 10 बार बजट पेश किया था. निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली दूसरी महिला भी हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम रही है, जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए केंद्रीय बजट पेश किया था.
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केंद्रीय बजट के दिन शेयर बाजार सामान्य दिनों की तरह खुला रहेगा. भले ही 1 फरवरी को आज रविवार है, लेकिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और अन्य बाजारों में नियमित लाइव ट्रेडिंग सेशन होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे से बजट पेश करेंगी, जबकि इससे पहले शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने एक सर्कुलर जारी कर जानकारी दी है कि बजट वाले दिन सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बाजार खुला रहेगा और सामान्य कारोबार होगा.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 8 बजे के बाद अपने आवास से वित्त मंत्रालय पहुंचेंगी. उसके बाद वे बजट डॉक्यूमेंट लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और बजट के बारे में जानकारी देंगी. सुबह 10 बजे तक वित्त मंत्री संसद भवन पहुंचेंगी और बजट पर कैबिनेट की मोहर लगेगी. सुबह 11 बजे से बजट भाषण शुरू होगा. दोपहर 2 बजे तक वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी.
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केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही भाजपा देशव्यापी प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के नेतृत्व में एक केंद्रीय समिति बनाई है. यह अभियान 1 से 15 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान देश भर में 150 से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी, जिनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री हिस्सा लेंगे. 2 से 10 फरवरी के बीच चरणबद्ध तरीके से बजट की प्रमुख बातें आम लोगों तक पहुंचाई जाएंगी. मंत्री टियर-1, टियर-2, टियर-3 शहरों से लेकर जिलों और कस्बों तक पहुंचेंगे. भाजपा छात्रों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, MSME, व्यापारियों और कारीगरों से संवाद करेगी. सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स के साथ वीडियो रील्स, पॉडकास्ट और अखबारों में संपादकीय भी प्लान का हिस्सा हैं. पार्टी का दावा है कि यह बजट सिर्फ सालाना दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत का रोडमैप है.
सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है. छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए कंप्लायंस आसान करने के कदम उठाए जा सकते हैं. लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन नियमों पर स्पष्टता, जिसकी इंडस्ट्री लंबे समय से मांग कर रही है. हालांकि, ये बदलाव इन्क्रिमेंटल होंगे और महीने की सैलरी में बड़ा फर्क नहीं डालेंगे.
बजट 2026 से पहले इनकम टैक्स को लेकर आमतौर पर दिखने वाला उत्साह इस बार नजर नहीं आ रहा है. जानकारों की मानें तो इस बजट में बड़े इनकम टैक्स बदलाव की संभावना बेहद कम है. दरअसल, Budget 2025 में ही पर्सनल टैक्स सिस्टम का बड़ा रीसेट किया जा चुका है. नए टैक्स रिजीम में स्लैब बदलने और स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने के बाद करीब 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी गई थी. मिडिल क्लास के लिए यह बड़ा झटका-रहित सुधार था. सरकार आमतौर पर लगातार दो बजट में इतने बड़े टैक्स बदलाव नहीं करती, इसलिए इस बार स्पेस सीमित है.
केंद्रीय बजट सिर्फ संसद में दिया गया भाषण नहीं होता. इसके पीछे महीनों की तकनीकी प्रक्रिया, आकलन और समीक्षा होती है. वित्त मंत्रालय बजट आवंटन तय करते समय चार अहम आधारों पर काम करता है.
बजट तय करने के 4 पैमाने
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश किया है. इस सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक बिखराव और आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है. सर्वे के मुताबिक, FY 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है. यह लगातार चौथा साल है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है. इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं. वैश्विक दबावों के बावजूद भारत ने खुद को हाई-ग्रोथ ट्रैक पर बनाए रखा है और पोटेंशियल GDP ग्रोथ 7% तक पहुंची है. सर्वे ने भारत को ऐसे समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था का उजला पक्ष बताया है, जब कई देश सुस्ती और अस्थिरता से जूझ रहे हैं.
बजट से पहले निवेशक टैक्स, घाटा नियंत्रण, कैपेक्स और ग्लोबल संकेतों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. Economic Survey की भाषा से बाजार बजट की दिशा और सरकार के इरादों का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहा है.
Economic Survey ने माना है कि अमेरिका की संभावित टैरिफ नीतियां, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव भारत के लिए बाहरी जोखिम बने हुए हैं. बजट में एक्सपोर्ट और घरेलू बफर मजबूत करने पर जोर रह सकता है.
सूत्रों के अनुसार PM Internship Scheme में उम्र सीमा 21-24 साल से बढ़ाकर 18-30 साल करने पर विचार चल रहा है. स्टाइपेंड बढ़ाने और इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों की संख्या 500 से बढ़ाकर करीब 6000 करने की योजना है.
सरकार FY27 में MGNREGA को नए ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन’ से बदलने की दिशा में सोच रही है. इस नए फ्रेमवर्क पर करीब 95 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
सूत्रों के मुताबिक Budget 2026 में ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में डबल डिजिट बढ़ोतरी हो सकती है. MGNREGA, PMAY-G और PMGSY जैसे कार्यक्रमों पर खर्च बढ़ाकर ग्रामीण मांग को सहारा देने की तैयारी है.
Economic Survey के मुताबिक भारतीय लेबर मार्केट डिजिटलाइजेशन, ग्रीन एनर्जी और गिग व प्लेटफॉर्म वर्क की ओर तेजी से बदल रहा है. पोस्ट-कोविड दौर में अब नौकरियों की संख्या से ज्यादा काम की क्वालिटी पर जोर है.
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Economic Survey ने चेताया है कि कामकाजी उम्र के लोगों में दिल की बीमारियां, डायबिटीज और मेंटल हेल्थ जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज तेजी से बढ़ रही हैं. बजट में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और मेडिकल रिसर्च पर फोकस बढ़ सकता है.
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Economic Survey के अनुसार 15 से 59 साल की कामकाजी आबादी अगले 10 साल में 98 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी. यह भारत की बड़ी ताकत है, लेकिन हेल्थ, स्किलिंग और रोजगार पर दबाव भी उतना ही गंभीर है.
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Economic Survey 2025-26 के मुताबिक भारत की FY27 ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है. घरेलू मांग मजबूत बताई गई है, लेकिन वैश्विक जोखिम भी बढ़ते दिख रहे हैं. बजट में इन संकेतों की झलक नजर आ सकती है.
टैक्स, इंश्योरेंस, NPS, सोना-चांदी और किसान... आज वित्त मंत्री कर सकती हैं ये 10 बड़े ऐलान
आज 1 फरवरी को मोदी सरकार अपना केंद्रीय बजट पेश करने जा रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में लगातार अपना 9वां बजट रखेंगी. टैक्सपेयर्स, किसान, युवा और निवेशक सभी को बड़े ऐलानों का इंतजार है.