scorecardresearch
 

होर्मुज से गल्फ वापस लौटा पाकिस्तान जा रहा कंटेनर जहाज! शहबाज को ईरान का बड़ा झटका

अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थ बनने की पेशकश की है. इस बीच पाकिस्तान को ईरान ने बड़ा झटका दिया है. ईरान ने पाकिस्तान जा रहे एक कंटेनर को होर्मुज के एंट्री गेट पर ही रोक दिया.

Advertisement
X
ईरान ने पाकिस्तान के जहाज को होर्मुज से वापस लौटा दिया है (Representative Photo: Reuters)
ईरान ने पाकिस्तान के जहाज को होर्मुज से वापस लौटा दिया है (Representative Photo: Reuters)

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग के बीच पाकिस्तान खुद को एक मध्यस्थ की तरह पेश कर रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ बनने की पेशकश की है और उनके इस प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया है. लेकिन इस बीच खबर है कि मध्यस्थ बनने की तमन्ना लिए बैठे पाकिस्तान जा रहे एक कंटेनर जहाज को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से लौटा दिया है.

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के एंट्री गेट पर कराची जा रहे एक कंटेनर जहाज को वापस लौटा दिया. ईरान ने कहा कि पाकिस्तान जा रहे जहाज ने इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत पहले से नहीं ली थी.

AIS ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ‘सेलेन (Selen)’ नाम का जहाज 23 मार्च को शारजाह एंकरेज से रवाना हुआ था और पाकिस्तान की ओर सामान्य रास्ते पर जा रहा था. लेकिन होर्मुज के पास पहुंचते ही उसने अचानक दिशा बदल ली और वापस खाड़ी की ओर लौट गया. इसके बाद पता चला कि ईरान ने उसे होर्मुज क्रॉस ही नहीं करने दिया.

ईरानी सेना के एलिट फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बाद में पुष्टि की कि उसने इस मामले में हस्तक्षेप किया.

रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि जहाज को इसलिए वापस भेजा गया क्योंकि उसने 'कानूनी प्रोटोकॉल' का पालन नहीं किया और स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं ली. 

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा कि अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी समुद्री अधिकारियों के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा.

Equasis डेटा के अनुसार सेलेन एक छोटा फीडर कंटेनर जहाज है, जो सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के तहत रजिस्टर है और दुबई की कंपनी एक्सीड ओशेनिक ट्रेडिंग LLC इसका संचालन करती है.

शहबाज शरीफ ने की है अमेरिका-इजरायल में मध्यस्थता की पेशकश

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने की पेशकश की है.

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने शहबाज शरीफ के मध्यस्थता के प्रस्ताव को सोशल मीडिया पर साझा किया, हालांकि अमेरिका की भागीदारी की पुष्टि नहीं की.

इसके बावजूद ईरान ने साफ किया है कि फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है और वो अमेरिका-इजरायल के साथ अपनी जंग को जारी रखेगा.

कराची जा रहे जहाज को वापस लौटाना इस बात का संकेत है कि ईरान अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ज्यादा कंट्रोल स्थापित कर रहा है. 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू हुआ था.

जवाब में ईरान ने दुनिया के ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया और अब केवल कुछ ही जहाजों को वहां ईरान की इजाजत से गुजरने की अनुमति है. युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज पार कर करीब 5-7 तेल और गैस टैंकर भारत पहुंचे हैं. 

Advertisement

होर्मुज के बंद होने का असर शिपिंग गतिविधियों पर दिखने लगा है. रास्ता बंद होने से बहुत से जहाज समंदर में ही फंसे हुए हैं या रास्ता बदल रहे हैं, क्योंकि अब पहुंच, लागत और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.

होर्मुज क्रॉस करने से जहाज को रोका जाना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.

ऐसे में अगर यहां आवाजाही पर अनुमति जैसी शर्तें लागू होती हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार, माल भाड़ा दरों और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है.

पाकिस्तान जा रहे कंटेनर जहाज को रोका जाना शहबाज शरीफ की सरकार के लिए बड़ा झटका है. एक तरफ जहां वो खुद को कूटनीतिक मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के ही बंदरगाह की ओर जा रहे जहाज को इस अहम मार्ग पर रोक दिया गया.  

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement