ईरान ने बुधवार को कहा कि वो एक लंबे और थकाऊ युद्ध के लिए तैयार है, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे दो कमर्शियल जहाजों, जिनमें एक भारत आ रहा था, पर हमला करने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान का कहना है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों ने अगर उसके आदेशों की अनदेखी की तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा.
ईरान ने वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट पर अपना दबाव और कड़ा कर दिया है. ये वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई गुजरती है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अमेरिकी सेना के हमलों के लिए बहुत कम ठिकाने बचे हैं और वो जब चाहें, युद्ध खत्म हो सकता है.
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में व्यापक संघर्ष शुरू हो गया.
तेल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए IEA ने उठाया ये कदम
तेल की कीमतों में उछाल को कंट्रोल करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने कहा कि उसके सदस्य देश अपने भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करेंगे, जो अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक तेल की रिलीज होगी.
बुधवार को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का 12वां दिन है. समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि वो उन आर्थिक केंद्रों और बैंकों को निशाना बनाएगा जिन्हें वो अमेरिका और इजरायल से जुड़ा मानता है. इस धमकी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दुबई से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है.
भारत से जुड़े जहाज पर हमले को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने कहा कि उसने लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एक्सप्रेस रोम' और थाईलैंड के बल्क कैरियर 'मयूरी नारी' पर इसलिए हमला किया क्योंकि उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड की नेवी की चेतावनी के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में एंट्री की.
मयूरी नारी भारत के गुजरात के कांडला बंदरगाह की तरफ आ रहा था जिसे ईरान ने टार्गेट किया. ओमान की नेवी ने जहाज के 20 क्रू मेंबर को बचा लिया, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है. थाईलैंड की नेवी की तरफ से जारी तस्वीरों में जहाज से काला धुआं उठता दिखाई दिया.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी असर पड़ सकता है, खासकर एशिया और यूरोप पर. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी7 देशों से अपील की है कि इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द बहाल करने के लिए कदम उठाए जाएं. वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से मानवीय सहायता ले जा रहे जहाजों को गुजरने देने की अपील की है.