ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'स्टोन एज' वाली टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के परमानेंट मिशन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को स्टोन एज में वापस भेजने की धमकी उनकी ताकत नहीं, बल्कि अज्ञानता को दर्शाता है.
ईरान के परमानेंट मिशन ने X पर जारी बयान में कहा, 'ईरान की सभ्यता 7,000 वर्षों से अधिक पुरानी है, जबकि अमेरिका का इतिहास मुश्किल से 250 वर्ष पुराना है. सभ्यताओं की पहचान उनके इतिहास, संस्कृति, ताकत और मानवता के लिए दिए योगदान से होती है. दुनिया आज भी उन ज्ञान और योगदान की ऋणी है, जो ईरानी विद्वानों ने हजारों वर्षों में मानवता को दिए हैं. ऐसी सभ्यता को बमबारी से नष्ट नहीं किया जा सकता.'
यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है. इससे पहले ईरान ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के उस बयान पर तीखा तंज कसा, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट के इस देश को स्टोन एज में भेजने की धमकी दी थी. हेगसेथ के X पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने करारा जवाब दिया.
ईरानी दूतावास ने लिखा, 'स्टोन एज? जब आप गुफाओं में आग की तलाश कर रहे थे, तब हम साइरस सिलेंडर पर मानवाधिकारों के बारे में लिख रहे थे. हमने सिकंदर और मंगोलों के आक्रमणों को झेला है और फिर भी कायम रहे, क्योंकि ईरान सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक सभ्यता है.' इसी बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने भी अमेरिका को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने X पर लिखा कि अमेरिका खुद अपने सैनिकों को मौत की ओर धकेल रहा है और वॉशिंगटन की बयानबाजी को हॉलीवुड की काल्पनिक फिल्मों जैसा बताया. मूसावी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान पर निशाना साधते हुए कहा, 'आप अपनी 250 साल पुराने इतिहास के दम पर 6000 साल पुरानी सभ्यता को धमका रहे हैं. यह आपकी कमजोर सोच को दर्शाता है.'
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने हालिया संबोधन में कहा था कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को जल्द ही पूरा करने के करीब है और आने वाले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बेहद कड़े हमले किए जाएंगे. उन्होंने कहा, 'हमने जो प्रगति की है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम जल्द ही अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लेंगे. बहुत जल्द. हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा प्रहार करेंगे और उन्हें वहीं पहुंचा देंगे, जहां वे हैं- स्टोन एज में.'