Iran president Masoud Pezeshkian And Donald Trump. Photo ITG US-Israel-Iran War Live Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते दिनों 34 दिनों से भीषण युद्ध जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने खुलासा किया है कि उनकी सेना ने अब तक ईरान के 12,300 से ज्यादा टारगेट पर सटीक हमले किए हैं. इन हमलों में ईरान के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और हथियारों के भंडारण बंकरों को निशाना बनाया गया है.
अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत से अब तक आधुनिक लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों द्वारा 13,000 से अधिक उड़ानें भरी जा चुकी हैं, जिसमें ईरान के 155 से अधिक नौसैनिक जहाजों को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया गया है. जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. ईरान के इस्फहान प्रांत के हवाई अड्डे पर हमले की खबरें हैं, जबकि कुवैत ने पिछले 24 घंटों में अपनी सीमा में घुसे 3 क्रूज मिसाइलों और 15 ड्रोन को मार गिराया है.
साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में साफ कर दिया है कि अभी युद्ध नहीं रुकेगा, आने वाले 2 से 3 हफ्तों में वो ईरान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाने वाले हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वो ईरान के साथ कोई डील नहीं करेंगे.
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ईरान ने कहा कि उसने जॉर्डन में ड्रोन हमले में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया. सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कहा कि उसने जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों पर ड्रोन हमला किया.
ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं. पिछले एक घंटे में, इजरायल के 768 कस्बों में अलर्ट जारी किए गए हैं. सिर्फ पिछले 1 घंटे में ही 2400 से ज्यादा अलर्ट जारी हुए हैं. पिछले 12 घंटों में 600 से ज्यादा मिसाइल अलर्ट बजे हैं.
ईरान में B1 पुल पर जोरदार हमला किया गया है. इस हमले में पुल को भारी नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है कि यह पुल मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - ईरान को बड़ा झटका, US-इजरायल के हवाई हमलों में मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल तबाह
ईरानी मीडिया ने बताया कि बुधवार को हुए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक विशेष इकाई के कमांडर की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि 'फतेहीन' स्पेशल यूनिट के कमांडर मोहम्मद अली फतहलिजादेह मारे गए लोगों में शामिल थे.
फतेहीन यूनिट IRGC का हिस्सा है, और इसके सदस्यों को खास तरह की मिलिट्री ट्रेनिंग मिलती है. साथ ही, उन्हें पहले सीरिया जैसे संघर्षों में भी तैनात किया जा चुका है.
पूरी दुनिया में अब सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका में आगामी मिड-टर्म चुनाव को लेकर क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के साथ जंग में खेल बिगाड़ दिया है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं - पेट्रोल 4 डॉलर पार, जनता नाराज... क्या मिड-टर्म चुनाव ट्रंप को ईरान जंग से पीछे हटने पर मजबूर कर रहा?
ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने अमेरिका के संभावित ग्राउंड अटैक पर बयान दिया. उन्होंने चेताया कि, 'अगर दुश्मन जमीनी हमला करने की कोशिश करता है, तो उनमें से एक भी जिंदा बचकर नहीं निकलना चाहिए.'
जनरल हातामी ने ऑपरेशनल बेस को आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें दुश्मन की हर हरकत और गतिविधि पर पल-पल, पूरी सावधानी और बारीकी से नजर रखने और दुश्मन के हमले के तरीकों का सही समय पर जवाब देने की योजनाएं लागू करने का निर्देश दिया गया.
पूरे ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट का गुरुवार को 34वां दिन था. यानी 792 घंटे से ज्यादा से वहां इंटरनेट नहीं है. इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप ने कहा, 'युद्ध के दौरान होने वाली मौतों, गिरफ्तारियों और फांसी की सज़ाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच, दोस्त और परिवार के लोग बाहरी दुनिया से काफी हद तक कटे हुए हैं.'
उत्तरी इराक के आसमान में एयर वॉरफेयर का एक रोमाचंक वीडियो सामने आया है. यहां अमेरिकी वायुसेना का मॉर्डन F-15 फाइटर जेट एक ईरानी शाहेद ड्रोन का पीछा कर रहा है. जंग की टेंशन के बीच इन दोनों विध्वंसक हथियारों की डॉगफाइट युद्ध के थ्रिल का एहसास कराती है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश को संबोधित करने वाले थे तो पूरी दुनिया को लगा कि जंग खत्म करने का ऐलान करेंगे, लेकिन वे आए और 20 मिनट की स्पीच में अगले 20 दिन का वॉर प्लान बता गए. ट्रंप ने कहा कि ईरान से डील की कोई जरूरत नहीं है, अमेरिका अपना अभियान जारी रखेगा. अगले दो-तीन हफ्ते बताएंगे कि ईरान के खिलाफ क्या बड़ा कदम उठाएंगे. ट्रंप के इस ऐलान के बाद ईरान ने फिर इजरायल की ओर ड्रोन दागे. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका-ईरान जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया संबोधन में कई बड़े दावे किए गए, जिसमें रिजीम चेंज, महंगाई खत्म, निवेश रिकॉर्ड और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप शामिल थे. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना-नौसेना को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और यहां तक कि ईरान में सत्ता परिवर्तन भी हो चुका है. कई दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए, तो कुछ तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर रखा गया. पढ़ें ट्रंप के दावे का फैक्ट चेक. यहां पढ़ें पूरी खबर...
ब्रिटेन की विदेश मंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए 35 देशों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्पीच के बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप ने दुनिया के सामने अपने उद्देश्यों को स्पष्ट कर दिया. उनके शब्दों ने ये मैसेज दिया है कि अमेरिका अपने नागरिकों और हितों की रक्षा करेगा.
उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने आज रात एक शानदार भाषण दिया. उन्होंने ईरान में हमारे उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताया है, जिसमें उनके हथियार कारखानों को नष्ट करना
उनकी नौसेना को नष्ट करना, उनकी एयरफोर्स को नष्ट करना, उनको परमाणु शक्ति न बनने देना शामिल है. रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति के नेतृत्व से दुनिया को ये संदेश मिलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने लोगों और हितों की रक्षा करेगा और शक्ति के बल पर शांति बनाए रखेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध पर अपने संबोधन में बड़ा दावा किया कि अमेरिका ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है और उसके अधिकांश सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है, मिसाइल और ड्रोन क्षमता कमजोर कर दी गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि ईरान ने सीजफायर की मांग की है, जबकि अमेरिका अभियान को जल्द खत्म करने की तैयारी में है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां हर बयान अपने आप में एक नई रणनीति का संकेत बन रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 मिनट के अपने संबोधन में जो कहा, उसने इस सवाल को और गहरा कर दिया है कि क्या जंग खत्म होने वाली है या अब और तेज होने वाली है? यहां पढ़ें पूरी खबर...
ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम बीस मिनट का संबोधन दिया. ट्रंप जिन्होंने बार-बार यह धमकी दी है कि अगर ईरान शिपिंग के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता है, तो वह ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला करेंगे, आज संबोधन में बोले कि अमेरिका को इस होर्मुज़ मार्ग से तेल की ज़रूरत नहीं है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
ईरान-इजरायल-अमेरिका वॉर पर नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए ऐसा नरसंहार हो रहा है जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए मानवता के विरुद्ध अपराधों के समान ही जघन्य है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने केसीएनए (KCNA) के हवाले से यह जानकारी दी.
ईरान ने सेंट्रल इजरायल को निशाना बनाते हुए भीषण हमला किया है. आईडीएफ ने बताया कि ईरान ने उत्तरी इजरायल पर एक और बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया, जिससे पूरे इलाके में सायरन बजने लगे.