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ईरानी राष्ट्रपति ने मांगी माफी, फिर भी सऊदी-UAE पर ईरान के हमले क्यों जारी हैं?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी देशों से माफी मांगी थी और हमले बंद करने का वादा किया था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही मिसाइल और ड्रोन हमले फिर शुरू हो गए. IRGC और कट्टरपंथी नेताओं ने माफी का विरोध किया और कहा कि क्षेत्रीय देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है.

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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की माफी के बाद भी मध्य-पूर्व पर हमले जारी हैं
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की माफी के बाद भी मध्य-पूर्व पर हमले जारी हैं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, बहरीन और कतर आदि देशों से माफी मांगी थी. उन्होंने टीवी पर कहा था कि ईरान ने इन देशों पर हमले किए हैं, इसके लिए व्यक्तिगत रूप से और ईरान की तरफ से वो माफी मांगते हैं. उन्होंने वादा किया कि अब ईरान खाड़ी देशों पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला न हो. लेकिन माफी मांगने के कुछ ही घंटों बाद खाड़ी देशों पर फिर से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू हो गए.

शनिवार दोपहर को कतर और यूएई दोनों देशों ने कहा कि ईरान की तरफ से उनके क्षेत्र में मिसाइलें आ रही हैं जिन्हें वो इंटरसेप्ट कर रहे हैं. IRGC ने खुद आगे बढ़कर दावा किया कि उसके ड्रोन ने अबू धाबी के पास स्थित अल धाफ्रा एयरबेस में अमेरिकी एयर कॉम्बैट सेंटर को निशाना बनाया.

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी बलों के एक बेस को भी निशाना बनाया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दोहा में भी धमाकों की आवाज सुनी गई.

राष्ट्रपति पेजेश्कियान की माफी के बाद भी खाड़ी देशों पर जारी हैं ईरान के हमले

पेजेश्कियान की माफी के बावजूद खाड़ी देशों पर हमलों का जारी रहना बताता है कि ईरान में सत्ता की असली ताकत ईरानी एलिट फोर्स IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) के हाथ में है, जो सुप्रीम लीडर के अधीन काम करता है.

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायली हमलों में हत्या के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियान की स्थिति कमजोर हुई है और शासन पर कट्टरपंथी नेताओं का प्रभाव बढ़ा है. खामेनेई की मौत के बाद फैसले लेने का अधिकार अंतरिम नेतृत्व परिषद के पास आ गया है जो IRGC की शक्तियों पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाल सकता है. 

पेजेश्कियान की माफी पर ईरान के कट्टरपंथी नेताओं और IRGC ने भारी विरोध किया. कट्टरपंथी नेताओं का कहना है कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के पास बस एक ही ढाल है और वो है क्षेत्रीय देशों पर दबाव. और यह दबाव उनके क्षेत्र में स्थित अमेरिका से जुड़े ठिकानों को टार्गेट करके ही बनाया जा सकता है.

IRGC और कट्टरपंथी नेताओं ने पेजेश्कियान की माफी को कमजोरी माना है उनकी माफी को नजरअंदाज कर हमले जारी रखे हैं.

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी एजेई, जो राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ तीन सदस्यीय अंतरिम नेतृत्व परिषद के कट्टरपंथी सदस्य हैं, ने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है जिसे देखते हुए खाड़ी देशों पर ईरान के हमले जारी रहेंगे.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'क्षेत्र के कुछ देशों की जमीन, कुछ खुले तौर पर और कुछ सीक्रेट तौर पर, दुश्मन के हाथ में है. उन जगहों का इस्तेमाल हमारे देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों में किया जा रहा है. इसे देखते हुए इन ठिकानों पर तेज हमले जारी रहेंगे.'

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‘जब तक क्षेत्र में अमेरिकी बेस रहेंगे, शांति नहीं’

पेजेश्कियान की माफी से ईरान के एक और प्रभावशाली नेता नाराज दिखे. ईरान की संसद के अध्यक्ष और पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड जनरल मोहम्मद बघेर गालीबाफ ने कहा, 'जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद रहेंगे, तब तक इन देशों में शांति संभव नहीं होगी.'

वहीं कट्टरपंथी मौलवी और सांसद हामिद रसाई ने एक्स पर लिखा, 'मिस्टर पेजेश्कियान, आपका रुख अनप्रोफेशनल, कमजोर और अस्वीकार्य है.' 

इजरायल के ईरानी तेल ठिकानों पर हमला करना भी एक बड़ी वजह

युद्ध शुरू होने के नौवें दिन इजरायल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान स्थित तेल ठिकाने को निशाना बनाया. यह युद्ध में पहली बार था जब अमेरिका-इजरायल ने ईरानी तेल ठिकानों को टार्गेट किया. इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई. चार तेल भंडारण सुविधाओं और तेहरान स्थित एक तेल उत्पादन सेंटर को निशाना बनाने से ईरान बौखला गया.

ईरान ने इसे सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला माना और बदले में गल्फ देशों पर हमले तेज कर दिए. ईरान ने दुबई एयरपोर्ट, सऊदी की ऑयल फैसिलिटी, बहरीन रिफाइनरी को निशाना बनाया. ईरान ने धमकी दी कि अगर खाड़ी में ऑयल फैसिलिटी पर हमला हुआ तो वो भी गल्फ के ऑयल साइट्स पर अटैक करेगा. 

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