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'PAK खुद से कोशिश कर रहा, हम शामिल नहीं', US से मध्यस्थता पर ईरान का इनकार

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के बीच पाकिस्तान के मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है और जो कूटनीतिक प्रयास हुए वे तीसरे पक्ष के संदेशों तक सीमित थे. ईरान के बयान से पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को भारी झटका लगा है.

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ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को दावे को सिरे से खारिज कर दिया है (Photo: Reuters)
ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को दावे को सिरे से खारिज कर दिया है (Photo: Reuters)

पाकिस्तान जहां एक तरफ बड़े-बड़े दावे कर रहा है कि वो ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध में मध्यस्थता कर रहा है वहीं, ईरान ने उसके इस दावे को खारिज कर दिया है. ईरान ने साफ किया है कि उसने ऐसी किसी कूटनीतिक पहल में हिस्सा नहीं लिया है. ईरान ने कहा है कि हाल की कूटनीतिक बातचीत सिर्फ तीसरे पक्ष की तरफ से भेजे गए संदेशों तक सीमित रही है.

मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई का एक बयान शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि ईरान की अमेरिका के साथ 'कोई प्रत्यक्ष बातचीत' नहीं हुई है.

उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वो बिचौलियों के जरिए बहुत बड़ी और ऐसी मांगें कर रहा है जिन्हें पूरा नहीं किया जा सकता. बघाई ने साफ कह दिया कि पाकिस्तान की ये कूटनीतिक कोशिश उनकी अपनी थी और उसमें उनका कोई हाथ नहीं था. बघाई ने कहा, 'हम इसमें शामिल नहीं थे.'

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इसे औपचारिक वार्ता नहीं माना जा सकता और मौजूदा हालात में सीधे बातचीत से इनकार की अपनी पुरानी नीति दोहराई.

ईरान का कहना रहा है कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने का जो प्रस्ताव भेजा था, वो जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करता है और अमेरिका की एकतरफा शर्तों पर आधारित है, जिन्हें ईरान स्वीकार करने को तैयार नहीं है. प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने तीसरे पक्ष के संदेशों की समीक्षा की और वो संदेश भ्रामक लगे हैं. ईरान ने कहा कि ये कूटनीति के बजाय दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं.

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ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल देश का ध्यान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता पर है, न कि ऐसे असंतुलित वार्ता ढांचे में शामिल होने पर.

वार्ता की संभावनाओं के बीच ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर युद्ध खत्म करने और अहम व्यापारिक मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों, तेल कुओं और प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को उड़ा देगा.

ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका ईरान में एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ हमारी सैन्य कार्रवाई खत्म करने को लेकर गंभीर बातचीत कर रहा है.'

उन्होंने आगे कहा, 'काफी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी भी कारण से जल्द समझौता नहीं होता जो शायद हो जाएगा और अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत व्यापार के लिए नहीं खुलता तो हम ईरान के बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे, जिन्हें हमने अब तक जानबूझकर नहीं छुआ है.'

ट्रंप ने कहा, 'यह हमारे कई सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के 47 साल के आतंक के शासन के दौरान मारा है.'

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 6 अप्रैल तक का समय दिया है और इसके बाद अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर बड़े हमले करेगा.

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