
अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली पीस डील से पहले आईआरआईबी ने बहरीन के माउंट अल-दुखान पर स्थित अमेरिकी रडार सिस्टम की सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर तनाव को बढ़ा दिया है. इन तस्वीरों में अमेरिकी रडार सिस्टम हमले के बाद तबाह नजर आ रहा है.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग ने सैटेलाइट तस्वीर साझा कर बताया कि कुछ दिनों पहले ईरानी मिसाइलों ने बहरीन स्थित अमेरिकी रडार सिस्टम को निशाना बनाया. इस हमले में माउंट अल-दुखान पर रणनीतिक रूप से तैनात अमेरिकी सेना के टीपीएस-59 (TPS-59) अर्ली वार्निंग रडार पूरी तरह तबाह हो गया है.
कुवैत में ASR-1000 रडार भी तबाह
इसके अलावा कुवैत के अली अल-सालेम में स्थित एएसआर-1000 (ASR-1000) रडार को अपने सटीक हमलों से पूरी तरह मलबे में तब्दील करके नष्ट कर दिया है.

ईरान ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर अमेरिका के उन बयानों पर भी तंज कसा, जहां वह दावा कर रहे थे कि उन्होंने ईरान के सभी हमलों को नाकाम कर दिया है और दुश्मन (ईरान) को मटियामेट कर दिया है, लेकिन बहरीन से सामने आईं ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने इन सभी दावों की हवा निकाल दी है. जमीनी हकीकत ये है कि अमेरिकी अर्ली वार्निंग रडार अब सिर्फ मलबे का ढेर बन चुका है.
रविवार होगी डील
इससे पहले शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित डील 14 जून को साइन होने वाली है. उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच डील होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल प्रभाव से खोल दिया जाएगा.
ट्रंप ने ये भी दावा किया है कि ये डील इस बात की गारंटी होगी कि ईरान कभी-भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बढ़ेगी. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में बताया था कि अमेरिका-ईरान डील दो चरणों में हो रही है.पहले चरण की शर्तें पूरी होने के बाद अंतिम समझौते पर साइन किए जाएंगे,अगर अमेरिका डील के शुरुआती समझौते नहीं मानता तो ईरान डील साइन नहीं करेगा.